मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी पहली बार रविवार को अपने गृह जिला मुंगेर पहुंचे। यहां उन्होंने कहा, ‘पीएम मोदी और नीतीश कुमार ने मुझे गद्दी पर बैठाया है। ये मेरे लिए एक चुनौती है, मुझे बिहार को आगे ले जाना है।’
16 मिनट के भाषण में सीएम ने सरकार की नीतियों का जिक्र किया। साथ ही अफसरों को अल्टीमेटम दिया। उन्होंने कहा, ब्लॉक, अंचल और थाने की मॉनिटरिंग मुख्यमंत्री कार्यालय करेगा। अगर अफसर ने एक महीने से ज्यादा समय तक फाइल लटकाई तो कार्रवाई होगी।’
इसके बाद सम्राट चौधरी ने तारापुर में लोगों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि बिहार के लिए बहुत काम करना है। आप लोग छुट्टी दीजिएगा तभी ना पटना जाकर बिहार के लिए काम करूंगा।
इससे पहले सीएम सम्राट ने बैजलपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ में सुनी।
सीएम के दौरे को लेकर स्थानीय लोगों में उत्साह दिखा, हैलीपैड के पास मैदान में लोगों की भीड़ रही। वहीं एक समर्थक 8 किलो के तरबूज पर सम्राट चौधरी और पीएम मोदी की तस्वीर उकेरी है।
वहीं रविवार को देर शाम एक शादी समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से निशांत कुमार की मुलाकात हुई। इस दौरान निशांत ने सम्राट को सीएम बनने की बधाई दी।
CM सम्राट चौधरी के स्पीच की बड़ी बातें
- पहली बार यहां से विधायक बना और CM भीः पहली बार मैं आपका विधायक बना और पहली बार ही मुख्यमंत्री बन गया, ये प्रमुख बात है। जिस इलाके में जन्म लिया, वहां सेवा करने का पहली बार मौका मिला है।
- मोदी-नीतीश ने गद्दी पर बिठायाः प्रधानमंत्री मोदी और नीतीश कुमार ने मुझे सीएम बनाया है। ये मेरे लिए चुनौती है। मुझे एहसास है कि बिहार को बदलना है, समृद्धि की ओर ले जाना है।
- नीतीश कुमार की तारीफः नीतीश कुमार ने बिहार को सजाया, सड़क-बिजली-पानी पहुंचाने का काम किया। बच्चियों को स्कूल पहुंचाया। इसे तेज गति से आगे बढ़ाना है। ब्लॉक की स्थिति गड़बड़ थी। इसलिए ब्लॉक, CO ऑफिस और थाने की मॉनिटरिंग CM कार्यालय करेगा।
- फाइल रोकी तो अफसर पर एक्शनः महीने में 2 दिन पंचायत में कैंप लगाएंगे। सहयोग कार्यक्रम के तहत एक कैंप लगेगा। अगर अफसरों ने फाइल रोकी तो एक्शन होगा।
- वित्त की कमी नहींः जब हमने 125 यूनिट बिजली फ्री की थी तो हमें लगा 20 हजार करोड़ कहां से लाएंगे, लेकिन हमलोग सफल हुए। आज वित्त की कमी नहीं है। रूके हुए सभी काम को हमारी सरकार पूरा करेगी।
- तारापुर को सजाएंगेः ढोल पहाड़ी को सजाने के लिए लोगों ने कहा था। आज में शिलान्यास करने आया हूं और आज से ही काम शुरू हो जाएगा।
- सरकारी जमीन पर बने घर ढहेंगेः जमीन अधिग्रहण का काम कर रहे हैं। इसमें कष्ट तो होता ही है। तारापुर में मेरा भी घर है, उसकी सीढ़ी को तोड़ने का काम प्रशासन कर रहा है। अगर निजी जमीन है तो ठीक है, लेकिन जमीन सरकारी है तो उस घर को ध्वस्त होना ही होगा, कोई नहीं बचा सकता है।