गोरखपुर में डायल-112 में तैनात सिपाही श्याम सुंदर चौहान ड्यूटी छोड़कर समाजवादी पार्टी से विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा है। वह एक साल तक सेटिंग बनाकर ड्यूटी से गायब रहा। उसकी हाजिरी बराबर लगती रही। 3 महीने पहले अफसरों को भनक लगी तो उसे सस्पेंड कर दिया गया। इसके बाद भी सिपाही पुलिस लाइन में हाजिर नहीं हुआ।
कभी वह सपा के बड़े नेताओं के स्वागत का पोस्टर जारी करता है। मंच से अखिलेश यादव को सीएम बनाने की अपील करता है। लाल टोपी लगाए फोटो के साथ लिखता है- लाल टोपी पहनकर चलो, समाजवाद संग आगे बढ़ो।
करीब एक महीने पहले संतकबीर नगर के धनघटा में सपा की समीक्षा बैठक थी। तब सिपाही श्याम सुंदर ने कहा था- मैं अनुसूचित जाति, दलित जाति से हूं। अभी भाजपा के जितने दलित विधायक और सांसद हैं, वे दलितों का वोट लेकर आरक्षण खत्म करने वाले का साथ दे रहे हैं। अखिलेश यादव कह रहे हैं कि ये अंतिम चुनाव होगा। अगर हम और आप सभी नहीं चेते, तो चुनाव और संविधान खत्म हो जाएगा। साथ आइए और अखिलेश यादव को CM बनाइए।
संतकबीर नगर की धनघटा से टिकट की दावेदारी कर रहा
सिपाही श्याम सुंदर चौहान मूल रूप से संतकबीर नगर के महुली थाना के नैना झाला गांव के रहने वाले हैं। वह यूपी पुलिस के 1994 बैच के सिपाही हैं। उनके तीन बच्चे (एक बेटा और दो बेटियां) हैं। अब तक 11 जिलों में तैनात रह चुके हैं। साल 2023 में कुशीनगर से ट्रांसफर होकर गोरखपुर में डायल 112 में तैनाती मिली।
बताया जा रहा है कि गोरखपुर में तैनाती के दौरान ही सिपाही श्याम सुंदर ने संतकबीर नगर की धनघटा सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू कर दी थी। सोशल मीडिया पर सबसे पुरानी पोस्ट साल 2023 की है।
इसमें सिपाही ने धनघटा विधानसभा क्षेत्र के लोगों को नए साल की शुभकामनाएं दी थीं। इसके बाद से वह लगातार सोशल मीडिया पर क्षेत्र से जुड़ी गतिविधियों और अपनी राजनीतिक सक्रियता से संबंधित पोस्ट करते रहे हैं।
सपा के बैनर पर फोटो, नाम के साथ लिखा ‘सिपाही’
श्याम सुंदर लंबे समय से ड्यूटी से गायब रहकर क्षेत्र में प्रचार कर रहा है। वह धनघटा विधानसभा क्षेत्र के गांवों में जाकर लोगों से संपर्क कर रहा। सोशल मीडिया पर उसके कई फोटो और वीडियो सपा का प्रचार करते हुए पोस्ट हैं। हालांकि, उसके अनुपस्थित रहने के दौरान ड्यूटी पर उसकी हाजिरी कैसे दर्ज हुई, इस बारे में विभागीय स्तर पर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।
श्याम सुंदर ने सोशल मीडिया और प्रचार में समाजवादी पार्टी के बैनर का इस्तेमाल किया है। पोस्टर में उसकी तस्वीर और नाम के आगे ‘सिपाही’ लिखा है। एक पोस्टर में वह लाल टोपी पहने नजर आ रहा है। उसके साथ समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की तस्वीरें भी हैं।
2027 चुनाव से पहले दावेदारी मजबूत करने में जुटा
उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव है। इसी को देखते हुए धनघटा सीट पर भी राजनीतिक दलों और संभावित दावेदारों की सक्रियता बढ़ी है। श्याम सुंदर भी पार्टी के कार्यक्रमों में शामिल होकर अपनी दावेदारी मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। उसने पार्टी नेतृत्व से टिकट मिलने पर चुनाव मैदान में उतरने की बात कही है।
मंच से बोलता है- मैं श्याम सुंदर चौहान सिपाही आपका स्वागत करता हूं
महीनेभर पहले धनघटा विधानसभा क्षेत्र के लोहरेया में सपा के बूथ अध्यक्ष, जोन प्रभारी, सेक्टर प्रभारी की समीक्षा बैठक हुई थी। इसे श्याम सुंदर ने संबोधित किया था। कहा- मैं श्याम सुंदर चौहान सिपाही आप सबका स्वागत करता हूं।
राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर पूरे प्रदेश में बूथ अध्यक्षों का यह सम्मेलन चल रहा है। पार्टी कैसे मजबूत होगी, इस पर गहन विचार चल रहा है। जो बूथ जीतेगा, वही सिकंदर होगा। जो अपना बूथ जिता लेगा, वही सरकार बनाएगा।
‘सरकारी नौकरी में रहते चुनाव नहीं लड़ सकते’
सिपाही नौकरी खुद नहीं छोड़ रहा है। सूत्रों की मानें तो इसके पीछे वजह ये है कि वह चाहता है कि पुलिस विभाग उसे बर्खास्त करे। ताकि चुनाव में हारने या कोई ऊंच-नीच होने पर वह कोर्ट की मदद से एक बार फिर नौकरी पा सके।
उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक आचरण नियमावली के तहत कोई भी सरकारी कर्मचारी किसी राजनीतिक दल से नहीं जुड़ सकता। न ही विधानसभा या स्थानीय निकाय का चुनाव लड़ सकता है। चुनाव में किसी तरह का हस्तक्षेप करने या अपने पद का प्रभाव इस्तेमाल करने पर भी रोक है।
पुलिस विभाग के रिटायर्ड सीओ शिव पूजन सिंह ने बताया कि सरकारी नौकरी में रहते हुए कोई कर्मचारी चुनाव नहीं लड़ सकता। नियमों का उल्लंघन करने पर उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई हो सकती है। इसमें नौकरी से बर्खास्तगी तक की कार्रवाई शामिल है।
गोरखपुर के एसपी क्राइम अयोध्या सिंह ने बताया कि श्याम सुंदर चौहान काफी समय से निलंबित है। वह हाजिरी भी नहीं लगा रहा है। उससे संपर्क कर लगातार गैरहाजिर रहने का कारण पता किया जा रहा है।