रेवाड़ी जिले के गांव ढाणी सुंदारोज में केशव हत्याकांड के मामले में 5 आरोपियों टोनी, आकाश उर्फ खबला, दीपांशु, रजत और नितिन उर्फ नेता के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस जांच में पंकज का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। वहीं ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंकज के आसपास युवाओं की गैंग सक्रिय है, जिसमें कुछ नाबालिग भी शामिल हैं।
मामले में ब्लॉक समिति के वाइस चेयरमैन पंकज उर्फ रांझ पर आरोप लगे है। गैंग से जुड़े युवकों पर नशा बेचने, सट्टा चलाने, मारपीट और धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं। ग्रामीणों का दावा है कि पिछले एक माह में गांव में करीब छह वारदात हुईं, लेकिन शिकायतों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने आरोपियों के पुराने मामलों और 3 सितंबर की कथित धमकी वाली ऑडियो की भी जांच की मांग की है।
ग्रामीणों के मुताबिक गैंग से जुड़े युवक अक्सर ग्रामीणों के साथ मारपीट और धमकी देते रहे हैं। इनके खिलाफ पहले भी शिकायतें दी जा चुकी है, लेकिन आरोपी दवाब बनाकर शिकायत वापस करा देते है या फिर फिर केस को रफा-दफा करवा देते है। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद पुलिस की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इसी कारण आरोपियों के हौसले बढ़ते गए।
मृतक के पिता को फोन दी थी धमकी
केशव हत्याकांड में शामिल बताए जा रहे नितिन उर्फ नेता का एक पुराना मामला भी सामने आया है। 30 सितंबर को मृतक केशव व उसके छोटे भाई के साथ आरोपियों ने मारपीट की थी। पुलिस के अनुसार इसी दिन दो आरोपियों को रिमांड पर लिया गया था।
आरोपी एक माह में 6 वारदात कर चुके
ग्रामीणों का कहना है कि पंकज उर्फ रांझ के आसपास रहने वाले युवकों का गांव में काफी समय से दबदबा है। आरोप है कि ये युवक नशे की बिक्री और सट्टे से जुड़े हैं। ग्रामीणों के साथ विवाद होने पर मारपीट और धमकी देने के आरोप भी लगते रहे हैं। खास बात यह है कि गैंग में नाबालिगों के शामिल है। पिछले एक माह की बात की जाए, तो आरोपियों ने गांव में करीब छह वारदात की है।
जन्माष्टमी के दिन भी आरोपी गांव की लाइब्रेरी में बैठकर शराब पी रहे है। अब इसकी तस्वीरें सामने आई है। इस मामले में एक ग्रामीण ने डायल 112 पर पुलिस को सूचना भी दी थी। सूचना के बाद मौके पर पुलिस भी पहुंची थी। लेकिन आरोपियों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई।
आरोपियों का रहा अपराधिक रिकॉर्ड
केशव हत्याकांड में पुलिस ने 5 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। ग्रामीणों की मांग है कि पुलिस आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच करे और पहले हुई शिकायतों को मौजूदा हत्या के मामले की जांच से जोड़े। साथ ही 3 सितंबर की धमकी वाली ऑडियो की जांच कर इसकी आवाज और घटनाक्रम की पुष्टि करने की मांग की जा रही है।