इंफ्लूएंसर रील बनाकर बताएंगे भाजपा सरकार में बदलाव की तस्वीर:Gen Z को दिखाएंगे ‘बदले हुआ भारत’, 17 सितंबर से नए कैंपेन की शुरुआत

जंतर-मंतर के Gen Z प्रोटेस्ट के बाद भाजपा का फोकस अब उसी युवा पीढ़ी की मोबाइल स्क्रीन पर है। पीएम मोदी के जन्मदिन से शुरू हो रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ में भाजपा इन्फ्लुएंसर्स और रील्स के जरिए Gen Z तक पहुंचने की तैयारी में है।

इन्फ्लुएंसर्स को उन जगहों पर ले जाया जाएगा, जहां सरकारों के काम से बदलाव आया है। वहीं, हर शक्ति केंद्र को कम से कम 10 रील बनाने का टारगेट दिया गया है। यानी भाजपा का नया कैंपेन ‘ग्राउंड पर बदलाव और मोबाइल पर उसकी कहानी’ के फॉर्मूले पर चलेगा।

रील्स में सरकारी योजनाओं से लाभ पाने वाले वास्तविक लोगों की कहानियां दिखाई जाएंगी। कार्यकर्ता अपने क्षेत्र के लाभार्थियों से संपर्क कर उनकी कहानी रिकॉर्ड करेंगे। रील में लाभार्थी का नाम, स्थान, जिला, संबंधित योजना और उससे जीवन में आए बदलाव की जानकारी भी दर्ज होगी।

खास बात यह है कि कार्यकर्ता केवल वीडियो नहीं जुटाएंगे, बल्कि खुद भी रील बनाकर अभियान में भाग लेंगे। यूट्यूब, और इंस्टाग्राम के लिए 60 सेकंड तक की रील तैयार करने और समान हैशटैग, फ्रेम व अभियान पहचान इस्तेमाल करने की योजना है।

इन्फ्लुएंसर देखेंगे ‘बदला हुआ भारत’ अभियान में देश के इन्फ्लुएंसर और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स को ऐसे स्थानों तक ले जाने का प्रस्ताव है, जहां पिछले वर्षों में वास्तविक बदलाव दिखाई देता है। इसका मकसद यह है कि क्रिएटर खुद मौके पर पहुंचें, स्थानीय लोगों से मिलें और वहां हुए बदलाव को अपने अनुभव के आधार पर डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों तक पहुंचाएं।

इसके लिए राज्यों से ऐसे स्थानों की सूची मांगी जाएगी जहां लोगों के जीवन, सुरक्षा, अर्थव्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर या अवसरों में स्पष्ट बदलाव दिखाई देता हो। सामान्य सरकारी भवन या औपचारिक कार्यक्रम स्थल इसके लिए नहीं चुने जाएंगे। राष्ट्रीय स्तर पर करीब 50 प्रमुख राष्ट्रीय स्थलों का चयन प्रस्तावित है।

‘कहानी बदलाव की’ भी बनेगी डिजिटल सीरीज डिजिटल कैंपेन का एक और बड़ा हिस्सा ‘कहानी बदलाव की’ है। इसके तहत सरकारी योजनाओं से सकारात्मक बदलाव का अनुभव करने वाले नागरिकों की वास्तविक कहानियां वीडियो के रूप में सामने लाई जाएंगी।

अभियान में करीब 25 लाख नागरिकों की कहानियां सामने लाने का प्रस्ताव है। इनमें से लगभग 25 हजार कहानियां शॉर्टलिस्ट और करीब 250 सबसे प्रभावशाली कहानियों को प्रोफेशनल तरीके से तैयार करने की योजना है। जिलों और राज्यों के सोशल मीडिया अकाउंट से चयनित रील्स पोस्ट की जाएंगी।

WhatsApp से Instagram तक पूरा डिजिटल कनेक्ट

‘आशीर्वाद का दीया’ से लेकर सेवा गतिविधियों तक, अभियान में डिजिटल शेयरिंग पर भी जोर रहेगा। नागरिकों, इन्फ्लुएंसर, मंत्रियों और मुख्यमंत्री के दीप के फोटो-वीडियो को #आशीर्वाद_का_दीया के साथ साझा करने की योजना है।

वहीं ‘सेवा मेरा योगदान’ में नागरिकों को 25 सेवा गतिविधियों में से कोई एक चुनकर कम से कम 25 मिनट सेवा देने, उसका पहले-बाद का वीडियो बनाने और My Bharat Portal पर रील अपलोड करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके बाद डिजिटल सर्टिफिकेट भी जनरेट होगा।

ग्राउंड पर सेवा, मोबाइल पर कहानी भाजपा के इस अभियान में परंपरागत जनभागीदारी के साथ डिजिटल माध्यम को जोड़ने की कोशिश दिखाई देती है। दीया घर तक पहुंचेगा, सेवा काम के जरिए दिखाई देगी और रील उस काम की कहानी सोशल मीडिया तक ले जाएगी। खासकर Instagram, YouTube और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सक्रिय युवाओं और कंटेंट क्रिएटर्स को अभियान का हिस्सा बनाने की योजना इसी डिजिटल पहुंच को मजबूत करने के लिए रखी गई है।

17 सितंबर की शाम… हर घर जलेगा ‘आशीर्वाद का दीया’ हर बूथ पर बीजेपी के कार्यकर्ता और आम लोग अपने घरों पर दीप जलाकर अभियान से जुड़ेंगे। हर दीये को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 साल की जनसेवा के प्रति आभार और विकसित भारत 2047 के सामूहिक संकल्प का प्रतीक बनाया गया है। 17 सितंबर की शाम बूथ कार्यकर्ता लाभार्थियों के घर पहुंचकर दीप जलाने के लिए प्रेरित करेंगे। इसकी फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर #आशीर्वाद_का_दीया के साथ साझा होगी।

स्कूलों में होंगी प्रतियोगिताएं 17 सितंबर से 7 अक्टूबर के बीच सरकारी और निजी स्कूलों में ड्रॉइंग और भाषण प्रतियोगिताएं होंगी। बच्चों को प्रधानमंत्री के सेवा कार्यों और विकसित भारत की संकल्पना पर जानकारी दी जाएगी। ड्रॉइंग के बाद स्कूल में प्रदर्शनी लगेगी, उत्कृष्ट चित्रों और भाषण के विजेताओं को पुरस्कार दिए जाएंगे।

गांव-गांव पहुंचेगी ‘नमो सेवा गाथा’ 25 साल के सेवा कार्य, प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं और देश में आए बदलावों को 25 से 30 मिनट के नुक्कड़ नाटक के जरिए गांव-गांव पहुंचाया जाएगा। स्कूल, कॉलेज, पंचायत, सामुदायिक केंद्र और सार्वजनिक स्थलों पर प्रस्तुतियां होंगी। प्रत्येक जिले में कम से कम 18-20 नाट्य टोलियां लगाने की योजना है। 2 अक्टूबर को देश के 100 प्रमुख स्थानों पर मंचन कराने का भी प्रस्ताव है।

आंगनवाड़ी में माताओं का सम्मान, बच्चों की मस्ती 25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक हर आंगनवाड़ी केंद्र पर ‘आंगन का उत्सव’ होगा। बच्चों के साथ उनकी माताओं को बुलाया जाएगा। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं और आशा कार्यकर्ताओं का सार्वजनिक अभिनंदन होगा।

लाभार्थी माताएं अपने अनुभव बताएंगी। बच्चों के लिए खेल, चित्रकला, गीत और छोटी प्रस्तुतियां होंगी। मिठाई-फल बांटे जाएंगे और पोषण, स्वास्थ्य, महिला कल्याण व बाल विकास योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। प्रत्येक केंद्र पर आयोजन तीन दिन चलेगा।

योजनाओं से बदली जिंदगी, अब सामने आएंगी 25 लाख कहानियां ‘कहानी बदलाव की’ में सरकारी योजनाओं से जीवन में सकारात्मक बदलाव झेलने वाले 25 लाख नागरिकों की वास्तविक कहानियां सामने लाने की योजना है। कार्यकर्ता लाभार्थियों से संपर्क कर छोटे वीडियो रिकॉर्ड करेंगे। करीब 25 हजार कहानियां शॉर्टलिस्ट और उनमें से करीब 250 प्रभावशाली कहानियों को प्रोफेशनल तरीके से तैयार किया जाएगा। जिलों से लेकर राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक इनका डिजिटल प्रचार होगा।

मशाल के साथ निकलेगी ‘सेवा ज्योति यात्रा’ हर जिले और गांव में ‘सेवा ज्योति यात्रा’ निकालने की योजना है। अलग-अलग दिशाओं से छोटी यात्राएं निकलकर एक स्थान पर मिलेंगी। लोग पैदल और दूर से आने वाले लोग बाइक रैली के जरिए पहुंचेंगे। समापन पर 25 साल की सेवा और विकास कार्यों की जानकारी दी जाएगी तथा सभी मिलकर विकसित भारत 2047 का संकल्प लेंगे। ज्योति को सुरक्षित वाहन में ले जाने की व्यवस्था रहेगी।

वडनगर से काशी तक 500 यात्री, 250 बाइक ‘जल, जन और सेवा संकल्प यात्रा’ में गुजरात की अलग-अलग पवित्र नदियों से जल एकत्र कर 250 बाइक पर 500 यात्रियों को वडनगर लाने की योजना है। वहां भगवान हाटकेश्वर महादेव का जलाभिषेक होगा। इसके बाद 10 टोलियां अलग-अलग मार्गों से काशी जाएंगी। काशी में जल से भगवान काशी विश्वनाथ का अभिषेक और फिर गंगाजल लेकर यात्री वडनगर लौटेंगे। रास्ते में गांव-गांव संवाद भी होगा।

एक काम चुनिए, 25 मिनट सेवा कीजिए ‘सेवा मेरा योगदान’ में हर नागरिक को कम से कम 25 मिनट समाज सेवा के लिए देने का आह्वान किया गया है। सेवा घर, मोहल्ले, गांव, स्कूल, कार्यस्थल या सार्वजनिक स्थान पर की जा सकती है। पहले और बाद की फोटो/वीडियो बनाकर My Bharat Portal पर 22 भाषाओं में से किसी भाषा में रील अपलोड की जा सकेगी और डिजिटल प्रमाणपत्र मिलेगा।

नदी घाटों की सफाई से सौंदर्यीकरण तक नदी घाट या रिवरफ्रंट वाले राज्यों में चुने गए घाटों की सफाई श्रमदान से होगी। इसके बाद प्रकाश व्यवस्था, बैठक, सूचना पट्ट, हरियाली और स्वच्छता सुविधाओं के जरिए सौंदर्यीकरण किया जाएगा। स्थानीय कला-संस्कृति को भी जगह दी जाएगी। आगे घाटों के रखरखाव के लिए स्थानीय समितियां बनाई जाएंगी। लोकार्पण के दिन दीप, आरती और सामूहिक संकल्प होगा।

सरकार अब ‘द्वार’ पर एक ही कैंप में योजनाओं का लाभ ‘सेवा सेतु अभियान’ में प्रत्येक विधानसभा के ब्लॉक स्तर पर कैंप लगाने का प्रस्ताव है। केंद्र और राज्य सरकार की आम नागरिकों से जुड़ी योजनाएं एक ही जगह उपलब्ध होंगी। पात्र व्यक्ति को मौके पर ही योजना से जोड़ने, आवेदन कराने और आवश्यक सहायता देने की व्यवस्था होगी, ताकि लाभार्थी को अलग-अलग सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।

घर-घर रंगोली, फिर बनेगी 108 मीटर की ‘भारत मंडला’ एक तय दिन बड़े सार्वजनिक स्थल पर ह्यूमन रंगोली बनाई जाएगी। इसमें मोदी सरकार की योजनाओं, राष्ट्रीय प्रतीकों और विकसित भारत के सपने को थीम बनाया जाएगा। इसके साथ चुनिंदा शहरों में एक ही दिन 108 मीटर व्यास का ‘भारत मंडला’ बनाने का प्रस्ताव है। इसमें फूल, मिट्टी, रेत, चावल, बीज, पत्ते और प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल होगा।

युवाओं के आइडिया की होगी राष्ट्रीय परीक्षा ‘राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज’ के तहत युवाओं, विद्यार्थियों, स्टार्टअप, प्रोफेशनल्स और कॉरपोरेट इनोवेटर्स को जोड़ते हुए पांच क्षेत्रीय चैलेंज प्रस्तावित हैं। महाराष्ट्र, गुजरात, बेंगलुरु, दिल्ली और कोलकाता में केंद्र बनाए जाने हैं। यहां इनोवेशन की प्रदर्शनी, लाइव डेमो, युवा संवाद, विशेषज्ञ सत्र और पुरस्कार होंगे।

17 अक्टूबर को 1.25 लाख जनप्रतिनिधियों का ‘महाकुंभ’ अभियान का बड़ा समापन 17 अक्टूबर 2026 को ‘जनसेवक महाकुंभ पंचायत से पार्लियामेंट’ के रूप में प्रस्तावित है। दिल्ली, गुरुग्राम, गाजियाबाद, सूरजकुंड और वाराणसी में आयोजन के लिए करीब 1.25 लाख जनप्रतिनिधियों के जुटने का अनुमान है। वंदे मातरम् के 6 छंदों का सामूहिक गायन, 25 साल की सेवा पर वीडियो, सेवा और विकसित भारत पर प्रस्ताव, जनप्रतिनिधियों के अनुभव, प्रधानमंत्री का संबोधन और अंत में विकसित भारत 2047 का सामूहिक संकल्प प्रस्तावित है।