अमेरिकी शेयर बाजार में 18 महीने की सबसे बड़ी गिरावट आई है। गुरुवार को नैस्डैक 5.5%, डाउ जोन्स 3.4% और S&P 500 इंडेक्स 4.3% तक टूट गए।
इस गिरावट की वजह से एक दिन में अमेरिकी बाजार की मार्केट वैल्यू 2.5 ट्रिलियन डॉलर यानी करीब 236 लाख करोड़ रुपए घट गई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस गिरावट के लिए मिडटर्म इलेक्शन और डेमोक्रैट्स को जिम्मेदार ठहराया है।
एआई सेक्टर में सख्त नियमों की चर्चा और भारी बिकवाली के कारण निवेशकों को यह नुकसान हुआ है। नैस्डैक इंडेक्स में पिछले 18 महीने और S&P 500 इंडेक्स में अप्रैल 2025 के बाद से एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट आई है।
एनवीडिया का शेयर करीब 10% गिरा
- टेक शेयरों वाले नैस्डैक कंपोजिट में इस करेक्शन यानी गिरावट में दुनिया की सबसे वैल्यूएबल कंपनी एनवीडिया का शेयर करीब 10% गिरा है।
- इसके साथ ही नैस्डैक अपने हाल ही में बनाए ऑल-टाइम हाई से 10% नीचे आ गया है, जिससे यह ऑफिशियली ‘करेक्शन टेरिटरी’ में पहुंच चुका है।
- इसके अलावा, मेमोरी चिप बनाने वाली कंपनी सैनडिस्क में 22% और हार्ड ड्राइव बनाने वाली कंपनी वेस्टर्न डिजिटल के शेयर में 17% की भारी गिरावट दर्ज की गई।
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर जरूरत से ज्यादा खर्च और इस सेक्टर में सख्त नियमों बनाने की चर्चा के कारण निवेशकों ने टेक शेयरों से बड़े पैमाने पर पैसा निकाला है।
ट्रम्प ने मिडटर्म इलेक्शन और डेमोक्रैट्स को जिम्मेदार ठहराया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बाजार में इस गिरावट के लिए मिडटर्म इलेक्शन और ‘डेमोक्रैट्स’ को जिम्मेदार ठहराया है। ट्रम्प ने सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखा कि इलेक्शन के नतीजों की वजह से स्टॉक मार्केट ने इतिहास के सबसे बुरे दिनों में से एक का सामना किया है।
ऐसा देखना बेहद दुखद है, हमें उस स्तर तक पहुंचने में बहुत मेहनत लगी थी जो पहले किसी ने नहीं देखा था, और फिर यह हुआ। इसलिए आपके रिटायरमेंट फंड घट गए हैं।
याद रखें, यह रिपब्लिकन की वजह से नहीं, बल्कि डेमोक्रैट्स की वजह से हुआ है। हालांकि डरें नहीं, हम जल्द ही किसी न किसी तरह से पहले से भी बड़े और मजबूत होंगे।
डाउ जोन्स में 1833 अंकों की गिरावट
- बाजार में बिकवाली का यह रुख केवल टेक शेयरों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका असर पूरे अमेरिकी बाजार में देखने को मिला।
- अमेरिकी इकोनॉमी की 30 दिग्गज कंपनियों वाले डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज इंडेक्स में 1,833 अंक यानी 3.4% की गिरावट आई और यह 51,868 के स्तर पर बंद हुआ।
- इससे पहले बाजार में ऐसी बड़ी हलचल तब देखने को मिली थी, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ‘लिबरेशन डे’ टैरिफ को लेकर चिंताएं बढ़ी थीं।
S&P 500 के सभी 11 सेक्टर्स गिरे
- S&P 500 के सभी 11 इंडस्ट्री सेक्टर्स गिरे, जिनमें से 7 सेक्टर्स में कम से कम 2% की गिरावट रही। मशीनरी बनाने वाली कंपनी कैटरपिलर के शेयर 6.4% टूट गए।
- बैंकिग दिग्गज जेपीमॉर्गन चेस 4.2% गिरा, जबकि यूनाइटेडहेल्थ और 3M दोनों में 3% से ज्यादा की गिरावट आई, जिससे डाउ जोन्स पर दबाव और बढ़ गया।
फियर इंडेक्स VIX 61% उछला
वॉल स्ट्रीट का वोलेटिलिटी इंडेक्स (VIX), जिसे बाजार का ‘फियर इंडेक्स’ (डर का पैमाना) भी कहा जाता है, 61% उछल गया। यह ईरान युद्ध के शुरुआती हफ्तों के बाद का सबसे हाई लेवल है, जो बाजार में निगेटिव माहौल को दर्शाता है।
AI सेक्टर पर बढ़ता दबाव और नियमों पर चर्चा
अमेरिका में मिडटर्म इलेक्शन के नतीजों के बाद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंडस्ट्री पर सख्त नियमों और कड़ी निगरानी की चर्चा बढ़ गई है। इससे इस सेक्टर में निवेश की रफ्तार को लेकर चिंताएं पैदा हो गई हैं।
साथ ही निवेशक डेटा सेंटरों के विस्तार की गति धीमी होने का अनुमान लगा रहे हैं, जिससे चिप मैन्युफैक्चरर और इस इंडस्ट्री को इक्विपमेंट्स और इंफ्रास्ट्रक्चर की सप्लाई करने वाली कंपनियों पर दबाव बन रहा है।
निवेशकों का सुरक्षित निवेश की तरफ झुकाव
शेयर बाजार में आई इस तेज गिरावट के चलते निवेशकों ने सुरक्षित माने जाने वाले एसेट्स का रुख किया, जिससे अमेरिकी सरकारी बॉन्ड की मांग बढ़ गई।
मांग बढ़ने से बेंचमार्क 10-वर्षीय ट्रेजरी नोट पर यील्ड यानी ब्याज दर गिरकर (4.83%) 9 सितंबर के बाद के अपने सबसे निचले स्तर पर आ गई है।
एशियाई बाजारों में भी भारी गिरावट
वॉल स्ट्रीट की इस बिकवाली का असर शुक्रवार को एशियाई बाजारों पर भी देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में जापान का निक्केई 6% तक फिसल गया, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी 8% से ज्यादा टूट गया।
क्या होता है फियर इंडेक्स और करेक्शन टेरिटरी?
- वोलैटिलिटी इंडेक्स (VIX): इसे बाजार का ‘फियर इंडेक्स’ या डर मापने का पैमाना कहा जाता है। यह दिखाता है कि आने वाले 30 दिनों में बाजार में कितना उतार-चढ़ाव रहने की उम्मीद है। VIX में तेजी इस बात का संकेत होता है कि निवेशकों में डर का माहौल है।
- करेक्शन टेरिटरी: जब कोई शेयर बाजार इंडेक्स या शेयर अपने हालिया रिकॉर्ड लेवल से 10% या उससे ज्यादा नीचे गिर जाता है, तो माना जाता है कि वह ‘करेक्शन टेरिटरी’ में एंटर कर चुका है। यह बाजार में शॉर्ट टर्म मंदी का संकेत देता है।