देवेश बोला- बुलडोजर चलने के बाद ही करूंगा ब्रह्मभोज:2 दिन का अल्टीमेटम, पूछा- आपके घर ऐसा होता तो क्या आप चुप बैठते?

“2 अक्टूबर को मेरे माता-पिता समेत परिवार के 5 सदस्यों की बेरहमी से हत्या कर दी गई। लेकिन, कार्रवाई के नाम पर अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है। नतीजा कुछ भी नहीं दिख रहा। यही घटना अगर किसी प्रशासनिक अफसर के परिवार में होती तो क्या तब भी प्रशासन चुप बैठता? यह भी हो सकता है कि अगर मैं अपने परिवार के सदस्यों का ब्रह्मभोज कर देता हूं तो उसके बाद कोई कार्रवाई भी ना हो।”

ये शब्द हैं देवरिया हत्याकांड में मारे गए सत्यप्रकाश दुबे के बड़े बेटे देवेश के। बुधवार को देवेश ने इस हत्याकांड के 10 दिन बाद पुलिस और प्रशासन सहित सरकार को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है। देवेश ने यूपी सरकार के सामने नया चैलेंज खड़ा करते हुए दो दिनों का अल्टीमेटम दिया है।​​

सिर्फ यही नहीं, देवेश ने आगे कहा कि ​​​​​13 अक्टूबर को मेरे परिवार के मृत सदस्यों का ब्रह्मभोज है। लेकिन, अगर उससे पहले कार्रवाई नहीं हुई तो मैं ब्रह्मभोज नहीं करूंगा। प्रेम यादव के घर पर बुलडोजर चलाने के साथ ही जिन लोगों ने मेरे घर वालों को गोली मारी थी, उनकी बेहरमी से हत्या की थी, उनका घर भी बुलडोजर चलाकर गिराया जाए। आरोपियों का या तो एनकाउंटर हो या फिर उन्हें फांसी की सजा दी जाए, इसके बाद ही मैं अपने परिवार के लोगों का ब्रह्मभोज करूंगा।

श्रद्धांजलि सभा के जरिए पॉलिटिकल वार-पलटवार
देवेश ने 8 अक्टूबर को बरहज रोड के अक्षय वाटिका मैरिज हाल में अपने परिवार के सदस्यों के लिए श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया था। इसकी अगुवाई बीजेपी विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने की थी। जिसका नतीजा यह हुआ कि श्रद्धांजलि सभा एक तरह की राजनैतिक रैली बन गई।

इसी मंच से शलभ मणि ने समाजवादी पार्टी पर जमकर हमला बोला। जिसके बाद सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव भी इस जुबानी जंग में कूद पड़े। सोशल मीडिया पर दोनों के बीच वार-पलटवार हुआ।

श्रद्धांजलि सभा में हुआ था शक्ति प्रदर्शन
श्रद्धांजलि सभा को राजनीतिक रूप देने के लिए शक्ति प्रदर्शन भी किया गया। लिहाजा देवरिया समेत पूर्वांचल के लगभग सभी जिलों और बिहार तक के लोग इस सभा में शामिल हुए। भारी संख्या में लोगों की संवेदना दिखी। नेताओं से लेकर आम जन तक ने दुबे परिवार के लिए मदद का हाथ बढ़ाया। कुछ ही पल में देवेश को 50 लाख की आर्थिक मदद मिल गई थी।

किसी ने मकान देने की घोषणा कर दी तो किसी ने पूरे ब्रह्मभोज का खर्चा उठाने का जिम्मा ले लिया। इसी मंच से देवेश ने 13 अक्टूबर को आयोजित ब्रह्मभोज समारोह में भी अधिक से अधिक लोगों के पहुंचने की अपील की। देवरिया के लोगों का कहना है कि इसमें करीब 50 हजार लोगों को जुटाने की तैयारी थी।

प्रेम के घर पर चल सकता है बुलडोजर
इस बीच, बुधवार को इस मामले में नया मोड़ आ गया है। ब्रह्मभोज से ठीक दो दिन पहले देवेश ने अब प्रशासन के सामने नया चैलेंज खड़ा कर दिया है। हालांकि, बुधवार को तहसीलदार रुद्रपुर अरुण कुमार की कोर्ट ने मृतक प्रेम यादव के घर को अवैध माना है। उन्होंने इस मामले में बेदखली का आदेश दिया है।

जबकि, मृतक प्रेम यादव के पिता रामभवन के वकील गोपीनाथ यादव ने बताया कि उनके पास ऊपरी अदालत में अपील करने का 30 दिन का समय है। वहीं, कोर्ट के आदेश के बाद यूपी सरकार बड़ा कदम उठा सकती है। माना जा रहा है कि प्रेम यादव के घर पर बुलडोजर चल सकता है। हालांकि, अफसर अभी सीधे तौर पर कुछ नहीं बोल रहे हैं।

प्रेम यादव की पत्नी बोलीं- मकान गिरा तो हम बर्बाद हो जाएंगे
उधर, तहसीलदार कोर्ट का फैसला आने के बाद प्रेम के परिजन सहमे हुए हैं। पुलिस का इतना जबरदस्त पहरा है कि उनको किसी से मिलने नहीं दिया जा रहा है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस उनके गेट पर खड़ी है, जिससे लोगों को आने-जाने में दिक्कत हो रही है। बेटी, बेटा बोले कि पिता का साया उठ गया। बुलडोजर चलाने का भय सता रहा है। मकान गिर गया तो हम लोग बर्बाद हो जाएंगे। हमारा पूरा विश्वास है कि हमें भी इंसाफ मिलेगा।

प्रेम की बेटी अर्चना ने कहा कि मेरे परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है। पापा अब इस दुनिया में नहीं रहे। अन्य लोग जेल में हैं। गेट पर लाल निशान लगा दिया गया और नोटिस चस्पा कर दिया गया है। पापा हमारे सभी के दुख-सुख में शरीक होते थे। इस नाते 17 तारीख को ब्रह्मभोज में काफी संख्या में लोग और नेता भी आएंगे। हमारी मांग है कि हमारे घर आने वाले लोगों को आसानी से आने दिया जाए। किसी को परेशान न किया जाए।

पूर्व मंत्री सतीश द्विवेदी ने दी 2 लाख की मदद
इस बीच देवेश से मिलने वाले ब्राह्मण समाज के लोगों और नेताओं का सिलसिला लगातार जारी है। बुधवार को यूपी सरकार के पूर्व बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री भाजपा नेता सतीश द्विवेदी ने भी उससे मुलाकात की। उन्होंने देवेश को अपनी सांत्वना दी और भरोसा दिलाया कि वे उनके साथ हैं। सतीश द्विवेदी ने देवेश को दो लाख रुपए की आर्थिक मदद भी दी। उन्होंने कहा, यह सहयोग उन्होंने नहीं बल्कि सिद्धार्थनगर क्षेत्र के लोगों ने भेजा है।