हरियाणवी सिंगर एवं कलाकार मासूम ने पांखडवाद को लेकर भजन कीर्तन में खुलकर कटाक्ष किया और तत्वदर्शी गाना गाते हुए बोले, इन पाखंडी और अरबपति संस्थाओं के खिलाफ हिम्मत कर आवाज उठाई है। आप भी हिम्मत करो और ये कहीं भी फंसे, इनको जूत मारो। ये किसी को या मुझे भी गोली मरवा सकते हैं। मैं फिर भी इनके खिलाफ बोल रहा हूं।
मासूम शर्मा ने तत्वदर्शी गाने के बोल गाते हुए बोले, बालाजी के भक्त बने और दरबार लगावै मंगल नै, चटा राख की चुटकीं ये भूत भगावै मंगल नै, सुलझाए तै सुलझ ना गुत्थी इनके भेदा की, रेप केस में फंसे पड़े और बात करे वेदां की। भक्तियां की बात कसूती मुक्ति टोवे डेरा मैं। कापी ठाए घणै फिरे चंदा इकट्ठा करदा, कथा करनिए बिजनेस बड़ा टोह लिया।
बाकी पाखंडी तो मजे करे सै। यह दुनिया पागल कर राखी है, इन धर्म के ठेकेदारों ने। मासूम शर्मा ने कल फिर मंच से संबोधन में कहा कि अगर मैं कहीं स्टेज पर गाली दे दूं, तो सब उसको तेजी से शेयर करते हैं, लेकिन अच्छी बात को शेयर नहीं करता। आप लोग अच्छी बात को और ज्यादा शेयर किया करो।
हैरी-सुरेंद्र ने भी गाए भजन
जानकारी के अनुसार, यह आयोजन जींद के पदाना धाम श्याम मंदिर में रविवार रात को हुआ। इसमें कलाकार हैरी लाठर, सुरेंद्र रोमियो सहित अन्य कालाकार पहुंचे और सभी ने भजन सुनाकर प्रशंसा बुटेरी। कलाकार हैरी लाठर ने पाखंद पर खुलकर बोला, कई इसकी आड़ में नशा करते हैं। सब अपने मां-बाप की सेवा, इससे बड़ा कोई धर्म नहीं।
3.41 मिनट का ऑफिशियल ट्रैक जारी
मासूम शर्मा ने अपना दूसरा गाना “फिल्मी बाबा” भी रिलीज कर लिया है, जिसे मासूम शर्मा ने गाया है और इस बार कलाकार अमर करनावल ने लिरिक्स लिखे हैं। 8 सितंबर को मासूम ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर दूसरा सॉन्ग ‘फिल्मी बाबा’ का 3.41 मिनट का ऑफिशियल ट्रैक जारी किया है, जिसमें पाखंडी बाबाओं और डेरों को एक बार फिर से निशाने पर लेते हुए सवाल उठाए है।
मासूस ने सबसे पहले तत्वदर्शी गाना गाया था, जिसमें आश्रम व अन्य बाबा व डेरों को निशाना बनाया था। इस तत्वदर्शी के लिरिक्स हैरी लाठर ने लिखे थे। अभी तो और गाने आने की सूचना है। सतलोक आश्रम धनाना संचालक रामपाल से तनातनी चल रही है और मासूम व हैरी ने लाइव आकर, धमकी मिलने की बात भी कही थी और कहा था, कई ऐसे गाने आने हैं, जो पाखंड के खिलाफ हैं।
मत मारदी जनता की, इन झोले झाप बाबा नै
गाने के बोल हैं, ना इज्जत असली संता की गुरुआं की या मत मारदी जनता की, इन झोले झाप बाबा नै। जो जी चाहवे वो लिखूंगा, जो जी कहवे वो गाऊंगा। मैंन जीनी आंदी ना जिंदगी दाबां की। जो खुद नै प्रभु दर्शा रहे, पांखड देश में फैला रहे।
जात तारने आया हूं इन फिल्मी बाबा की
जात तारने आया हूं इन फिल्मी बाबा की, ये धाम तै बड़े हो गै, के ये श्याम तै बड़े हो गै कै, अपना दे सै नाम बता, कै ये राम तै बड़े हो गे कै ये। जागो रै लोग जागो थाम इनके लागे पाछै रै, क्यूं इनकी पुस्तक हारे रटदे हांडो ग्राफा नै। गाढ़ रखे कदम-कदम पर डेरे और गाली दे रे ये संत-नाथा नै। गंद फैलाकर देश में ढ़ेरें, नाम धरै सै सच्चा डेरा। जनता का फद्दू बनावै। तीली लगा दूं इन लिफाफां नै।
मासूम बोले- ये किते भी साले गोली मरवा दे
मासूम शर्मा स्टेज से बोले, यूं कहवै अपनी माता-पिता किसी के पांव मत छूओ, मेरी पांव छू लो। बताओ। इनसे बचना है और समाज को बचाना है। मैंने हिम्मत की, छोटी बात नहीं है। इतनी बड़ी-बड़ी अरबपति संस्थाओं के साथ लड़ना और खुलकर बोलना छोटी बात नहीं है। किते भी साले गोली मरवा दे। किते भी अल्बाद (पंगा) करवा दे।
लेकिन मैंने हिम्मत की और आप लोगों को भी हिम्मत करनी है। जित (कहीं) भी ये फंस ज्यां, ओड़े ए जूत मारने हैं। सनातन की रक्षा करनी है और इन पाखंडवादियों को खत्म करना है।