रोहतक में स्थित MDU में फिजिक्स डिपार्टमेंट की स्टूडेंट वंशिका गहलावत का ऑस्ट्रेलिया की एडिलेड यूनिवर्सिटी शोध करने के लिए चयन हुआ है। ग्रामीण परिवेश से निकलकर वंशिका अब ऑस्ट्रेलिया में रिसर्च करके भारत और हरियाणा का मान बढ़ाने के लिए तैयार है।
गांव खेड़ी साध निवासी वंशिका का यह रिसर्च प्रोजेक्ट सौर ऊर्जा के भविष्य को बदलने वाला साबित होगा। वे ड्यूरेबल क्वांटम-कटिंग कंपोजिट पर काम करेंगी। इस तकनीक का उद्देश्य उन सौर पैनलों की कार्यक्षमता बढ़ाना है, जो ट्रक, जहाज या विमान जैसे कठिन वातावरण में खराब हो जाते हैं। वंशिका एक ऐसी विशेष सुरक्षा परत विकसित करेगी जो हानिकारक यूवी किरणों को बिजली में बदलने में मदद करेगी।
22 हजार डॉलर की शोध परियोजना, अंतरराष्ट्रीय मार्गदर्शन
इस रिसर्च प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत लगभग 22 हजार डॉलर है, जिसकी व्यवस्था प्रतिस्पर्धात्मक अनुदानों से की जाएगी। परियोजना का मार्गदर्शन ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिक प्रो. हाइके एबेंडॉर्फ-हाइडप्रियम करेंगे। साथ ही परियोजना का औद्योगिक जुड़ाव प्राक्सिस लैब्स से भी है, जिससे तकनीकी विकास को बल मिलेगा।
अन्य स्टूडेंट के लिए वंशिका बनेगी प्रेरणा
एमडीयू के वाइस चांसलर प्रो. मिलाप पूनियां ने वंशिका गहलावत को इस वैश्विक सफलता पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचना आसान नहीं है। वंशिका की कड़ी मेहनत ने ही उसे ऑस्ट्रेलिया पहुंचाया है। वंशिका की उपलब्धि अन्य स्टूडेंट के लिए प्रेरणा बनेगी।
समाज के लिए उपयोगी शोध करना लक्ष्य
फिजिक्स विभाग के 2023-25 बैच की स्टूडेंट वंशिका गहलावत ने कहा कि मेरा लक्ष्य विज्ञान के माध्यम से समाज की समस्याओं का समाधान करना है। एडिलेड यूनिवर्सिटी का यह प्रोजेक्ट मुझे अंतरराष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों और आधुनिक प्रयोगशालाओं में सीखने का मौका देगा।