पंजाब के 9 जिलों में बारिश की संभावना:मानसून की रफ्तार हुई धीमी, 29 प्रतिशत कम बरसे बादल; तापमान 0.9 डिग्री बढ़ा

पंजाब और चंडीगढ़ में मानसून थोड़ा कमजोर पड़ गया है। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के मुताबिक, राज्य के तापमान में एक ही दिन में 0.9 डिग्री की वृद्धि हुई है। मंगलवार को नौ जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

चंडीगढ़ में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और एक-दो बार बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। सबसे अधिक तापमान 37 डिग्री फिरोजपुर में दर्ज किया गया। वहीं राज्य में सामान्य के मुकाबले केवल 239.6 एमएम बारिश दर्ज की गई है, जो कि 29 प्रतिशत कम है।

9 जिलों में बारिश की संभावना

पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, होशियारपुर, नवांशहर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला और एसएएस नगर (मोहाली) में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। हालांकि, सोमवार को बारिश नहीं होने से गर्मी और उमस बढ़ गई, जिससे लोगों को काफी दिक्कत उठानी पड़ी।

मॉनसून ट्रफ इस समय अमृतसर से होकर गुजर रही

मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल के मुताबिक, मॉनसून ट्रफ इस समय अमृतसर से होकर गुजर रही है, जिससे पंजाब में बारिश के लिए मौसम अनुकूल बना हुआ है। इसके चलते आने वाले दिनों में पंजाब के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। वहीं, उत्तर हरियाणा और आसपास के इलाकों में ऊपरी हवा का चक्रवाती सिस्टम बना हुआ है, जिससे भी बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

27 अगस्त तक ऐसा रहेगा मौसम

27 अगस्त तक पंजाब के दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों में हल्की और बाकी हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। अधिकतम तापमान रूपनगर, मोहाली, फतेहगढ़ साहिब और पटियाला के कुछ हिस्सों में 32-34 डिग्री, उत्तरी व उत्तर-पूर्वी हिस्सों में 34-36 डिग्री और दक्षिणी व दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों में 36-40 डिग्री के बीच रहने की संभावना है।

पूरे राज्य में अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर रह सकता है। न्यूनतम तापमान उत्तरी और उत्तर-पूर्वी हिस्सों में 22-24 डिग्री, मध्य पंजाब में 24-26 डिग्री और दक्षिणी हिस्सों में 26-28 डिग्री के बीच रहने की संभावना है। न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है।

बिजली की डिमांड 13,729 मेगावाट तक पहुंची

पंजाब में गर्मी बढ़ने से बिजली की डिमांड बढ़ गई। रात को कुल बिजली की मांग 13,729 मेगावाट तक पहुंची। इसमें से करीब 8,727 मेगावाट बिजली बाहर के ग्रिड यानी केंद्रीय पूल से ली गई, जबकि करीब 5,002 मेगावाट बिजली पंजाब अपनी उत्पादन इकाइयों से बना रहा है।