घरेलू LPG सिलेंडर की बुकिंग अब 35 दिन बाद होगी:उज्जवला योजना में 45 दिन बाद नंबर लगेगा, डबल सिलेंडर कनेक्शन वालों के लिए बदलाव

गैस सिलेंडर की किल्लत बढ़ती जा रही है। इसके चलते इंडियन ऑयल ने बुकिंग नियम और सख्त कर दिए हैं। अब इंडेन के डबल सिलेंडर वाले उपभोक्ता एक सिलेंडर डिलीवर होने के बाद दूसरा सिलेंडर 35 दिन बाद ही बुक करा सकेंगे।

वहीं उज्जवला योजना में 45 दिन का इंतजार करना होगा। पहले ये अंतर 25 दिन का था। हालांकि सिंगल सिलेंडर पर 25 दिन का नियम पहले जैसा रहेगा। इससे पहले 9 मार्च को एक सिलेंडर डिलीवर होने के बाद दूसरा सिलेंडर के बुकिंग के अंतर को 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन किया गया था।

कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई पर ज्यादा दबाव 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर के मुकाबले 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई पर कहीं ज्यादा दबाव है। शनिवार को केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए कमर्शियल एलपीजी के कोटे में 20% की अतिरिक्त बढ़ोतरी को मंजूरी दी थी।

इसके साथ ही अब कुल आवंटन बढ़कर 50% हो गया है। हालांकि, डिस्ट्रीब्यूटर्स का कहना है कि इस फैसले का जमीन पर असर दिखने में अभी दो से तीन दिन का समय लग सकता है।

PNG का काम तेजी से होगा

भारत सरकार के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने ‘अनिवार्य वस्तु अधिनियम, 1955’ के तहत एक नया आदेश जारी किया है। इस नए नियम का मकसद देशभर में गैस पाइपलाइन बिछाने और उनके विस्तार के काम को रफ्तार देना है।

अब पाइपलाइन के काम में जमीन मिलने या मंजूरी मिलने में होने वाली देरी खत्म होगी, जिससे रिहायशी इलाकों (Residential areas) तक गैस इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से पहुंच सकेगा।

नए एक्ट के 4 नियम समझें

1. सोसायटियों और RWA की मनमानी खत्म

कई बार हाउसिंग सोसायटियों या RWA (रेसिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन) के विरोध की वजह से पाइपलाइन का काम रुक जाता था। अब ऐसा नहीं होगा।

  • अगर कोई कंपनी पाइपलाइन के लिए रास्ता मांगती है, तो सोसाइटी को 3 दिन के भीतर मंजूरी देनी होगी।
  • अगर सोसाइटी ने मना किया या देरी की, तो वहां रहने वाले सभी घरों की LPG सप्लाई पर रोक लगाई जा सकती है।

2. छोटे इलाकों को 10 दिन में मंजूरी मिलेगी

पाइपलाइन बिछाने के लिए अब सरकारी विभागों को फाइलों को लटकाने की इजाजत नहीं है।

  • छोटे नेटवर्क के लिए 10 दिन और बड़ी लाइनों के लिए 60 दिन में मंजूरी देना अनिवार्य है।
  • अगर विभाग तय समय में जवाब नहीं देता, तो उसे ‘डीम्ड क्लियरेंस’ यानी ‘ऑटोमैटिक मंजूरी’ मान लिया जाएगा और काम शुरू कर दिया जाएगा।

3. जमीन और मुआवजे का झंझट खत्म

अगर पाइपलाइन किसी की निजी जमीन से गुजर रही है, तो अब मुआवजे को लेकर सालों तक केस नहीं चलेंगे। सरकार ने सर्किल रेट के आधार पर एक फिक्स फॉर्मूला बना दिया है। अगर जमीन मालिक राजी नहीं होता है, तो जिला कलेक्टर हस्तक्षेप करके काम को आगे बढ़ाएंगे ताकि सप्लाई में देरी न हो।

4. क्या यह आपकी सुरक्षा और बचत के लिए है? सरकार ने इसे ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम’ के तहत जारी किया है, ताकि युद्ध जैसे हालात में भी आपको रसोई गैस की कमी न पड़े।

  • फायदा: आपको सिलेंडर बुकिंग या खत्म होने की टेंशन नहीं रहेगी।
  • नुकसान: जो लोग अपनी मर्जी से सिलेंडर इस्तेमाल करना चाहते थे, उनके पास अब विकल्प सीमित हो जाएंगे।

PNG कनेक्शन वालों को नहीं मिलेगा LPG सिलेंडर

सरकार ने 14 मार्च को ही PNG कनेक्शन को लेकर नए नियम जारी किए थे। इसके तहत अगर आपके घर में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन है, तो अब आपको अपना LPG सिलेंडर को सरेंडर करना होगा। नए आदेश के मुताबिक, PNG यूजर्स को न तो नया LPG कनेक्शन मिलेगा और न ही पुराना सिलेंडर रिफिल होगा। सरकार इससे पहले LPG सिलेंडर की सप्लाई को लेकर 4 बार नए नियम जारी कर चुकी है।

LPG संकट को लेकर अब सरकार ने ये कदम उठाए

  • 6 मार्च: घरेलू सिलेंडर की बुकिंग के लिए 21 दिन का लॉक-इन पीरियड शुरू किया गया (यानी एक सिलेंडर मिलने के 21 दिन बाद ही दूसरा बुक होगा)।
  • 9 मार्च: डिमांड बढ़ने पर शहरों में लॉक-इन पीरियड बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया।
  • 12 मार्च: ग्रामीण इलाकों के लिए सिलेंडर बुकिंग का गैप बढ़ाकर 45 दिन किया गया।
  • 14 मार्च: पेट्रोलियम मंत्रालय ने PNG (पाइप गैस) यूजर्स के लिए LPG सिलेंडर रखना गैर-कानूनी घोषित किया। अब PNG कनेक्शन वालों को अपना सिलेंडर सरेंडर करना होगा और वे रिफिलिंग नहीं करा पाएंगे।

यूजर्स के लिए 3 बड़े सवाल

सवाल: क्या मुझे अभी सिलेंडर लौटाना होगा?

जवाब: नहीं, अभी नहीं। आपके इलाके में पाइपलाइन एक्टिव होने और आपको नोटिस मिलने के बाद 3 महीने की उल्टी गिनती शुरू होगी।

सवाल: क्या PNG, सिलेंडर से सस्ती है?

जवाब: आमतौर पर PNG का बिल इस्तेमाल के हिसाब से आता है और यह LPG के मुकाबले सस्ती और सुरक्षित मानी जाती है।

सवाल: अगर मेरे घर तक पाइपलाइन तकनीकी रूप से संभव न हो तो?

जवाब: ऐसी स्थिति में आपकी LPG सप्लाई बंद नहीं की जाएगी। यह नियम सिर्फ उन घरों के लिए है जहां पाइपलाइन पहुंचना संभव है।