बिहार में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और अहम कदम उठाया है। इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदने वाले वाहन स्वामियों को सब्सिडी प्रदान करने की प्रक्रिया अब आधिकारिक तौर पर शुरू कर दी गई है। इसके लिए परिवहन विभाग ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन का लिंक जारी कर दिया है, जिससे गाड़ी मालिक आसानी से अनुदान के लिए आवेदन कर सकते हैं।
विभागीय आदेश के मुताबिक, 15 मई 2026 या उसके बाद खरीदे गए इलेक्ट्रिक गाड़ी के मालिकों को ही इस योजना का सीधा फायदा मिल सकेगा।
ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया के तहत वाहन चालकों को परिवहन विभाग के पोर्टल पर जारी लिंक में कुछ जरूरी विवरण दर्ज करने होंगे। इसमें मुख्य रूप से जिले का नाम, वाहन की पंजीकरण संख्या यानी आरसी, इंजन नंबर, चेसिस नंबर, वाहन खरीद की तिथि, आवेदक का पैन कार्ड नंबर और बैंक खाते का पूरा विवरण देना अनिवार्य किया गया है। इन सभी जानकारियों के सत्यापन के बाद निर्धारित अनुदान की राशि सीधे पात्र वाहन मालिक के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी।
140 इलेक्ट्रिक गाड़ी की खरीद हुई
राज्य सरकार की ओर से गाड़ी के प्रकार और श्रेणी के आधार पर अनुदान की राशि अलग-अलग तय की गई है, जिसमें दोपहिया, तिपहिया यात्री व मालवाहक, चारपहिया, हल्के मालवाहक और भारी गाड़ी व बसों को शामिल किया गया है।
नई व्यवस्था के अनुसार, दोपहिया इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदने पर सामान्य वर्ग के खरीदारों को 10 हजार रुपये, जबकि महिलाओं और अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के आवेदकों को 12 हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा।
60 हजार रुपये तक मिलेगी सब्सिडी
वहीं, मालवाहक तिपहिया गाड़ी के लिए सामान्य वर्ग को 50 हजार और एससी-एसटी वर्ग के लोगों को 60 हजार रुपये की अनुदान राशि दी जाएगी। इसके अलावा, महिलाओं के नाम पर चार पहिया इलेक्ट्रिक गाड़ी की खरीद करने पर एक लाख रुपये तक के भारी अनुदान का प्रावधान किया गया है, ताकि अधिक से अधिक लोग पर्यावरण के अनुकूल इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लिए प्रेरित हो सकें।