भारतीय एस्सार ग्रुप अमेरिका में 18 बिलियन डॉलर यानी लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपए का निवेश करेगा। निवेश का सबसे बड़ा हिस्सा अमेरिका के आयोवा राज्य में 15 बिलियन डॉलर की लागत से बनने वाले एक स्टील प्लांट पर खर्च होगा। ये अमेरिका का सबसे बड़ा स्टील प्लांट होगा।
यह प्लांट अमेरिका के आयोवा राज्य में लगेगा, जिसमें 15 बिलियन डॉलर यानी करीब 1.25 लाख करोड़ रुपए का निवेश होगा। वाइट हाउस के ओवल ऑफिस में हुए एक कार्यक्रम के दौरान ट्रम्प ने एस्सार ग्रुप के को-फाउंडर रवि रुइया और उनके बेटे रेवंत रुइया की मौजूदगी में इस बड़े प्रोजेक्ट का ऐलान किया।
2030 से शुरू होगा उत्पादन, आयोवा में मिलेंगी 1,750 नौकरियां
इस स्टील प्लांट का निर्माण एस्सार ग्रुप की अमेरिकी कंपनी मेसाबी मेटालिक्स करेगी। वाइट हाउस के एक अधिकारी के अनुसार, प्लांट में साल 2030 तक स्टील का उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
तैयार होने के बाद यह प्लांट हर साल 1 करोड़ टन स्टील बनाएगा। इस प्रोजेक्ट के जरिए आयोवा राज्य में करीब 1,750 परमानेंट नौकरियां मिलेंगी।
50 साल में अमेरिका की पहली नई आयरन माइन
वाइट हाउस के अधिकारी ने बताया कि अमेरिका में पिछले 50 सालों में शुरू होने वाली यह पहली नई आयरन ओर खदान है।
स्टील प्लांट के संचालन के लिए कच्चा माल यानी आयरन ओर (कच्चा लोहा) सप्लाई करने के लिए एस्सार ग्रुप ने मिनेसोटा में एक नई खदान बनाई है। इस खदान के निर्माण पर कंपनी ने 2.5 बिलियन डॉलर (करीब 21 हजार करोड़ रुपए) का निवेश किया है।
‘टैरिफ के डर से कंपनियां अमेरिका आ रही हैं’: ट्रम्प ने स्टील इंडस्ट्री की वापसी का दावा किया
डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका की स्टील इंडस्ट्री फिर से मजबूत हो रही है और इसका श्रेय पिछले साल स्टील इम्पोर्ट पर लगाए गए 50% टैरिफ को जाता है।
ट्रम्प ने कहा कि हर कोई अब अमेरिका में ही अपने प्लांट लगा रहा है क्योंकि कोई भी 50% टैरिफ नहीं देना चाहता। यह बात बहुत सीधी और सरल है।
1969 में शुरू हुआ था एस्सार ग्रुप: गुजरात से लेकर यूके और सऊदी तक फैला है कारोबार
एस्सार ग्रुप की शुरुआत 1969 में शशि रुइया और रवि रुइया भाइयों ने भारत में की थी। आज यह ग्रुप एनर्जी, माइनिंग, टेक्नोलॉजी और रिटेल जैसे कई सेक्टर में काम करता है।
- भारत में एसेट्स: गुजरात के हजीरा में ग्रुप का देश का सबसे बड़ा स्टील प्लांट है। वहीं, वाडिनार में भारत की दूसरी सबसे बड़ी रिफाइनरी मौजूद है।
- अंतरराष्ट्रीय कारोबार: यूके में ग्रुप ने शेल की प्रसिद्ध स्टैनलो रिफाइनरी का अधिग्रहण किया था। इसके अलावा सऊदी अरब में लो-कार्बन स्टील प्लांट लगाने की योजना है।
- अमेरिका में मौजूदगी: एस्सार की अमेरिकी सब्सिडियरी मेसाबी मैटेलिक्स मिनेसोटा के नैशवॉक में स्थित है और 2007 से काम कर रही है। इसके पास 1.4 अरब टन से अधिक आयरन ओर संसाधनों का नियंत्रण है।