TMC दफ्तर में सुबह 4:30 बजे तोड़फोड़ का आरोप:अभिषेक बोले- BJP के लोग हथियारों के साथ घुसे; निगम ने इसी ऑफिस से साइनबोर्ड हटाया था

तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी ने कोलकाता के कैमक स्ट्रीट स्थित उनके पार्टी ऑफिस में BJP के लोगों पर तोड़फोड़ का आरोप लगाया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर CCTV फुटेज जारी कर बताया कि हमलावर गुरुवार सुबह करीब 4:30 बजे आए थे।

उन्होंने दावा किया कि हथियारों के साथ आए हमलावरों ने कर्मचारियों से मारपीट की, फोन छीने, फर्नीचर तोड़ा, दफ्तर में सामान बिखेर दिया और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को नुकसान पहुंचाया। अभिषेक के मुताबिक, TMC कर्मचारियों और वकीलों ने पुलिस को सूचना दी, लेकिन करीब दो घंटे तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

इसी ऑफिस को लेकर कुछ दिन पहले भी विवाद हुआ था। कोलकाता नगर निगम ने 31 अगस्त को पुलिस की मौजूदगी में इमारत से TMC का साइनबोर्ड हटाया था। इस दौरान अधिकारियों से झड़प के आरोप में अभिषेक समेत तीन TMC नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज की थीं। 13 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया था।

अभिषेक ने हमलावरों को गिरफ्तारी करने की मांग की

अभिषेक बनर्जी का दावा है कि हमले के दौरान एयर प्यूरिफायर, प्रिंटर, टीवी और कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी वहां से ले जाए गए। उन्होंने कहा- हमले की योजना किसने बनाई, किसके निर्देश पर इसे अंजाम दिया और बार-बार सूचना मिलने के बावजूद पुलिस ने कार्रवाई क्यों नहीं की, यह पता लगाया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा- अगर लोग सुबह 4:30 बजे हथियारों के साथ किसी राजनीतिक दल के कार्यालय में घुस सकते हैं, लोगों पर हमला कर सकते हैं और संपत्ति को नुकसान पहुंचा सकते हैं, जबकि पुलिस मौजूद नहीं है, तो पश्चिम बंगाल में कानून का राज आखिर बचा क्या है।

उन्होंने हमलावरों की गिरफ्तारी और जवाबदेही तय करने की मांग की। बनर्जी ने बंगाल के राज्यपाल, केंद्रीय गृह मंत्री और प्रधानमंत्री कार्यालय से भी मामले में कार्रवाई की अपील की। उन्होंने कलकत्ता हाईकोर्ट से भी घटना का संज्ञान लेने की मांग की।

अभिषेक बोले- CM शुभेंदु को इस्तीफा दे देना चाहिए

अभिषेक ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाते हुए सवाल किया कि TMC के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई क्यों की जा रही है।

उन्होंने कहा कि बंगाल में विपक्ष के साथ हिंसा, तोड़फोड़ और डराने-धमकाने के जरिए ऐसा ही व्यवहार किया जाना है, तो मुख्यमंत्री के पास पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।

BJP ने आरोपों को बेबुनियाद बताया

BJP ने TMC के आरोपों को खारिज कर दिया है। बारानगर से BJP विधायक सजल घोष ने कहा कि इस घटना में उनकी पार्टी का कोई कार्यकर्ता शामिल नहीं था। उन्होंने उल्टा सवाल उठाया कि इतनी सुबह TMC के लोग कार्यालय में क्यों मौजूद थे और आरोप लगाया कि राजनीतिक चर्चा में बने रहने के लिए घटना को अंजाम दिया गया हो सकता है।

इसी दफ्तर को लेकर पहले से चल रहा है विवाद

कैमक स्ट्रीट स्थित TMC ऑफिस पिछले कुछ दिनों से TMC और BJP के बीच राजनीतिक टकराव का केंद्र बना हुआ है। पिछले हफ्ते 31 अगस्त को कोलकाता नगर निगम के अधिकारी पुलिस के साथ यहां पहुंचे थे और परिसर में लगे TMC के एक बड़े बोर्ड को हटाने की कोशिश की थी।

नगर निगम का आरोप था कि यह बोर्ड बिना अनुमति लगाया गया था और इससे सुरक्षा को खतरा हो सकता था। कार्रवाई के दौरान TMC कार्यकर्ताओं पर नगर निगम की टीम का रास्ता रोकने का आरोप लगा। अधिकारियों की शिकायत पर पुलिस ने सरकारी काम में बाधा डालने और धमकी देने के आरोप में केस दर्ज किए।

इसके बाद पुलिस और दमकल विभाग के अधिकारियों ने बिल्डिंग का निरीक्षण किया।अधिकारियों ने भवन के स्वीकृत नक्शे से संभावित अंतर और अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच की। अधिकारियों के मुताबिक, कुछ खामियां मिली थीं और इस संबंध में TMC को नोटिस जारी किए जाने की संभावना है।