संघ प्रमुख मोहन भागवत का ग्रामीण क्षेत्रों में शाखा बढ़ाने पर जोर, संघ के मूल कार्य को भी आगे बढ़ाने का क‍िया आह्वान

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने शाखाओं की संख्या और संगठन विस्तार के लिए लोगों से संपर्क बढ़ाने के लिए गोरक्ष प्रांत के पदाधिकारियों को सहेजा है। चार दिन के प्रवास पर गोरखपुर पहुंचे संघ प्रमुख ने प्रांत कार्यालय माधव धाम में प्रांत कार्यकारिणी की श्रेणीवार दो बैठकें लीं। इनमें समय-समय पर चलने वाले अभियान के साथ-साथ संगठन के मूल कार्य को भी आगे बढ़ाते रहने और जिला एवं नगर स्तर पर प्रवास बढ़ाने की पदाधिकारियों से अपील की।

सबसे पहले संगठन श्रेणी की बैठक हुई, जिसमें शारीरिक, बौद्धिक और व्यवस्था वर्ग के पदाधिकारी शामिल रहे। इसमें संगठन की गतिविधियों पर चर्चा हुई। संघ प्रमुख ने शाखा संबंधी समीक्षा करने के साथ टोली निर्माण, प्रवास की संख्या, नियमित बैठकें और शाखा में होने वाले कार्यक्रमों की निरंतरता बनाए रखने के बारे में बात की। ग्रामीण क्षेत्रों में भी शाखा विस्तार पर भी जोर दिया गया।

दूसरी बैठक शाम साढ़े चार बजे जागरण श्रेणी की हुई, जिसमें संपर्क, प्रचार और सेवा से जुड़े पदाधिकारी शामिल हुए। इसमें संघ प्रमुख ने संपर्क, प्रचार और सेवा प्रमुखों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंंच बढ़ाने और उन्हें संगठन से जोडऩे की सीख दी। कहा- लोगों से मिलकर संगठन के पवित्र उद्देश्य वाले कार्यों का प्रचार-प्रसार करें, जिससे उनमें संगठन का हिस्सा बनने की इच्छा जागृत हो। संगठन का जितना अधिक विस्तार होगा, उतना ही सामाजिक सरोकार से जुड़ा उसका अभियान सफल होगा। प्रचार, संपर्क और प्रसार से जुड़े पदाधिकारियों और स्वयंसेवकों की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका होगी। सोमवार को प्रांत के प्रचारकों की बैठक होगी। सुबह और शाम दो पाली में होने वाली इन बैठकों में गोरक्ष प्रांत में संगठन को और मजबूत बनाने पर चर्चा होगी। रविवार की बैठक में क्षेत्र संघचालक वीरेंद्रजीत सिंह पराक्रमादित्य, क्षेत्र प्रचारक अनिल, क्षेत्र कार्यवाह वीरेंद्र जायसवाल, प्रांत प्रचारक सुभाष आदि मौजूद रहे।

सरसंघचालक मोहन भागवत चार दिवसीय प्रवास पर गोरखपुर स्थित संघ कार्यालय माधव धाम पहुंचे। शनिवार को ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनसे मिलने पहुंचे। दोनों ने एक-दूसरे को होली की बधाई दी। मुख्यमंत्री ने बीते दिनों संपन्न हुए विधानसभा चुनाव और उसके परिणाम पर भी मोहन भागवत से चर्चा की और बताया कि किस तरह अथक प्रयास के बाद भाजपा को लगातार दूसरी बार प्रचंड बहुमत मिला है। मुख्यमंत्री संघ प्रमुख के साथ करीब 40 मिनट रहे।

प्रांत कार्यकारिणी की अलग-अलग बैठकों में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने संगठन विस्तार व कार्यकर्ता विकास के साथ स्वच्छता, समरसता और पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर दिया। उन्होंने पर्यावरण असंतुलन और उसके दुष्प्रभाव को रेखांकित करते हुए कहा कि पर्यावरण को संतुलित रखना हम सभी का मौलिक दायित्व है। स्वच्छता के लिए जागरूकता की जरूरत है। कुछ विकृतियों से सामाजिक ताना-बाना टूटा है। विषमता, अस्पृश्यता जैसे सामाजिक विकार जितनी जल्दी हो सकें, खत्म होने चाहिए। स्वयंसेवक का दायित्व है कि वह समाज को सभी प्रकार से विकार से मुक्त कर स्वच्छ, संतुलित और समरसता युक्त परिवेश तैयार करे। कार्य पद्धति में इसे शामिल रखना स्वयंसेवक का गुण है। इससे समाज तोडऩे वाले संवाद खत्म होंगे। समरसता युक्त समाज से ही भेदभाव दूर किया जा सकता है।