NEET पेपर लीक और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्र आंदोलन पर हैं। दिल्ली के जंतर-मंतर से आंदोलन बिहार पहुंच गया है। बीते 2 दिनों से अलग-अलग जिलों में प्रदर्शन और बवाल हो रहा है।
प्रदर्शन को देखते हुए पटना में सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए गए हैं। चप्पे-चप्पे पर पुलिस की तैनाती है। कई जिलों में ड्रोन से निगरानी की जा रही है।
इधर, बिहार पुलिस ने अलग-अलग जिलों में हुए प्रदर्शन में शामिल करीब 200 उपद्रवियों की तस्वीर जारी की है। इनमें सबसे ज्यादा 72 फोटो कटिहार प्रशासन की ओर से जारी हुई है।
पटना के 4 थानों में 21 केस, 57 गिरफ्तार
बुधवार को हुए उग्र प्रदर्शन के दौरान हिंसा, पथराव और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में पटना के 4 थानों में लगभग 500 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
कुल 21 प्राथमिकी शहर के अलग- अलग थानों में दर्ज है, जिसमें 57 उपद्रवियों को पकड़ा है, सरकारी काम में बाधा, हिंसा, उपद्रव, जानलेवा हमला और सरकारी संपतियों को नुकसान पहुंचाने के मामले में दर्ज किया गया।
वहीं, अराजकता और उपद्रव फैलाने वाले 117 प्रदर्शनकारियों को पटना पुलिस चिन्हित किया है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है
पटना पुलिस ने 60 उपद्रवियों की तस्वीरें जारी की
पुलिस ने 60 उपद्रवियों की तस्वीरें भी जारी की है। ये लोग पुलिस पर ईंट पत्थर फेंकते, बैरिकेड, तोड़ते और उपद्रव मचाते दिख रहे हैं।
उपद्रवियों की पहचान के लिए बिहार पुलिस की साइबर क्राइम एंड सिक्योरिटी यूनिट (CCSU), Dail 100 अन्य वीडियो फुटेज के माध्यम से पहचान करने में जुटी है।
पटना पुलिस ने लेटर जारी किया है, जिसमें उपद्रवियों की पहचान करने में पटना पुलिस की मदद करने की अपील की गई है।
दूसरे दिन जहानाबाद में 30 राउंड फायरिंग
गुरुवार (23 जुलाई) को भी बिहार में छात्रों का प्रदर्शन जारी रहा। पटना कॉलेज के पास छात्र फिर सड़कों पर उतरे। अशोक राजपथ पर जाम लगा दिया। छात्रों का कहना है कि धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना ही होगा। थोड़ी देर बाद पुलिस ने छात्रों को डिटेन किया।
उन्हें बस में भरकर ले जाया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारी छात्र ने कहा कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देंगे, हम लोग पीछे हटने वाले नहीं हैं। पुलिस लोकतंत्र को कुचलना चाहती है। केंद्र सरकार तानाशाही हो गई है, हम लोगों के अधिकारों का दमन कर रही है।
पटना के अलावा दरभंगा, बेगूसराय, जहानाबाद और कटिहार में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों की ओर से भी जमकर ईंट-पत्थर चलाए गए।
जहानाबाद में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया। इसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इससे छात्र उग्र होकर रेलवे ट्रैक पर पहुंचकर पत्थरबाजी शुरू कर दी। रेलवे ट्रैक से प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए फायरिंग करनी पड़ी। इस दौरान पुलिस ने 30 राउंड हवाई फायरिंग की।
बेगूसराय में प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया। छात्र गेट पर चढ़ गए थे। पुलिस सभी छात्रों से पीछे हटने की अपील की। लेकिन छात्र मानने को तैयार नहीं थे। छात्रों को कंट्रोल करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।
इस दौरान छात्रों ने जिला प्रशासन की गाड़ी क्षतिग्रस्त कर दी। वहीं, कटिहार में डीएम ऑफिस के बाहर तैनात मजिस्ट्रेट की पत्थरबाजी में आंख फूट गई।
25 जुलाई को ‘बिहार बंद’ छात्रों पर हुई पुलिसिया कार्रवाई के विरोध में आइसा और आरवाईए ने 25 जुलाई को ‘बिहार बंद’ का आह्वान किया है। छात्र संगठनों ने कहा-आंदोलन चलता रहेगा।
कैसे बिगड़े प्रदर्शन के हालात?
NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और धांधली के विरोध में बुधवार(22 जुलाई) को AISA के बैनर तले हजारों की संख्या में छात्र और अभ्यर्थी पटना की सड़कों पर उतरे थे। शुरुआत में प्रदर्शन शांतिपूर्ण बताया जा रहा था, लेकिन पुलिस के अनुसार कुछ लोग प्रतिबंधित क्षेत्र की ओर बढ़ने लगे।
जब पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इसी दौरान कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया और बैरिकेडिंग तोड़ने का प्रयास किया। इसके बाद हालात तेजी से बिगड़ गए और पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा।
लाठीचार्ज के बाद प्रदर्शन स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान कई छात्र और पुलिसकर्मी घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि पूरे इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई।
हिंसा के पीछे साजिश की भी जांच
पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बीच कुछ असामाजिक तत्व भी शामिल हो गए थे, जिन्होंने जानबूझकर माहौल खराब करने और हिंसा भड़काने की कोशिश की।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या हिंसा पहले से सुनियोजित थी या मौके पर हालात बिगड़े। इसके लिए घटनास्थल की वीडियोग्राफी, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल वीडियो और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की हर पहलू से जांच होगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
सोशल मीडिया और YouTubers भी जांच के दायरे में
पुलिस की जांच अब सोशल मीडिया तक भी पहुंच गई है। जांच एजेंसियां उन पोस्ट, वीडियो और संदेशों की पड़ताल कर रही हैं, जो प्रदर्शन से पहले और उसके दौरान वायरल हुए थे।
इसके अलावा कुछ YouTubers और सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स की गतिविधियों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी
पटना पुलिस का कहना है कि पूरे मामले में साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। हिंसा, तोड़फोड़ और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। साथ ही
सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने या कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर भी नजर रखी जा रही है। प्रदर्शन को लेकर कुल 21 प्राथमिकी दर्ज की गई है। विभिन्न थानों में मामले दर्ज किए गए हैं।