दिल्ली: जीआईडब्ल्यूए महोत्सव में दिखी आत्मविश्वास की तस्वीर, छठे महोत्सव का समापन; नई गवर्निंग टीम की घोषणा

घर की जिम्मेदारियों के बीच अपने सपनों को जगह देने वाली महिलाओं के लिए रविवार का दिन कुछ खास रहा। द ललित में ग्लोबल इंडियन वूमेन एसोसिएशन (जीआईडब्ल्यूए) के छठे महोत्सव का भव्य समापन हुआ। इस दौरान मंच पर महिलाएं सिर्फ प्रस्तुति देती नजर नहीं आईं, बल्कि अपने हुनर, रचनात्मकता और नेतृत्व क्षमता के साथ यह भी बताती दिखीं कि होममेकर होना किसी एक भूमिका तक सीमित नहीं है। कार्यक्रम में अमर उजाला मीडिया पार्टनर रहा।

दीप प्रज्ज्वलन और राष्ट्रगान के साथ शुरू हुए समारोह में देशभक्ति का रंग भी खूब नजर आया। सह-संस्थापक जीआई मोनिका भारद्वाज ने कहा कि जीआईडब्ल्यूए का यह आयोजन सिर्फ एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उन महिलाओं के लिए मंच है, जिनकी पहचान अक्सर घर और परिवार की जिम्मेदारियों के पीछे छिप जाती है। यहां किसी ने मेकअप आर्टिस्ट की भूमिका निभाई तो किसी ने फैशन डिजाइनर की, किसी ने कोरियोग्राफर बनकर प्रस्तुति तैयार की और किसी ने लेखक या निर्देशक बनकर पूरी कहानी को आकार दिया। मंच पर नजर आई हर प्रस्तुति के पीछे महिलाओं की अपनी मेहनत और रचनात्मकता है।जुलाई से शुरू हुई तैयारी, अगस्त में दिखा रंग
आयोजकों ने बताया कि महोत्सव की तैयारियां जुलाई से ही शुरू हो गई थीं। अलग-अलग जोन की जीआईडब्ल्यूए सदस्यों ने सोशल मीडिया गतिविधियों से लेकर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों तक में अपनी भागीदारी दर्ज कराई।

लीडर्स की मनमानी ने बटोरी तालियां
गंभीर मुद्दों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच हास्य का रंग भी देखने को मिला। लीडर्स एक्ट में जहां नेतृत्व की झलक दिखाई गई, वहीं लीडर्स की मनमानी के रिस्टार्ट एक्ट ने दर्शकों को खूब गुदगुदाया।