यूपी की चर्चित IAS दिव्या मित्तल ने नौकरी से इस्तीफा दे दिया है। अभी वह राजस्व विभाग में विशेष सचिव थीं। सूत्रों के मुताबिक, दिव्या ने मुख्य सचिव एसपी गोयल को इस्तीफा दिया है। रविवार सुबह उन्होंने फेसबुक-इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी।
दिव्या मित्तल का अचानक इस्तीफा ब्यूरोक्रेसी में सुर्खियों में है। हालांकि, इस्तीफा क्यों दिया, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। हालांकि, चर्चा है कि वह 4 महीने से साइडलाइन थीं। फील्ड में पोस्टिंग चाहती थीं। फिलहाल, उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ है।
2013 बैच की IAS दिव्या मिर्जापुर, बस्ती और देवरिया की डीएम रह चुकी हैं। वह अपने काम को लेकर बेहद सख्त मानी जाती थीं और अफसरों को मौके पर ही फटकार लगा देती थीं। IIT-IIM से पढ़ाई करने के बाद लंदन की लाखों रुपए की नौकरी छोड़कर सिविल सर्विस में आईं। पहले प्रयास में IPS क्लियर किया था। हालांकि, अगले ही साल IAS बन गई थीं। अभी उनकी 17 साल की नौकरी बची हुई थी। पति गगनदीप सिंह भी IAS अफसर हैं।
- युवा IAS के लिए शासन में विशेष सचिव, राजस्व का पद बहुत हल्का और साइडलाइन वाला माना जाता है। दिव्या को फील्ड में काम करना पसंद था। चर्चा है कि उन्हें लगने लगा था कि साइडलाइन किया जा रहा है।
- दिव्या फिर से निजी सेक्टर की नौकरी में जा सकती हैं। वह विदेश में भी शिफ्ट हो सकती हैं। उनके पास इसका लंबा अनुभव है।
- दिव्या को पढ़ाने का शौक है। वह जिस जिले में रहीं, वहां स्कूलों में जाकर बच्चों को पढ़ाती थीं। माना जा रहा है कि वह एकेडमिक में करियर आगे बढ़ा सकती हैं।
- यूपी में अगले साल चुनाव है। ब्यूरोक्रेसी में एक चर्चा यह भी है कि वह राजनीति में भी एंट्री कर सकती हैं। हालांकि, इसके चांस बेहद कम नजर आ रहे हैं।
लंदन में नौकरी छोड़कर सिविल सर्विस में आईं दिव्या
- दिव्या मित्तल मूलरूप से हरियाणा के रेवाड़ी जिले की रहने वाली हैं। उन्होंने दिल्ली IIT से बीटेक और IIM बेंगलुरु से MBA की पढ़ाई की। इसके बाद गगनदीप सिंह से लवैमिरज शादी की, फिर दिव्या और उनके पति लाखों रुपए के पैकेज पर नौकरी करने लंदन चले गए। हालांकि, कुछ महीने बाद ही पति-पत्नी ने लंदन की नौकरी छोड़ दी और भारत लौट आए।
- भारत लौटकर दिव्या UPSC की तैयारी में जुट गईं। 2012 में उन्होंने बिना कोचिंग के IPS क्लियर किया। उन्हें गुजरात कैडर मिला। IPS की ट्रेनिंग के दौरान भी दिव्या ने IAS बनने की तैयारी जारी रखी। कड़ी मेहनत के बाद अगले ही साल 2013 में उनका IAS के लिए सिलेक्शन हो गया। उनकी 68वीं रैंक आई थी। जबकि उनके पति गगनदीप ने 2011 में यूपीएससी क्वालीफाई किया था।
- 19 सितंबर 2022 को दिव्या ने मिर्जापुर डीएम का कार्यभार ग्रहण किया। वह 12 महीने मिर्जापुर की डीएम रहीं। उनकी ही पहल से मिर्जापुर के लहुरियादह गांव में पहली बार पानी पहुंचा। यह उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में रही। इसका गांव का जिक्र इस्तीफे में भी किया है। उन्होंने कजली पर्व पर स्थानीय अवकाश का भी ऐलान किया था। इसके अलावा, चंद्रयान-3 की सॉफ्ट लैंडिंग के दौरान दिव्या ने भरे मंच पर एक बच्ची के साथ डांस किया था। इसका वीडियो जमकर वायरल हुआ था।
- उनका ट्रांसफर बस्ती हुआ तो लोगों ने उन पर फूलों की बारिश की थी। समारोह के दौरान दिव्या मित्तल भावुक हो गई थीं। ट्रांसफर होने के बाद उन्होंने बस्ती में नौकरी जॉइन नहीं की और लंबी छुट्टी पर चली गई थीं। इस पर सरकार ने नाराजगी जाहिर की थी। हालांकि, बाद में उन्होंने जॉइन किया।
दिव्या देवरिया में करीब 2 साल तक डीएम रहीं। 6 मई को उनका देवरिया से ट्रांसफर हुआ था। डीएम दिव्या मित्तल को राजस्व विभाग में विशेष सचिव नियुक्त किया गया था। उनके खिलाफ स्थानीय जनप्रतिनिधि विरोध कर रहे थे। उनकी कई शिकायतें सरकार तक पहुंची थीं। देवरिया में डीएम रहते हुए वह कई बार चर्चा में आई थीं।
दिव्या ने पुल निर्माण में लापरवाही को लेकर PWD के अधिकारी को फटकार लगाई थी। इस दौरान ADM ने तेज धूप का हवाला देकर उनसे छांव में बैठकर बात करने का आग्रह किया। डीएम ने चुटकी लेते हुए कहा- ‘अरे यार, धूप ही तो है, रुको पिघल थोड़ी जाएंगे…।’
इसके अलावा, अवैध कब्जे की शिकायत पर कानूनगो-लेखपाल को फटकार लगाने का उनका वीडियो वायरल हुआ था। कहा था- ‘तमाशा बना रखा है…। एसडीएम, आप पूरे मैटर की जांच करें और रिपोर्ट दें। दोबारा इस तरह की हरकत मत करिएगा। सच में जेल भेज दूंगी आप लोगों को।’
- दिव्या ने ‘द क्राफ्टेड जीनियस’ किताब लिखी है। यह किताब इसी साल प्रकाशित हुई। इसमें बताया गया है कि छात्रों को सिविल सर्विस की तैयारी कैसे करनी चाहिए, क्या पढ़ना चाहिए और किस तरह तैयारी करनी है।
- किताब में तैयारी शुरू करने के लिए 60 दिन का प्लान बनाने की बात कही गई है। प्रीलिम्स के प्रश्नों को समझने और परीक्षा में सवाल अटेम्प्ट करने की रणनीति भी बताई गई है।
- मेन्स के लिए GS, एथिक्स, निबंध और उत्तर लेखन की तैयारी के तरीके बताए गए हैं। इंटरव्यू के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने की तैयारी पर भी जोर दिया गया है। असफलता के बाद खुद को संभालने और लगातार तैयारी जारी रखने पर भी किताब में बात की गई है।