मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज गोरखपुर में हैं। उन्होंने कहा कि अब कोई थाने पर हमला नहीं कर सकता। थानों में अलग से बैरक हैं। हर समय वहां जवान रहते हैं। अब कोई सुरक्षा में सेंध लगाएगा तो उसका काम तमाम कर दिया जाएगा।
2017 में जब हम आए तो उस समय यूपी पुलिस में आधे से अधिक पद खाली थे। हमने 9 साल में 2 लाख 19 हजार से अधिक भर्ती की है।
इससे पहले सीएम ने सुरक्षा भवनों का उद्घाटन किया। इसे गोरखनाथ मंदिर क्षेत्र की सुरक्षा के लिए बनाया गया है। दोनों भवनों को बनाने में 9 करोड़ 18 लाख रुपये की लागत आई है। दोनों भवन एक-दूसरे से लगे हुए हैं। स्टिल्ट प्लस 4 तल के दोनों भवन बनाए गए हैं।
यहां अपर पुलिस अधीक्षक, पुलिस उपाधीक्षक कार्यालय एवं कंट्रोल रूम होगा। इसके साथ ही पुलिस स्टोर रूम एवं मेंटीनेंस वर्कशॉप भी इसमें बनाया गया है।
योगी बोले- 100 पुलिसकर्मी भवन में रह सकते हैं
योगी ने कहा कि 100 पुलिस कर्मी और अधिकारी एक साथ इस भवन में ठहर सकते हैं। यहां हर तरह की सुविधा होगी। प्रदेश में 55 जिले ऐसे हैं। जहां सबसे ऊंची बिल्डिंग होगी। पहले शिकायत आती थी कि पुलिस वाले ने मकान कब्जा कर लिया।
वह कब्जा नहीं करता था। उसके बच्चे की परीक्षा होती थी। उससे मकान खाली करने को कहते थे तो वह झुंझुलाकर कहता था कि अभी नहीं करेंगे।
सुशासन की पहली शर्त होती है सुरक्षा। इसके लिए सरकार के स्तर पर प्रयास किए जाते हैं। यह मान्यता होती थी कि सुरक्षा के लिए केवल पुलिस की भर्ती कर लो। लेकिन यदि पुलिस कर्मियों की ट्रेनिंग नहीं है तो वह भी एक साधारण आदमी है। इसलिए भर्ती की प्रक्रिया के बाद उसकी ट्रेनिंग हो।
उसके बाद जब वह अपनी ड्यूटी करे तो उस दौरान उसकी अवस्थापना सुविधाएं भी उस तरह की हों, इसका ध्यान नहीं दिया जाता था। इसका परिणाम होता था कि पुलिस का जवान अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं कर पाता था।
अब 200 गुना से अधिक सुविधाएं
सीएम बोले कि 2017 में जब सरकार में आए थे तो पुलिस की ट्रेनिंग की क्षमता एक समय में 3 हजार से अधिक नहीं थी। वर्तमान में जो अवस्थापना सुविधाओं का विकास हुआ है। उसका परिणाम है कि 60 हजार से अधिक पुलिस कर्मियों की ट्रेनिंग कर रहे हैं।
राज्य वही है। लेकिन अब 200 गुना से अधिक सुविधाएं हो गई हैं। पहले थाना, चौकी, पुलिस लाइन हो या पीएसी की वाहनी हो, कहीं भी पुलिस कार्मिकों के लिए आवासीय सुविधा नहीं होती थी। परिणाम होता था कि वह किराए पर रहता था या जैसे-तैसे अपना जीवन व्यतीत करता था।
हर पुलिस लाइन में 200 पुलिस कार्मिकों के लिए आवासीय सुविधा दी। थाने का क्या मॉडल होगा, गोरखनाथ थाने को देख सकते हैं। फायर टेंडर के लिए बिल्डिंग तेजी से बन रही है। जब अवस्थापना सुविधाओं का विकास हुआ तो उनकी कार्य की गति भी बढ़ी। इसका परिणाम रहा कि सुरक्षा का बेहतर मॉडल बना।