सम्राट सरकार की पहली कैबिनेट मीटिंग आज:कल PM से मिले CM सम्राट; बिहार सरकार 12 हजार करोड़ लोन लेगी,1 करोड़ को मिलेगी रुकी पेंशन

बिहार में नई सम्राट सरकार की आज बुधवार को पहली कैबिनेट मीटिंग होगी। शाम 6 बजे ये मीटिंग होगी। वहीं सम्राट चौधरी करीब 3 बजे दिल्ली से पटना पहुंचेंगे। मंगलवार को CM सम्राट चौधरी ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले।

CM ने प्रधानमंत्री से मिलने के बाद X पर लिखा- राज्य के समग्र विकास और जनकल्याण के विषय पर मार्गदर्शन मिला। प्रधानमंत्री जी का स्नेह और सहयोग बिहार की प्रगति को नई गति प्रदान करेगा।

PM से मिलने के बाद सम्राट RSS दफ्तर भी पहुंचे। यहां उन्होंने संघ नेताओं से मुलाकात की। प्रधानमंत्री से मिलने के पहले सम्राट चौधरी BJP हेडक्वार्टर में नितिन नवीन से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच करीब 5 मिनट चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि यहां मंत्रिमंडल में नामों की लिस्ट फाइनल की गई।

इधर, बिहार की नई सरकार ने राज्य को आर्थिक दबाव से उबारने के लिए रिजर्व बैंक से जून तक 12 हजार करोड़ रुपए के लोन की मांग की है। इसमें से 4 हजार करोड़ रुपए इसी महीने के अंत तक मिल सकते हैं।

1 करोड़ को मिलेगी रुकी पेंशन

नई सरकार क्राइसिस मैनेजमेंट मोड में है, 12 हजार करोड़ के लोन का सबसे बड़ा हिस्सा सामाजिक सुरक्षा पेंशन के मद में जाएगा। मार्च और अप्रैल महीने की पेंशन अटकी हुई है। सरकार की योजना है कि मई में 1 करोड़ से अधिक बुजुगों, दिव्यांगों और विधवाओं को दो महीने की पेंशन एक साथ दी जाए।

इसके अलावा फंड की कमी से रुकी हुई विकास योजनाएं और 58 हजार छात्रों के स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड का भुगतान भी इसी कर्ज से होने की उम्मीद है। चुनाव से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पेंशन 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये कर दी थी। इससे सरकार पर हर महीने 1150 करोड़ रुपये का बोझ पड़ रहा है। साथ ही महिला रोजगार योजना में 15 हजार करोड़ रुपये खर्च होने से खजाना दबाव में आ गया।

वह सब जो आप जानना चाहते हैं

सामाजिक सुरक्षा पेंशन कब तक?

जवाब: लोन की पहली किस्त अप्रैल अंत तक मिलने की उम्मीद है। मई में मार्च-अप्रैल का पैसा एक साथ खाते में आएगा।

स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड का क्या होगा?

जवाब: 58 हजार छात्रों की फीस अटकी है। शिक्षा वित्त निगम मई से भुगतान शुरू करने की तैयारी में है।

सड़कों-पुलों का काम कब शुरू?

जवाब: ट्रेजरी से भुगतान रुकने से प्रोजेक्ट ठप हैं। लोन मिलते ही निर्माण कार्यों के लिए फंड जारी होगा।

बिहार पर कुल कितना कर्ज है?

जवाब: राज्य की देनदारी 3.70 लाख करोड़ पार कर चुकी है। इस साल के अंत तक यह 4 लाख करोड़ के पार जा सकती है।

4 लाख करोड़ के पार जाएगा बोझ

बिहार सरकार ने 2025 के अप्रैल-जून की तिमाही में भी 12 हजार करोड़ लोन लिया था। लेकिन, उस समय लोन लेना मई महीने से शुरू किया गया था, जबकि नए वित्तीय वर्ष के शुरू होते ही वेतन में देरी होने लगी और अप्रैल से ही लोन की जरूरत पड़ने लगी है।

रिजर्व बैंक के आंकड़ों पर अगर गौर करें तो सरकार की शुद्ध देनदारी 3 लाख 70 हजार करोड़ के पार जा चुकी है। 2026 समाप्त होने तक यह 4 लाख करोड़ के पार पहुंच जाएगा।

सरकार को इस साल करीब 40 हजार करोड़ रुपये सिर्फ ब्याज के रूप में चुकाने हैं। यानी हर दिन 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि सिर्फ सूद भरने में जा रही है।

वित्त विभाग भले ही इसे एफआरबीएम सीमा के भीतर बता रहा हो, लेकिन वित्तीय वर्ष के पहले महीने से ही वेतन में देरी होना, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड का पैसा रोक देना बताता है कि लोकलुभावन योजनाओं ने विकास कार्यों के बजट में सेंध लगा दी है। इससे उबरने के लिए सरकार को गंभीर पहल की जरूरत है।

अब बात सम्राट कैबिनेट की

BJP कोटे से 30% चेहरे बदल सकते हैं

पांच राज्यों के चुनाव परिणाम के बाद बिहार कैबिनेट में विस्तार हो सकता है। सूत्रों की मानें तो BJP कोटे के मंत्रियों में 30% चेहरे बदल सकते हैं। पार्टी की तरफ से नवंबर में सरकार गठन के दौरान नए चेहरे को मौका दे दिया गया था।

सूत्रों की मानें तो BJP के मौजूदा मंत्रियों की लिस्ट में 3-4 चेहरे को बदलकर नए चेहरे को मौका मिल सकता है। इसमें सम्राट चौधरी CM तो नितिन नवीन राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हैं तो उनका कोटा खाली है। इनके अलावा दो-तीन नन परफॉर्मिंग नेताओं को रिप्लेस किया जा सकता है।

अगर BJP कोटे के मौजूदा मंत्रियों की लिस्ट देखें तो इनकी औसत आयु 53 साल है। लखेंद्र पासवान, श्रेयसी सिंह, संजय टाइगर और रमा निषाद जैसी युवा और नए चेहरे को पार्टी पहले ही कैबिनेट में शामिल कर चुकी हैं।

महामंत्री से प्रदेश उपाध्यक्ष तक बदले जाएंगे

भाजपा संगठन में बड़े बदलाव करने की तैयारी में है। प्रदेश अध्यक्ष के बाद सबसे महत्वपूर्ण पद महामंत्री का होता है। अभी चार महामंत्री (राधामोहन शर्मा, राजेश

वर्मा, लाजवंती झा और शिवेश कुमार) हैं। शिवेश राज्यसभा सदस्य बने हैं। पार्टी इन्हें बदलने की तैयारी में है। इनकी जगह पूरी तरह नए चेहरे को मौका मिल सकता है।

प्रदेश उपाध्यक्ष पद से भी 6-7 पुराने चेहरों की छुट्‌टी तय मानी जा रही है। इनमें राज्यसभा सांसद धर्मशीला गुप्ता और विधायक संजय गुप्ता जैसे नाम शामिल हैं। वहीं, 2-3 उपाध्यक्ष को प्रमोशन मिल सकता है।

11 महीने पहले जब दिलीप जायसवाल ने बतौर प्रदेश अध्यक्ष संगठन का विस्तार किया था तब उन्होंने 40 फीसदी नए चेहरों को मौका दिया था। 60 फीसदी पुराने नेताओं को रिपीट किया गया था। अब संजय सरावगी की टीम में 60 फीसदी से ज्यादा नए चेहरों के एंट्री की तैयारी चल रही है।

सूत्रों की मानें तो नए संगठन विस्तार में तीन बातों का ध्यान रखा जाएगा युवा, महिला और फील्ड में एक्टिव। इसके साथ ही पिछड़े वर्ग की हिस्सेदारी संगठन में भी बढ़ाई जा सकती है। फिलहाल बीजेपी के प्रदेश कार्यसमिति में 35 लोगों की टीम है। इनमें 15 सवर्ण, 9 EBC, 7 0BC और 4 दलित हैं।