रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को कहा- हाल के दिनों में दिल्ली में हुए प्रदर्शनों ने कई सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस और उनके सहयोगी दल युवाओं को भटका रहे हैं। बांग्लादेश की तर्ज पर देश में जबरन सरकार बदलना चाहते हैं। उनका एजेंडा लोकतांत्रिक संस्थाओं को खत्म करना और देश में आतंकी पैदा करना है।
लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राजनाथ ने कहा-
राहुल गांधी और उनके सहयोगियों को समझना होगा कि लोकतंत्र संवैधानिक संस्थाओं को भंग करने या विकास यात्रा में रोड़ा पैदा करने का लाइसेंस नहीं है। राजनीतिक स्वार्थ के लिए देश की बलि नहीं चढ़ाई जा सकती। राहुल को जनमत का सम्मान करते हुए अपनी भूमिका पर मंथन करना चाहिए। हमें टकराव नहीं, राष्ट्र निर्माण का रास्ता चुनना चाहिए।
उन्होंने कहा- कांग्रेस के दौर में तीन बड़े और कभी न भूलने वाले अपराध हुए हैं- पहला, 1975 में देश पर आपातकाल थोपना, दूसरा, 1985 में सिखों का नरसंहार और तीसरा, 1990 में कार सेवकों पर गोलियां चलवाने वाले का साथ देना।
राजनाथ की प्रेस कॉन्फ्रेंस की बड़ी बातें-
1. विपक्ष का एकमात्र एजेंडा देश में आग लगाना राजनाथ ने कहा- देश के युवाओं को अराजकता की राजनीति का मोहरा बनाने का प्रयास किया जा रहा है। ये सरकार को डंके की चोट पर गिराने की बात करते हैं। इससे साफ है कि उनका एकमात्र एजेंडा लोकतांत्रिक संस्थाओं को ध्वस्त करना और देश में आग लगाना है।
2. सत्ता हासिल करने की साजिश रची जा रही है रक्षा मंत्री ने कहा- ‘Regime Change’ जैसे शब्दों का प्रयोग किया जाना साफ करता है कि उनकी लड़ाई चुनाव सुधार के लिए नहीं है। उनकी लड़ाई SIR और ज्ञानेश कुमार के लिए नहीं है और न ही उनकी लड़ाई देश के नौजवानों के उज्ज्वल भविष्य के लिए है। बल्कि, यह लड़ाई देश में अराजकता पैदा करने और किसी भी तरह सत्ता हासिल करने की उनकी साजिश का हिस्सा है।
3. कांग्रेस के इतिहास के पन्ने में कई काले अध्याय राजनाथ ने कहा- कांग्रेस के इतिहास के पन्ने में कई काले अध्याय मिलेंगे। कांग्रेस ने चुनाव आयोग और चुनाव प्रक्रिया को कठपुतली बनाकर रखा। 1993 में रातों-रात 2 नए चुनाव आयुक्त नियुक्त कर दिए। तत्कालीन मुख्य चुनाव आयुक्त ने चुनाव आयुक्त नवीन चावला को हटाने के लिए राष्ट्रपति को पत्र लिखा। नवीन चावला को कांग्रेस ने बचाया और फिर मुख्य चुनाव आयुक्त बना दिया।
4. चुनाव आयुक्त एमएस गिल कांग्रेस सरकार में मंत्री बने उन्होंने कहा- कांग्रेस राज में नियुक्त चुनाव आयुक्त एमएस गिल कांग्रेस सरकार में मंत्री बने थे। 5 दशक तक बिना वोटर आईडी के चुनाव होते थे। जब से वोटर आईडी आया है, कांग्रेस के लिए बहुमत दूर की बात हो गई है। कांग्रेस ने कभी बहुमत की सरकार नहीं बनाई। यूपी में कांग्रेस में 1985 आखिरी में विजय मिली थी।
5. राहुल का हाइड्रोजन बम दिवाली का पटाखा भी नहीं निकला राजनाथ ने कहा- राहुल ने वोट चोरी को हाइड्रोजन बम बताया था, लेकिन वह दिवाली का पटाखा भी साबित नहीं हुआ। कांग्रेस ने मतदाता सूची पर कोर्ट में आधिकारिक अपील दायर नहीं की। भाजपा ने कभी चुनावी व्यवस्था पर संदेह नहीं किया। संवैधानिक संस्थान को बदनाम कर जनता को गुमराह नहीं किया।
6. राजीव गांधी की हत्या के बाद पूरे देश में चुनाव टाले गए उन्होंने कहा- राजीव गांधी की हत्या के बाद पूरे देश में चुनाव स्थगित किया गया था। प्रावधान था कि किसी उम्मीदवार की मृत्यु के कारण उसी सीट का चुनाव स्थगित होता है, लेकिन पूरे देश में चुनाव स्थगित कर दिया गया। जबकि, सच्चाई है कि उस समय अमेठी का चुनाव हो गया था।
7. राजनीतिक दल विदेशी शक्ति के हाथ में खेलते नजर आ रहे राजनाथ ने कहा- दशकों से चुनाव हार रहे राजनीतिक दल विदेशी शक्ति के हाथ में खेलते नजर आ रहे है। सत्ता परिवर्तन, संसद नहीं, सड़क के रास्ते निकलता है, यह कहना भारत को पटरी से उतरने का प्रयास है। ये अपनी राजनीतिक पराजय का बदला देश से लेना चाहते हैं। कांग्रेस देश को हिंसा और अराजकता की आग में झोंकना चाहती है। कांग्रेस ने गांधी नाम उपयोग करने का अधिकार खो दिया है।