जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर से सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेंहदी ने नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) छोड़ने और लोकसभा से आज इस्तीफे का ऐलान करेंगे।
यह घोषणा वे बडगाम में अपने पिता आगा सैयद मेंहदी की 26वीं पुण्यतिथि पर होने वाली एक जनसभा में करेंगे। रुहुल्लाह का आरोप है कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पार्टी प्रमुख फारूक अब्दुल्ला 2024 के विधानसभा चुनाव में जनता से धारा 370 पर किए गए वादों से पीछे हट रहे हैं।
रुहुल्लाह बडगाम से तीन बार विधायक रह चुके हैं और 2024 में श्रीनगर से सांसद चुने गए थे।
इसके आलाव जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के 25 विधायकों ने रविवार को पार्टी ही नेतृत्व को 14 दिन का अल्टीमेटम दिया थी। विधायकों ने मांगें पूरी नहीं होने पर सरकार से समर्थन वापस लेने की धमकी भी दी है।
विधायकों का 4 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बनाया
बैठक में विधायकों ने 4 सदस्यों का एक प्रतिनिधिमंडल बनाने का फैसला किया। इसकी अगुआई पार्टी के सीनियर लीडर और गुरेज विधायक नजीर अहमद गुरेजी तथा थानामंडी विधायक मुजफ्फर इकबाल खान करेंगे।
प्रतिनिधिमंडल पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मिलकर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपेगा। विधायकों ने नेतृत्व के जवाब का इंतजार करने और उसके बाद आगे की रणनीति तय करने का फैसला किया है।
कैबिनेट विस्तार में कई दावेदारों को नहीं मिली जगह
27 अक्टूबर के कैबिनेट विस्तार में नेशनल कॉन्फ्रेंस के 4 विधायक अली मोहम्मद सागर, मीर सैफुल्लाह, शमीमा फिरदौस और अल्ताफ अहमद कल्लू मंत्री बनाए गए। वहीं, निर्दलीय विधायक सतीश शर्मा को मंत्रिमंडल से हटा दिया गया था।
इस विस्तार में कई ऐसे वरिष्ठ विधायक मंत्री नहीं बन सके, जिनके नाम की चर्चा थी। इनमें नजीर अहमद गुरेजी और मुबारक गुल भी शामिल हैं। मुबारक गुल को बाद में फारूक अब्दुल्ला ने अली मोहम्मद सागर की जगह पार्टी का महासचिव नियुक्त किया।