अपने करियर में हीरो से लेकर विलेन तक कई तरह के किरदार निभाने वाले एक्टर विवेक ओबेरॉय आज 50 साल के हो गए हैं। हालांकि, उनका फिल्मी सफर शुरुआत से आसान नहीं था। फिल्मों में आने से पहले उन्होंने संघर्ष किया था। यहां तक कि उन्होंने फिल्ममेकर फराह खान को असिस्ट भी किया। इस दौरान वह रिहर्सल रूम साफ करते थे और डांसर्स के लिए चाय भी लाते थे।
मैशबल इंडिया से बातचीत में विवेक ने बताया था कि वह ट्रेनिंग के लिए लंबे समय तक फराह खान को असिस्ट करते रहे। उन्होंने कहा था, “मैंने रिहर्सल रूम साफ करने और सभी डांसर्स के लिए चाय लाने से शुरुआत की और फिर आगे बढ़ता गया।”
विवेक ने यह भी बताया था कि उन्होंने कभी किसी को नहीं बताया कि उनके पिता कौन हैं। दरअसल, विवेक दिग्गज अभिनेता सुरेश ओबेरॉय के बेटे हैं। इसके बावजूद उन्होंने अपने पिता की पहचान का सहारा लेकर काम पाने की कोशिश नहीं की।
2002 में ‘कंपनी’ से मिला बड़ा ब्रेक
विवेक ओबेरॉय को साल 2002 में राम गोपाल वर्मा की फिल्म ‘कंपनी’ से बॉलीवुड डेब्यू का मौका मिला था। फिल्म मुंबई के अंडरवर्ल्ड पर आधारित थी। इसमें विवेक ने चंदू का किरदार निभाया था।
‘कंपनी’ में विवेक के अभिनय को काफी पसंद किया गया। फिल्म की सफलता के साथ ही वह इंडस्ट्री में तेजी से पहचाने जाने लगे। अपने डेब्यू के लिए उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट मेल डेब्यू अवॉर्ड मिला था।
इसके बाद साल 2002 में ही वह ‘रोड’ और ‘साथिया’ में नजर आए। खासतौर पर ‘साथिया’ में रानी मुखर्जी के साथ उनकी जोड़ी पसंद की गई। फिल्म सफल रही और विवेक को बेस्ट एक्टर के फिल्मफेयर अवॉर्ड के लिए नॉमिनेशन मिला।
विवेक ने अपने करियर में सिर्फ हीरो वाले रोल नहीं किए। उन्होंने नेगेटिव किरदारों में भी अपनी छाप छोड़ी। साल 2006 में विशाल भारद्वाज की फिल्म ‘ओमकारा’ में उन्होंने केशु का रोल किया था।
इसके बाद 2007 में आई ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’ में उन्होंने गैंगस्टर माया डोलस का किरदार निभाया। इस रोल में विवेक के लुक और एक्टिंग की काफी चर्चा हुई। उन्हें इस किरदार के लिए फिल्मफेयर बेस्ट विलेन अवॉर्ड के लिए नॉमिनेशन भी मिला।
‘रक्त चरित्र’ में निभाया दमदार रोल
2010 में विवेक ने राम गोपाल वर्मा की फिल्म ‘रक्त चरित्र’ में परिताला रवि का किरदार निभाया। यह एक गंभीर और चुनौतीपूर्ण रोल था। फिल्म में उनके अभिनय को काफी सराहना मिली।
इसके बाद 2013 में विवेक ‘कृष 3’ में नजर आए। उन्होंने फिल्म में सुपरविलेन काल का किरदार निभाया। ऋतिक रोशन और कंगना रनोट स्टारर इस फिल्म में विवेक की परफॉर्मेंस भी चर्चा में रही। उन्हें फिल्म के लिए फिल्मफेयर बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर के अवॉर्ड के लिए नॉमिनेशन मिला।
साउथ की फिल्मों में भी बनाई पहचान
विवेक ने हिंदी फिल्मों के अलावा साउथ की फिल्मों में भी काम किया। 2017 में उन्होंने तमिल फिल्म ‘विवेगम’ से डेब्यू किया। इसके बाद 2019 में वह मलयालम फिल्म ‘लूसिफर’ में नजर आए। इस फिल्म में उन्होंने विलेन बॉबी का रोल निभाया। मोहनलाल स्टारर फिल्म में उनके किरदार को दर्शकों ने पसंद किया।
विवेक ने तेलुगु फिल्मों में भी काम किया। उन्होंने ‘विनय विधेया रामा’ में अहम भूमिका निभाई। 2022 में वह मलयालम फिल्म ‘कडुवा’ में भी नजर आए।
एक्टिंग के साथ प्रोडक्शन में भी कदम रखा
विवेक ने एक्टिंग के अलावा फिल्म प्रोडक्शन में भी हाथ आजमाया। साल 2011 में उन्होंने फिल्म ‘देख इंडियन सर्कस’ प्रोड्यूस की। इस फिल्म को इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में भी सराहना मिली। फिल्म ने 2011 में बुसान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में ऑडियंस चॉइस अवॉर्ड जीता था।
विवेक ने टीवी पर भी काम किया। वह रियलिटी शो ‘इंडियाज बेस्ट ड्रामेबाज’ में जज की भूमिका में नजर आए। इसके अलावा उन्होंने फिल्म ‘पीएम नरेंद्र मोदी’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का किरदार निभाया।
अब विवेक ओबेरॉय जल्द नितेश तिवारी की फिल्म ‘रामायण पार्ट 1’ में नजर आएंगे। फिल्म भारत में 8 नवंबर 2026 (दिवाली) को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
फिल्म में वह रावण की बहन शूर्पणखा के पति विद्युत्जिह्व का किरदार निभा रहे हैं। शुरुआत में उनके विभीषण बनने की चर्चा थी। हालांकि, ट्रेलर के बाद उनका किरदार साफ हो गया।
फिल्म में विवेक और रावण के बीच युद्ध का सीन भी देखने को मिलेगा। खास बात यह है कि विवेक ने फिल्म से मिलने वाली अपनी पूरी फीस कैंसर से जूझ रहे बच्चों के इलाज के लिए दान करने का फैसला किया है।