फतेहाबाद में आधी रात प्रशासन ने हटाया कचरा:सफाई कर्मचारियों ने किया विरोध, राष्ट्रगान गाया; 50 से ज्यादा हिरासत में

फतेहाबाद में पिछले 17 दिनों से जारी नगर परिषद सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बीच रविवार आधी रात को जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा एक्शन लिया। शहर में लगे कचरे के ढेरों से आम जनता को राहत दिलाने के लिए भारी पुलिस बल की मौजूदगी में सभी मुख्य डंपिंग साइट्स से कचरा उठाने का काम शुरू करवा दिया गया।

इस दौरान करीब 60 से 70 सफाई कर्मचारी मौके पर पहरा दे रहे थे, जिन्हें हटाने और स्थिति संभालने के लिए करीब 400 पुलिसकर्मी मैदान में उतरे।

रविवार शाम से ही पुलिस लाइन में लोडर, जेसीबी और आवश्यक संसाधन जुटने शुरू हो गए थे और पुलिस बल की ड्यूटियां लगा दी गई थीं। वहीं कर्मचारी भी नगर परिषद कार्यालय और डंपिंग साइट्स पर लगातार पहरा दे रहे थे। रात करीब 1 बजे पुलिस की टीमों ने रणनीति बनाकर कर्मचारियों को अलग-अलग पॉइंट की तरफ ध्यान भटकाया और 1:15 बजे दर्जनों गाड़ियों का काफिला भूना रोड स्थित मुख्य डंपिंग पॉइंट पर जा पहुंचा।

मौके पर ये बड़े अधिकारी रहे मौजूद

इस टीम का नेतृत्व ड्यूटी मजिस्ट्रेट सतपाल रोहज, जिला नगर आयुक्त प्रवीण कुमार, डीएसपी संजय बिश्नोई, सिटी थाना प्रभारी सुरेंद्र और सदर थाना प्रभारी प्रहलाद सिंह सहित तमाम पुलिस शाखा प्रभारियों ने किया।

कर्मचारियों ने लोडर घेरा, राष्ट्रगान शुरू किया

जैसे ही प्रशासनिक टीमें और गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, तो कर्मचारियों ने जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। कर्मचारियों ने आगे चल रहे लोडर को घेर लिया और उसके ऊपर चढ़कर विरोध जताया। इसके तुरंत बाद पुलिस एक्शन मोड में आई और कर्मचारियों को हिरासत में लेना शुरू कर दिया।

50 से ज्यादा कर्मचारियों को हिरासत में लेकर बसों के जरिए थाना और चौकियों में भेजा गया। इस दौरान कुछ कर्मचारी कचरा पॉइंट के पास खड़े होकर राष्ट्रगान गाने लगे, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें भी हिरासत में ले लिया ताकि सफाई अभियान निर्बाध रूप से चलाया जा सके।

14 में से 13 मांगों पर सहमति, पक्का करने पर असहमति

मामले की जानकारी देते हुए जिला नगर आयुक्त प्रवीण कुमार ने बताया कि सरकार ने कर्मचारियों की 14 में से 13 मांगों पर सहमति जता दी थी। कर्मचारियों को पक्का करने की एकमात्र मांग पर कानूनी अड़चनों के कारण पेंच फंसा था और आश्वासन दिया गया था कि कानूनी बाधाएं दूर होते ही इस पर भी सहमति बन जाएगी। इसके बावजूद कर्मचारी 17 दिनों से हड़ताल पर डटे रहे, जिससे पूरे शहर में जगह-जगह कचरे के ढेर लग गए थे।

उन्होंने बताया कि इस विशेष सफाई अभियान के लिए शहर की सामाजिक संस्थाओं से सहयोग लेकर मैनपावर और संसाधन जुटाए गए हैं। अब सभी डंपिंग पॉइंट खाली करवा दिए जाएंगे और कल से शहर में नियमित सफाई व्यवस्था बहाल हो जाएगी।

धरना स्थल पर डटे नेता, जनता को मिली राहत

रात को हुई इस बड़ी कार्रवाई और हंगामे के बाद भी मुख्य कर्मचारी नेताओं सहित करीब 15 से 20 कर्मचारी धरना स्थल पर डटे हुए हैं। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि वे अब सोमवार को बैठक करके आगे के आंदोलन की रणनीति तय करेंगे। दूसरी ओर, आधी रात को हुए इस घटनाक्रम और शहर से कचरा हटने की शुरुआत होने से स्थानीय नागरिकों ने बड़ी राहत की सांस ली है।