Sai Ke Anmol Vachan: साईं के 10 अनमोल वचन, जो बदल देंगे जीवन जीने का नजरिया

भारत में हमेशा से गुरु सम्मान को सर्वोपरि रखा जाता है। शिरडी के साईं बाबा एक आध्यात्मिक गुरु थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन मानव कल्याण और इंसानियत के लिए समर्पित कर दिया। फकीर जीवन वाले साईं ने मानवता और आध्यात्म के संदेश से मानव जाति को जगाने का काम किया। साईं बाबा धर्म को नहीं मानते थे, वे निराकार में विश्वास रखते थे। उनका कहना था ‘सबका मालिक एक है।’ अपने चमत्कारों और नेक कार्यों से उन्होंने मानवता की सेवा की। उनके द्वारा दी गई शिक्षाएं प्रेम, क्षमा, दूसरों की मदद, दान, संतोष और ईश्वर की भक्ति पर केंद्रित हैं। आइये जानते हैं उनके द्वारा दिया गये अनमोल वचनों के बारे में, जो आपके जीवन जीने के नजरिये को बदल देंगे।

साईं के अनमोल वचन

1. अगर आप अपने घर में मिल जुलकर प्रेम से रहते हैं, तो आपका घर स्वर्ग के समान हो जाता है।

2. यहां सिर्फ एक ही जाति है, मानवता की जाति। एक ही धर्म है, प्रेम का धर्म। केवल एक ही भाषा है, हृदय की भाषा

3. जो बोओगे, वही काटोगे, इसलिए अच्छे कर्म करो। मोह माया के जाल में मत फंसो। अच्छे मार्ग पर चलते रहो, तुम्हारा कल्याण होगा।

4. हमारा जीवन बर्फ के एक टुकड़े की तरह है, जो हर पल पिघल रहा है। इससे पहले की वो खर्च होता जाये, उसे दूसरों की सेवा में लगा दो।

5. आप एक व्यक्ति नहीं है, बल्कि आप तीन हैं; पहला जो आप सोचते हैं कि आप हैं, दूसरा जो दूसरे सोचते हैं और तीसरा जो वास्तव में आप हैं।

6. मिलना-बिछड़ना तो जिंदगी का दस्तूर है, हम सब जानते हैं। फिर भी इंसान जब किसी को अपने दिल में जगह देता है, तो उससे बिछड़ते समय इंसान का दिल रोता है।

7. दीपक अपने अंत तक दूसरों के लिए जलता है और दूसरों की जिंदगी को प्रकाशित करता है। अंधेरे में रास्ता दिखाता है और जो रात के अंधेरे में काम करता है, उसको आगाह करता है कि ये मैं देख रहा हूं।

8. जीवन एक गीत है, इसे गाओ। जीवन एक खेल है, इसे खेलो। जीवन एक चुनौती है, इससे मिलो। जीवन एक सपना है, इसे साकार करो। जीवन एक यज्ञ है, इसे अर्पित करों। जीवन प्रेम है, इसका आनंद लो।

9. दीपक अपने अंत तक दूसरों के लिए जलता है और दूसरों की जिंदगी को प्रकाशित करता है। अंधेरे में रास्ता दिखाता है और जो रात के अंधेरे में काम करता है, उसको आगाह करता है कि ये मैं देख रहा हूं।

10. एक घर की नींव ठोस होनी चाहिए, अगर इसे लंबे समय तक टिका रहना है तो। वही सिद्धांत मनुष्य जीवन पर भी लागू होता है, वरना वह भी नरम जमीन में डूब जायेगा और भ्रम की दुनिया में बर्बाद हो जाएगा।