प्रधानमंत्री जनधन खाता 41 करोड़ के पार, 2014 में शुरू की गई थी योजना

प्रधानमंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाई) से 41 करोड़ से अधिक लोगों को फायदा हुआ है। वित्त मंत्रालय ने ये जानकारी दी है। छह जनवरी 2021 तक जनधन खातों की कुल संख्या 41.6 करोड़ हो गयी। वित्त मंत्रालय ने ट्वीट के जरिये बताया कि छह जनवरी 2021 तक जनधन खातों की संख्या 41 करोड़ के पार और शून्य बैलेंस वाले खातों की संख्या मार्च 2015 के 58 प्रतिशत से कम होकर 7.5 प्रतिशत पर आ गयी। ट्वीट के मुताबिक, सरकार सभी नागरिकों के वित्तीय समावेशन के लिए प्रतिबद्ध है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में इसकी शुरुआत की थी, उन्होंने अपने स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में जनधन योजना की घोषणा की थी। 2014 को ही 28 अगस्त को इस योजना को शुरू किया गया था। सरकार ने 2018 में अधिक सुविधाओं के साथ इस योजना का दूसरा एडिशन शुरू किया। सरकार ने योजना के दूसरे संस्करण में हर उस व्यक्ति का खाता खुलवाया जिनके पास बैंकिंग सुविधा नहीं थी।

मालूम हो कि 28 अगस्त 2018 के बाद खुले जनधन खातों पर रुपे कार्ड के धारकों के लिये दुर्घटना बीमा कवर को बढ़ाकर दो लाख रुपये कर दिया गया। बैंकों ने आठ जनवरी 2021 तक 1.68 लाख करोड़ की क्रेडिट सीमा के साथ 1.8 करोड़ किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) जारी किए। इस योजन में आधे से ज्यादा यानी लगभग 55 प्रतिशत खाताधारक महिलाएं हैं। पिछले दिनों सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत यह जानकारी सामने आई है। RTI से मिली जानकारी के अनुसार, नौ सितंबर, 2020 तक पीएमजेडीवाई के तहत कुल 40.63 करोड़ खाते थे। इनमें से 22.44 करोड़ खाते महिलाओं के और 18.19 करोड़ खाते पुरुषों के थे। वित्त मंत्रालय के मुताबिक, महिला और पुरुष खाताधारकों के खातों में जमा का अलग ब्योरा नहीं रखा गया है।