बिहार विद्यालय परीक्षा समिति, पटना की ओर से डी.एल.एड. (फेस-टू-फेस) पाठ्यक्रम के सत्र 2025-27 (प्रथम वर्ष) और सत्र 2024-26 (द्वितीय वर्ष) की परीक्षाएं आज यानी 24 जुलाई से शुरू हो गई हैं, जो 7 अगस्त 2026 तक चलेंगी।
परीक्षा को पूरी तरह कदाचारमुक्त और शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। बिहारशरीफ अनुमंडल दंडाधिकारी किसलय श्रीवास्तव ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत परीक्षा केंद्रों के 500 गज के दायरे में निषेधाज्ञा लागू कर दी है।
दो पालियों में हो रही है परीक्षा
यह परीक्षा प्रतिदिन दो पालियों में आयोजित की जा रही है। प्रथम पाली सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक और द्वितीय पाली दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक संचालित हो रही है।
बिहारशरीफ में बनाए गए 3 परीक्षा केंद्र
परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए बिहारशरीफ अनुमंडल मुख्यालय में कुल 3 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें जवाहर कन्या उच्च विद्यालय, झींगनगर, बिहारशरीफ, आदर्श उच्च विद्यालय, बिहारशरीफ (टाउन उच्च विद्यालय कैंपस) और बिहार टाउन +2 उच्च विद्यालय, बिहारशरीफ, नालंदा शामिल है।
धारा 163 के तहत कड़े प्रतिबंध और निषेधाज्ञा
परीक्षा केंद्रों के 500 गज के व्यासार्द्ध क्षेत्र में परीक्षा अवधि के दौरान एक साथ पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के इकट्ठा होने पर प्रतिबंध रहेगा। किसी भी प्रकार के घातक हथियार, लाठी, भाला, गड़ासा या आग्नेयास्त्र (लाइसेंसी हथियार सहित) लेकर चलना पूरी तरह वर्जित होगा।
परीक्षार्थियों को केंद्र के अंदर मोबाइल फोन या किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक सामग्री ले जाने की अनुमति नहीं है, वे केवल आवश्यक लेखन सामग्री ही ले जा सकेंगे। परीक्षा के दिनों में केंद्रों के 500 गज के दायरे में सभी फोटोस्टेट शॉप, साइबर कैफे और कोचिंग संस्थान सुबह 9 बजे से परीक्षा समाप्ति तक पूरी तरह बंद रहेंगे। क्षेत्र में लाउडस्पीकर और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
यह आदेश परीक्षा कार्य में तैनात पुलिस अधिकारियों, दंडाधिकारियों, शवयात्रा और लाठी के सहारे चलने वाले वृद्धों या दिव्यांगों पर लागू नहीं होगा।
परीक्षा में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने के लिए सभी केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और सशस्त्र पुलिस बलों की स्टैटिक व गश्ती दल के रूप में प्रतिनियुक्ति की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सुसंगत धाराओं के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।