अजमेर के जेएलएन अस्पताल में सफाई व्यवस्था सुचारू करने के लिए अस्थायी आधार पर नए टैंडर का प्रोसेस शुरू कर दिया गया है। इसके लिए कल प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से आगामी दो महीने या नई निविदा का निर्णय होने तक सफाई कार्य कराया जाएगा।
सोमवार सुबह 11 बजे अस्पताल के कमरा नंबर 88 में संवेदकों से बातचीत होगी। फाइनेंसियल बिड कल दोपहर 2 बजे तक सीलबंद लिफाफे में जमा करानी होगी। अस्पताल के संपूर्ण भवनों की आंतरिक और बाहरी सफाई की अनुमानित लागत 26 लाख रुपए प्रतिमाह रखी गई है।
वहीं, हड़ताल के कारण बिगड़ी सफाई व्यवस्था को एक बारगी दुरुस्त करने के लिए 80 हजार रुपए की अनुमानित लागत तय की गई है। बिड की शर्तें अस्पताल कार्यालय में देखी जा सकेंगी। टैंडर संबंधी सूचना राजस्थान सरकार के पोर्टल पर भी उपलब्ध है।
अस्पताल के उप-अधीक्षक डॉ. अमित यादव ने बताया-पुरानी फर्म के वेतन भुगतान नहीं करने, सफाई सुचारू नहीं रखने सहित कई शिकायतें थी। उसे नोटिस दिया गया है, अगर जवाब नहीं देती है तो ब्लैक लिस्टेड किया जाएगा। साथ ही कल अस्थाई रूप से टेंडर के लिए ठेकेदारों को बुलाया है। नया टैंडर किया जाएगा।
वेतन के आश्वासन पर सफाई कर्मचारी काम पर लौटे
जेएलएन अस्पताल में राजकोट की जीडी अजमेरा फर्म सफाई का ठेका संभाल रही है। कर्मचारियों का आरोप है कि फर्म ने दो महीने से वेतन नहीं दिया और कई महीने का पीएफ भी खातों में जमा नहीं कराया। इसके विरोध में कर्मचारियों ने सफाई कार्य बंद कर दिया था। शनिवार को भी आधे दिन काम ठप रहने से अस्पताल परिसर में कचरा जमा हो गया और वार्डों व ऑपरेशन थिएटरों में बायोमेडिकल कचरे के कारण संक्रमण का खतरा बढ़ने की आशंका बनी।
मेडिकल कॉलेज प्राचार्य एवं नियंत्रक डॉ. अनिल सामरिया और अस्पताल अधीक्षक डॉ. अरविंद खरे ने कर्मचारियों से बातचीत कर वेतन भुगतान का आश्वासन दिया। सोमवार तक एक माह का और शुक्रवार तक दूसरे माह का बकाया वेतन दिलाने की बात पर कर्मचारी सहमत हो गए। इसके बाद उन्होंने हड़ताल समाप्त कर सफाई कार्य शुरू कर दिया। वार्ता में सफाई कर्मचारी परिप्रसाद लखन सहित अन्य कर्मचारी शामिल रहे।