कनाडा के अल्बर्टा में जंगलों में लगी आग:अब तक 30 हजार लोगों ने घर छोड़ा, 31 जगहों पर स्थिति कंट्रोल से बाहर

कनाडा के अल्बर्टा में जंगलों में लगी आग ने 30 हजार लोगों को अपने घर छोड़ने के लिए मजबूर किया है। रविवार शाम तक वहां की 108 जगहों पर जंगलों में आग लगी थी। इनमें से 31 जगहों पर स्थिति नियंत्रण से बाहर बताई गई है।

ये जानकारी अल्बर्टा की वाइल्ड फायर यूनिट की सूचना अधिकारी क्रिस्टी टकर ने दी है। उन्होंने बताया कि ये आग बुझाने के लिए हेलिकॉप्टर और एयर टैंकर का इस्तेमाल किया जा रहा है। इलाके से बचाए गए लोगों को सुरक्षित जगह पर भेजा गया है।

अल्बर्टा प्रांत में इमरजेंसी लगाई गई
क्रिस्टी के मुताबिक धुएं और आग की वजह से अभी प्रॉपर्टी को हुए नुकसान की जानकारी दे पाना मुश्किल होगा। उन्होंने कहा अभी हमारा मकसद लोगों की जान को बचाना है।
जंगलों की आग से खतरे का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बारिश होने के बावजूद उस पर कोई असर नहीं पड़ा। पर्यावरण पर काम करने वाले एरिन स्टाउंटन ने कहा कि इससे आग पर न के बराबर ही असर पड़ेगा। वहीं, पूरे अल्बर्टा राज्य में आग से निपटने के लिए इमरजेंसी लगानी पड़ी है। खुद प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो इस मामले में नजर बनाए हुए हैं।

अल्बर्टा की प्रीमियर डेनियल स्मिथ ने बताया कि आग से अब तक 3 लाख एकड़ से ज्यादा का एरिया जल चुका है। सबसे ज्यादा प्रभावित इलाका ड्रायटन वैली को बताया जा रहा है। जहां 140 किलोमीटर प्रति घंटा से चल रही हवाओं की वजह से आग तेजी से फैल रही है।

जानिए जंगल में आग लगती कैसे है?
जंगल की आग से हर साल 4 मिलियन स्कवायर किलोमीटर का इलाका जल जाता है। आग जलने के लिए हीट, ईंधन और ऑक्सीजन जरूरी होते हैं। जंगल में ऑक्सीजन हवा में ही मौजूद होती है। पेड़ों की सूखी टहनियां और पत्ते ईंधन का काम करते हैं। वहीं एक छोटी सी चिंगारी हीट का काम कर सकती है।

ज्यादातर आग गर्मी के मौसम में लगती है। इस मौसम में एक हल्की चिंगारी ही पूरे जंगल को आग की चपेट में लेने के लिए काफी होती है। ये चिंगारी पेड़ों की टहनियों के आपस में रगड़ खाने से या सूरज की तेज किरणें भी कई बार आग का कारण बनती हैं।

गर्मी में पेड़ों की टहनियां और शाखाएं सूख जाती हैं, जो आसानी से आग पकड़ लेती हैं। एक बार आग लगने पर इसे हवा बढ़ावा देती है। इसके अलावा प्राकृतिक रूप से बिजली गिरने, ज्वालामुखी और कोयले के जलने की वजह से भी जंगल में आग लग सकती है। फिलहाल तापमान में बढ़ोतरी को कनाडा में लगी आग की मुख्य वजह बताया जा रहा है।