राजस्थान में साल का पहला चंद्रग्रहण आज, 20 मिनट दिखेगा:सूतक लगते ही बंद हुए कई मंदिरों के कपाट, जानें- क्या करें और क्या नहीं

राजस्थान में मंगलवार को साल का पहला चंद्रग्रहण लग रहा है। ये करीब 20 मिनट तक दिखाई देगा। श्री सत्यनारायण पूर्णिमा के दिन ग्रहण के कारण सुबह से ही धार्मिक गतिविधियों में बदलाव देखने को मिला।

ग्रहण शुरू होने से करीब 9 घंटे पहले सुबह 6 बजकर 55 मिनट पर सूतककाल शुरू हो गया। इस कारण अधिकतर मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए हैं।

भारतीय समय के अनुसार ग्रहण दोपहर 3 बजकर 21 मिनट से शुरू होकर शाम 6 बजकर 47 मिनट तक रहेगा। इस ग्रहण की कुल अवधि 4 घंटे 26 मिनट है। कई स्थानों पर ‘ब्लड मून’ का नजारा भी दिखाई दे सकता है।

जयपुर में चंद्रग्रहण का कौनसा हिस्सा दिखेगा?

चंद्रोदय शाम 6 बजकर 22 मिनट पर होगा, जबकि ग्रहण की समाप्ति 6 बजकर 47 मिनट पर हो जाएगी। ऐसे में चंद्रग्रहण का अंतिम चरण ही जयपुर में देखा जा सकेगा।

अब जानते हैं कि चंद्रग्रहण क्या होता है?

गुरुत्वाकर्षण बल यानी ग्रेविटेशनल फोर्स की वजह से पृथ्वी और सभी दूसरे ग्रह सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाते हैं। पृथ्वी, 365 दिनों में सूर्य का एक चक्कर लगाती है।

जबकि चंद्रमा एक प्राकृतिक उपग्रह है, जो पृथ्वी के चारों ओर चक्कर लगाता है। उसे पृथ्वी के एक चक्कर लगाने में 27 दिन लगते हैं।

सूर्य के चक्कर लगाने के दौरान कई बार ऐसी स्थिति बनती है जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच में आ जाती है। इस दौरान सूर्य का प्रकाश चंद्रमा तक नहीं पहुंच पाता है और पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ने से चंद्र ग्रहण होता है।

चंद्रग्रहण की घटना तभी होती है जब सूर्य, पृथ्‍वी और चंद्रमा एक सीध में हो, खगोलीय विज्ञान के अनुसार ये केवल पूर्णिमा के दिन ही संभव होता है। इसी वजह से ज्यादातर चंद्रग्रहण केवल पूर्णिमा के दिन होते हैं।

सूतक लगते ही मंदिरों के कपाट बंद

सूतक लगते ही अधिकांश मंदिरों में नियमित पूजा-पाठ रोक दिया गया। परंपरा के अनुसार सूतक और ग्रहणकाल में पूजा-पाठ, मूर्ति स्पर्श और खाना-पीना वर्जित माना जाता है।

इसी वजह से मंदिरों में सुबह की नियमित झांकियों और दर्शनों के बाद कपाट बंद कर दिए गए। सूतक सुबह 6 बजकर 55 मिनट से शुरू हो चुका है।

ग्रहण समाप्त होने के बाद शाम को शुद्धिकरण और स्नान किया जाएगा। इसके बाद 4 मार्च को भी रंगों की होली यानी धुलंडी मनाई जाएगी

गोविंददेवजी मंदिर में विशेष व्यवस्था

चंद्रग्रहण के बावजूद गोविंददेवजी मंदिर में विशेष व्यवस्था की गई है। निर्धारित समय के अनुसार मंगला झांकी सुबह 4:00 बजे से 6:30 बजे तक हुए।

धूप दर्शन 7:00 से 8:45 बजे तक, श्रृंगार 9:30 से 10:15 बजे तक और राजभोग 10:45 से 11:30 बजे तक होंगे। ग्रहण पर्वकाल में विशेष दर्शन दोपहर 3:15 बजे से शाम 6:50 बजे तक रखे गए हैं।

हालांकि, ग्रहण के कारण ग्वाल, संध्या और शयन दर्शन नहीं होंगे। मंदिर प्रशासन के अनुसार श्रद्धालु निर्धारित समय में विशेष दर्शन कर सकेंगे।

E-Paper 2025