चंडीगढ़ में नाबालिग की मौत:अस्पताल में कहती रही- सूर्या से मिलवा दो, उसने ‘माई वाइफ’ लिख फोटो शेयर की; परिवार की FIR की मांग

चंडीगढ़ में नाबालिग लड़की की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। पिता के मुताबिक उसने जहर निगला था। इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। पिता विमलेश कुमार का कहना है कि मौत से पहले बेटी मोनिका अस्पताल में बार-बार सूर्या का नाम ले रही थी। बेटी ने उससे मिलने की इच्छा जता रही थी।

परिजन ने सूर्या पर मोनिका को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाते हुए मामले की जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि उन्होंने थाना-3 पुलिस को कई बार मामले की जानकारी दी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

इसके बाद परिवार ने DGP डॉ. सागर प्रीत हुड्डा, SSP कंवरदीप कौर, और थाना-3 के SHO इंस्पेक्टर संजीव कुमार को शिकायत देकर पूरी कहानी बताई है और FIR दर्ज करने, निष्पक्ष जांच और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं जिस सूर्या पर परिवार ने आरोप लगाया है, उसने लड़की की मौत के बाद माई वाइफ और रोने वाली इमोजी लगाकर दुख जताया था।

  • घर में बेहोश मिली थी मोनिका: DGP को दी शिकायत के मुताबिक, उनका परिवार मूलरूप से यूपी के जिला हरदोई में थाना कासिमपुर अंतर्गत गांव गोरी विदुर का रहने वाला है। परिवार के मुखिया विमलेश कुमार चंडीगढ़ में ही प्राइवेट काम करते हैं। उन्होंने शिकायत में बताया कि 17 अगस्त की सुबह मोनिका (16) घर में बड़ी बहन अंशिका और भाई अर्पित के साथ थी। उस समय उसके पिता पत्नी को काम पर छोड़ने के लिए घर से बाहर गए थे। इसी दौरान अंशिका ने फोन कर बताया कि मोनिका घर के अंदर बेहोश पड़ी है। सूचना मिलते ही पिता घर पहुंचे और बेटी को सेक्टर-16 स्थित सरकारी मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल ले गए। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे PGI रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान उसी दिन मोनिका की मौत हो गई।
  • रिपोर्ट में एल्युमिनियम फॉस्फाइड निगलने की बात: परिवार की शिकायत के अनुसार, PGI से जारी डेथ सर्टिफिकेट में मोनिका की मौत का तत्काल कारण ‘रिफ्रैक्टरी शॉक’ बताया गया, जो एल्युमिनियम फॉस्फाइड निगलने के कारण हुआ। रिपोर्ट में मौत के तरीके को फिलहाल ‘जांच लंबित’ बताया गया है। परिवार का कहना है कि घटनास्थल से ‘क्विकफॉस’ नाम के कीटनाशक का खाली पैकेट भी मिला था।
  • अस्पताल में बार-बार सूर्या का नाम लिया: मोनिका के पिता ने शिकायत में दावा किया है कि सेक्टर-16 अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी बेटी होश में थी। उस समय वह बार-बार सूर्या का नाम ले रही थी और उससे मिलने की बात कह रही थी। परिवार के एक सदस्य ने उसकी आवाज रिकॉर्ड कर ली थी। परिवार ने यह रिकॉर्डिंग पुलिस को देकर इसकी जांच कराने की मांग की है।
  • सूर्या पहले करीब आया और बाद में दूरी बना ली: घटना के बाद परिवार ने मोनिका का मोबाइल और सोशल मीडिया एकाउंट चेक किए। इसमें सूर्या से उसकी बातचीत होने की बात सामने आई। परिवार का आरोप है कि सूर्या पहले मोनिका के करीब आया और बाद में उससे दूरी बना ली। परिजन का मानना है कि इससे मोनिका परेशान हो गई और उसने यह कदम उठाया।
  • मौत के बाद एक्स अकाउंट पर पोस्ट डाला: परिजन ने शिकायत में सूर्या के सोशल मीडिया एकाउंट से जुड़ी एक पोस्ट का भी जिक्र किया है। परिवार का कहना है कि मोनिका की मौत के बाद सूर्या ने अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर ‘माई वाइफ’ लिखकर पोस्ट की और उसके साथ रोने वाले इमोजी लगाए। परिवार चाहता है कि पुलिस इस पोस्ट और सूर्या के पूरे सोशल मीडिया खाते की जांच करे और यह पता लगाए कि दोनों के बीच किस तरह का संपर्क था।
  • चैट में भी मोनिका के परेशान होने का दावा: शिकायत के साथ परिवार ने एक लड़की के नाम से हुई बातचीत के स्क्रीनशॉट भी पुलिस को दिए हैं। परिवार का कहना है कि मोनिका की मौत के बाद सूर्या के बारे में पूछे जाने पर देवांशी ने पहले जानकारी होने से इनकार किया और बाद में दोनों को स्कूल का दोस्त बताया। परिवार ने पुलिस से देवांशी समेत मोनिका के दोस्तों और सहपाठियों के बयान दर्ज करने की मांग की है।
  • मोबाइल नंबर पर भेजे गए मैसेज के स्क्रीनशॉट भी दिए: एक अन्य चैट में मोनिका की ओर से सामने वाले व्यक्ति से बात करने और जवाब देने की अपील किए जाने का दावा किया गया है। परिवार का कहना है कि इन बातचीत से यह संकेत मिलता है कि मौत से पहले मोनिका भावनात्मक रूप से परेशान थी। हालांकि, चैट में इस्तेमाल खाता सूर्या का ही था या किसी अन्य व्यक्ति का, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। परिवार ने पुलिस को एक मोबाइल नंबर पर भेजे गए मैसेज के स्क्रीनशॉट भी दिए हैं।
  • डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कराने की मांग: शिकायत के मुताबिक, इस नंबर पर 9 अगस्त, 12 अगस्त और फिर 17 अगस्त की सुबह मैसेज भेजे गए थे। परिवार का दावा है कि यह नंबर सूर्या या उससे जुड़े किसी व्यक्ति के संपर्क में हो सकता है। इसी आधार पर पुलिस से नंबर की कॉल डिटेल और उससे जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कराने की मांग की गई है।
  • पुलिस को बताने पर कार्रवाई नहीं: मोनिका के परिवार का आरोप है कि उन्होंने मामले की जानकारी थाना-3 पुलिस को कई बार दी, लेकिन उनकी शिकायत पर अभी तक वह कार्रवाई नहीं हुई, जिसकी उसे उम्मीद थी। परिवार का कहना है कि बेटी की मौत के बाद वह लगातार इंसाफ की मांग कर रहा है। अब परिजन ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की है। परिवार ने मांग की है कि सूर्या के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया खाते और चैट की जांच की जाए।