पंजाब में शिरोमणि अकाली दल (SAD) और भाजपा के गठबंधन को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष वर्कर्स की नब्ज टटोलने पंजाब दौरे पर आए तो ज्यादातर वर्कर्स ने गठबंधन न करने की सलाह दी।
पार्टी वर्कर्स और जमीनी स्तर पर काम करने वाले नेताओं से बातचीत करने के बाद ही बीएल संतोष ने पंजाब दौरे की पहली बैठक में सभी 117 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया।
उन्होंने वर्कर्स को भी सभी 117 सीटों पर काम करने को कह दिया है। बीएल संतोष आज (25 अगस्त) लुधियाना, जालंधर और अमृतसर के कार्यकर्ताओं से भी रूबरू होंगे। पंजाब दौरे की रिपोर्ट तैयार कर बीएल संतोष राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन को देंगे।
बीएल संतोष के दौरे पर अब तक क्या-क्या हुआ
- बीएल संतोष के दौरे से बढ़ी हलचल: भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष के पंजाब दौरे से राज्य के राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ गई है। दो दिवसीय सांगठनिक दौरे पर पहुंचे बीएल संतोष का मुख्य उद्देश्य राज्य में संगठन की स्थिति की समीक्षा करना और कार्यकर्ताओं के बीच जमीनी हकीकत को समझना है।
- पटियाला और बठिंडा में जोनल बैठकें: दौरे के पहले दिन बीएल संतोष ने पटियाला और बठिंडा में महत्वपूर्ण जोनल बैठकें कीं। इन बैठकों में संबंधित जिलों के वरिष्ठ नेताओं, जिला अध्यक्षों और प्रमुख कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
- गठबंधन पर वर्करों की स्पष्ट राय: बैठकों के दौरान जब SAD के साथ फिर से गठबंधन को लेकर चर्चा हुई, तो अधिकांश कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं ने अकेले चुनाव लड़ने की वकालत की। कार्यकर्ताओं का तर्क था कि पार्टी को अपने दम पर मजबूत आधार बनाना चाहिए।
- सभी 117 सीटों पर लड़ने की घोषणा: कार्यकर्ताओं के रुझान और जमीनी फीडबैक को देखते हुए बीएल संतोष ने पहली ही बैठक में स्पष्ट कर दिया कि भाजपा पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर अपने दम पर चुनाव लड़ेगी और सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेगी।
- बूथ स्तर को मजबूत करने का निर्देश: उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे केंद्रीय सरकार की योजनाओं और नीतियों को घर-घर तक पहुंचाएं और बूथ स्तर तक सांगठनिक ढांचे को दुरुस्त करें। उन्होंने कहा कि पन्ना प्रमुखों की नियुक्ति कर बूथ पर संगठन को मजबूत करें। इसके लिए नेताओं को प्रवास करना होगा।
बीएल संतोष के बयान से SAD में खलबली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से SAD अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल की बैठक के बाद पंजाब के सियासी गलियारों में BJP-SAD गठबंधन दोबारा होने की चर्चाएं तेज हो गई थीं। इस मुलाकात के बाद अकाली दल के कई नेता खुलकर गठबंधन की संभावनाओं पर बयानबाजी करने लगे थे, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं में उम्मीद जगी थी।
हालांकि, भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष के पंजाब दौरे के दौरान आए ताजा बयान ने इन सभी अटकलों पर विराम लगा दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी और अपने दम पर सरकार बनाने की दिशा में काम करेगी।
बीएल संतोष के इस रुख से SAD के खेमे में खलबली मच गई है। अकाली नेतृत्व को उम्मीद थी कि भाजपा के साथ दोबारा हाथ मिलाने से राज्य में उनका राजनीतिक समीकरण मजबूत होगा, लेकिन भाजपा के ‘एकला चलो’ के ऐलान ने उनकी चुनावी तैयारियों को झटका दिया है।
रखड़ पूनियां से सिख बाहुल क्षेत्र में भाजपा दिखाएगी ताकत
बाबा बकाला के ऐतिहासिक रखड़ पूनियां में होने वाली राजनीतिक कॉन्फ्रेंस के जरिए भाजपा एक बड़ा सियासी संदेश देने की तैयारी में है। यह पहला मौका है जब भाजपा इस पारंपरिक और धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण आयोजन में अपनी स्वतंत्र राजनीतिक कॉन्फ्रेंस करने जा रही है।
इस रैली का मुख्य उद्देश्य पंजाब के सिख बाहुल्य ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराना और पार्टी के जनाधार का विस्तार करना है। इस बड़े आयोजन के माध्यम से भाजपा जमीनी स्तर पर अपनी सांगठनिक क्षमता का प्रदर्शन करना चाहती है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस रैली के जरिए भाजपा शिरोमणि अकाली दल को भी अपनी राजनीतिक ताकत का एहसास कराना चाहती है। यदि भविष्य में दोनों दलों के बीच किसी भी स्तर पर गठबंधन को लेकर बातचीत होती है तो भाजपा मजबूत स्थिति में रहकर अधिक से अधिक सीटों पर अपनी दावेदारी कर सकेगी।