भाजपा के पंजाब प्रभारी सतीश पूनिया ने पंजाब की भगवंत मान सरकार पर तीखा प्रहार किया है। पूनिया ने राज्य में बढ़ते नशे, गैंगवार और भ्रष्टाचार के मुद्दे उठाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी शिरोमणि अकाली दल के साथ कोई गठबंधन नहीं करेगी। पार्टी 117 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।
नशे ने बर्बाद की जवानी: पंजाब के गांव और घर ड्रग्स की चपेट में आकर तबाह हो गए हैं। एक दिल दहला देने वाली घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि एक ही मां के पांचों बेटे नशे के कारण मौत के मुंह में चले गए। अरविंद केजरीवाल ने 90 दिन में नशा खत्म करने का दावा किया था। करीब पौने पांच साल बीत जाने के बाद भी स्थिति बदतर हुई है। राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। पूनिया ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सीएम की पत्नी ने एक रेप के आरोपी को बचाने के लिए रिश्वत ली है।
भाजपा की रणनीति और नशामुक्ति अभियान
18 से 30 सितंबर तक पंजाब में नशे के विरुद्ध लोक जागरण यात्रा निकाली जाएगी। इसका समापन जालंधर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे। पूनिया ने भरोसा जताया कि जिस तरह देश के 150 जिलों से नक्सलवाद खत्म किया गया है, वैसे ही 2029 तक देश को पूरी तरह नशामुक्त किया जाएगा। राजनीति में धनबल, क्षेत्रवाद और जातिवाद की चर्चा भले ही होती हो, लेकिन युग बदलने के बावजूद सादगी और कठिन परिश्रम का कोई शॉर्टकट नहीं है।
1952 में हमारी 3 सीटें थीं, 2019 में 300 पार पहुंचे
सतीश पूनिया ने कहा कि 21 अक्टूबर 1951 को जनसंघ की स्थापना हुई। 1952 के पहले चुनाव में महज 3 सीटें और 3% वोट मिले। उस दौर में पार्टी का मजाक उड़ाते हुए नारे लगते थे- इस दिए में तेल नहीं, सरकार बनाना खेल नहीं। अटल- आडवाणी के दौर में 13 दिन, फिर 13 महीने, अंततः 5 साल की अटल सरकार बनी। परमाणु परीक्षण, किसान क्रेडिट कार्ड, फसल बीमा और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जैसे अहम फैसलों ने जनता में विश्वास जगाया।