पंजाब में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बीच थर्मल प्लांटों में कोयले का स्टॉक घट गया है। प्रदेश के पांच थर्मल प्लांटों में से चार में सिर्फ 8 से 15 दिन का कोयला बचा है। इनमें तलवंडी साबो में आठ, राजपुरा में 10, गोइंदवाल में 11 और लहरा मुहब्बत में 15 दिन का स्टॉक है। रोपड़ में 29 दिन का कोयला उपलब्ध है।
रिकॉर्ड मांग के मुकाबले पावरकाम के अपने सभी स्रोतों से सिर्फ 4,833 मेगावाट बिजली उपलब्ध रही। इसमें सरकारी थर्मलों से 839, हाइडल प्रोजेक्टों से 720 और निजी थर्मलों से 2,941 मेगावाट बिजली मिली। मांग पूरी करने के लिए पावरकाम ने पावर ग्रिड से 11,623 मेगावाट बिजली ली।
अभी तक पांच यूनिट बंद, 1130 मेगावाट उत्पादन ठप
रोपड़ के यूनिट नंबर 4 और 5 तथा लहरा मुहब्बत के यूनिट नंबर 1, 3 और 4 तकनीकी समस्या के कारण बंद हैं। इनसे कुल 1130 मेगावाट बिजली उत्पादन प्रभावित है। इसके अलावा रणजीत सागर बांध के दो और यूबीडीसी प्रोजेक्ट के तीन यूनिट बंद हैं, जिससे करीब 345 मेगावाट उत्पादन ठप है। भाखड़ा, पौंग और रणजीत सागर बांधों में पिछले साल के मुकाबले पानी का स्तर भी कम है, जिससे हाइडल उत्पादन प्रभावित हुआ है।
किस थर्मल में कितना कोयला
तलवंडी साबो (1980 मेगावाट) – 8 दिन
राजपुरा (1400 मेगावाट) – 10 दिन
गोइंदवाल (540 मेगावाट) – 11 दिन
लहरा मुहब्बत (920 मेगावाट) – 15 दिन
रोपड़ (840 मेगावाट) – 29 दिन