भारत में अब यूरोप से इम्पोर्ट होने वाली कारें सस्ती हो जाएंगी। भारत सरकार ने यूरोप से आने वाली कारों पर लगने वाले इम्पोर्ट ड्यूटी को 110% से घटाकर 10% कर दिया है। ये फैसला भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का हिस्सा है।
इस एग्रीमेंट का ऐलान आज (27 जनवरी) को भारत-EU समिट में किया गया। 18 साल चली लंबी बातचीत के बाद दोनों पक्षों ने इस समझौते को अंतिम रूप दिया है। इसे 2027 तक लागू किया जाएगा।
हर साल 2.50 लाख इम्पोर्टेड गाड़ियों पर कम ड्यूटी लगेगी
हालांकि, सरकार ने इसके लिए 2.5 लाख गाड़ियों की सालाना लिमिट तय की है। यानी सालभर में यूरोप से इम्पोर्ट होने वाली अधिकतम 2.5 लाख गाड़ियों पर ही ड्यूटी कम लगेगी। ये टैरिफ रेट क्वोटा (TRQ) सिस्टम है, जिसे डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) और कस्टम्स डिपार्टमेंट मॉनिटर करती है। कस्टमर को डायरेक्ट पता चलने का कोई पब्लिक तरीका फिलहाल स्पष्ट नहीं है।
यहां असेंबल होने वाली कारों की कीमत नहीं घटेंगी
भारत में मर्सिडीज बेंज और BMW की ज्यादातर पॉपुलर कारें पहले से ही लोकल असेंबली के जरिए बनती हैं। यानी पार्ट्स इम्पोर्ट करके यहां जोड़कर बनाई जाती हैं। इन पर इम्पोर्ट ड्यूटी केवल 15-16.5% तक लगती है, इसलिए EU के साथ FTA होने से इनकी कीमत में कोई बड़ा बदलाव नहीं आएगा।
अब समझिए कैसे कम होंगी कार की कीमतें
सवाल- यह कैसे और कब से लागू होगी? जवाब- सरकार ने अभी इसकी ऑफिशियल जानकारी नहीं दी है। लेकिन ड्यूटी रातों-रात 110% से 10% नहीं होगी। पहले इसका ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। इसे अगले कुछ सालों में धीरे-धीरे घटाया जाएगा। इसके 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत में लागू होने की संभावना है।
सवाल- भारत में किस तरह की कारें सस्ती होंगी? जवाब- इस डील का फायदा सिर्फ उन्हीं कारों को मिलेगा, जो पूरी तरह यूरोप से बनकर भारत आती हैं। इनमें ज्यादातर मर्सिडीज,ऑडी, फरारी और BMW कंपनी की स्पोर्ट्स और लग्जरी कारें शामिल हैं।
सवाल- कारों की कीमत कितनी कम होगी? जवाब- अभी भारत में मर्सिडीज बेंज G- वैगन कार की अनुमानित कीमत 4 करोड़ रुपए है। इस पर सरकार 110% इम्पोर्ट ड्यूटी यानी करीब 2.1 करोड़ रुपए वसूलती है। नई 10% इम्पोर्ट ड्यूटी लागू होने के बाद इसकी कीमत 1.99 करोड़ रुपए रहने की संभावना है।
सवाल- क्या इलेक्ट्रिक व्हीकल्स पर भी यह छूट लागू होगी? जवाब- इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को करीब 5 साल तक ड्यूटी कट से बाहर रखा जाएगा, ताकी घरेलू प्लेयर्स जैसे टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा को प्रोटेक्शन मिले। उसके बाद उन पर भी कट लागू हो सकता है।
अभी कितना टैक्स लगता है?
- कार की कीमत 36 लाख रुपए (40,000 डॉलर) से कम है, तो उस पर 70% बेसिक कस्टम ड्यूटी लगती है।
- कार की कीमत 36 लाख रुपए (40,000 डॉलर) डॉलर से ज्यादा है, तो कस्टम ड्यूटी 110% तक पहुंच जाती है।
ड्यूटी हटने के बाद इस पर बचत कितनी होगी, यह अभी तय नहीं है। सरकार के नोटिफिकेशन के बाद ही इसकी स्थिति साफ हो पाएगी।
दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कार बाजार है भारत
बिक्री के मामले में भारत इस समय अमेरिका और चीन के बाद दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कार मार्केट है। हालांकि EU मैन्युफैक्चरर्स का भारत के 44 लाख यूनिट सालाना कार बिक्री वाले बाजार में शेयर 4% से कम है।
इसके बावजूद भारत ने अपने ऑटो सेक्टर को काफी सुरक्षित (प्रोटेक्टेड) रखा हुआ था। हाई टैक्स की वजह से विदेशी कंपनियों के लिए भारतीय बाजार में अपनी महंगी कारें बेचना मुश्किल होता था। अब इस डील के बाद मर्सिडीज, बीएमडब्ल्यू, ऑडी और फॉक्सवैगन जैसी कंपनियों के लिए भारत में अपना दायरा बढ़ाना आसान हो जाएगा।
190 अरब डॉलर पार कर चुका है आपसी व्यापार
साल 2024-25 में कुल व्यापार 190 अरब डॉलर (करीब 15.80 लाख करोड़ रुपए) के पार निकल चुका है। इस दौरान भारत ने यूरोपीय देशों को 75.9 अरब डॉलर का सामान और 30 अरब डॉलर की सर्विस एक्सपोर्ट की। वहीं, यूरोप ने भारत को 60.7 अरब डॉलर का सामान और 23 अरब डॉलर की सर्विस भेजी।
इस एग्रीमेंट के बाद दोगुना होने की उम्मीद है। समझौते से सामान और सेवाओं पर टैरिफ कम होंगे, जिससे व्यापार आसान बनेगा। दोनों पक्ष एक रक्षा समझौता और 2026-2030 के लिए रणनीतिक योजना भी घोषित करेंगे।