सदन और निगम बैठकों में बढ़ेगी भाजपा और आम आदमी पार्टी में खींचतान

दिल्ली नगर निगम चुनाव 2022 (Municipal Corporation of Delhi Election 2022:) की समय-सीमा जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे इसे लेकर भाजपा और आम आदमी पार्टी में सियासी घमासान तेज होता जा रहा है। निगमों में सत्तारूढ़ भाजपा एक ओर जहां फंड की मांग को लेकर सड़क पर उतरकर आंदोलन का आगाज कर चुका है तो विपक्ष आम आदमी पार्टी (आप) भी निगमों में भ्रष्टाचार को एजेंडा बनाकर आंदोलन के जरिए माहौल बनाने में जुटा है। इससे निगमों की बैठकों में सत्तापक्ष और विपक्ष में खींचतान बढ़ सकती है। तीनों (पूर्वी, दक्षिणी व उत्तरी) निगमों में निगमायुक्त द्वारा बजट पेश किया जा चुके हैं। अब स्थायी समिति तथा उसके बाद वार्ड समितियों में बजट पर चर्चा इस सप्ताह से होगी।

तीनों निगम में इस सप्ताह स्थायी समिति की बैठक में बजट पर सत्तापक्ष और विपक्ष के नेता अपने-अपने सुझाव रखेंगे। स्वाभाविक है कि सत्तापक्ष जहां फंड की कमी को लेकर दिल्ली सरकार को निशाने पर लेगा तो वहीं सत्तापक्ष निगमों की कमियां उजागर करेगा। दोनों की कोशिश अपने-अपने एजेंड़े को जनता के बीच ले जाकर वर्ष 2022 में होने वाले निगम चुनाव के लिए जमीन तैयार करना है। इसलिए दोनों में सियासी उठापटक को लेकर अब और ज्यादा जोर आजमाइश होगी। इन दोनों के बीच कांग्रेस पार्टी की भी कोशिश खुद की सियासी जमीन तैयार करने की होगी।

उल्लेखनीय है कि स्थायी समिति में निगमायुक्त द्वारा बजट पेश करने के बाद इसको लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष चर्चा करते हैं। इसके उपरांत स्थायी समिति के अध्यक्ष बजट प्रस्तावों को अंतिम रूप देकर सदन के लिए भेजते हैं। सदन में सत्तापक्ष और विपक्ष इस पर चर्चा करते हैं। इसके बाद नेता सदन बजट प्रस्तावों को अंतिम रूप देते हैं। नेता सदन के बजट में जो प्रस्ताव पारित होते हैं। उन्हीं को अगले वित्तीय वर्ष के लिए लागू किया जाता है।

भाजपा और आप को निगमों की समस्या का समाधान करना है लेकिन दोनों का उद्देश्य समाधान का नहीं है बल्कि सत्ता पाना है। कांग्रेस सदन से लेकर सड़क तक इसे उजागर करेगी। -रिंकू, नेता कांग्रेस दल, पूर्वी निगम

सभी को पता है कि 13 दिन तक ठंड में निगम के महापौर और नेताओं ने आंदोलन किया। इसके बावजूद दिल्ली सरकार ने 13 हजार का बकाया नहीं दिया। सदन से लेकर घर-घर तक हम इस बात को लेकर जाएंगे। -नरेंद्र चावला, नेता सदन, दक्षिणी दिल्ली

निगमों में 2500 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार का हम सदन और निगम की प्रत्येक बैठक में विरोध करेंगे साथ ही मंगलवार से हर वार्ड में हम पदयात्रा करेंगे। -विकास गोयल, नेता प्रतिपक्ष उत्तरी निगम