तेलंगाना में SC-ST सामान्य वर्ग से 3 गुना पिछड़े:राज्य की 242 में से 135 बहुत पिछड़ी; 3.55 लाख लोगों पर सर्वे

तेलंगाना में पिछले साल हुए जातिगत सर्वे की रिपोर्ट में अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लोग सामान्य वर्ग से 3 गुना पिछड़े हैं। वहीं, ओबीसी वर्ग 2.7 गुना पिछड़ा है। एससी का पिछड़ापन सूचकांक स्कोर 96, एसटी का 95 और ओबीसी का 86 है।

नियम कहता है कि स्कोर जितना ज्यादा होगा, पिछड़ापन उतना ही अधिक होगा। यानी तेलंगाना में इन जाति वर्ग की सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक स्थिति बहुत पिछड़ी है। सामान्य वर्ग का स्कोर 31 है, जो बेहतर स्थिति है। राज्य में 242 जातियां हैं। इनमें से 67% आबादी यानी 135 जातियां बहुत पिछड़ी हैं।

यह रिपोर्ट पूर्व जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी की अध्यक्षता वाले पैनल ने सर्वे के बाद तैयार कर राज्य सरकार को सौंपी है। सर्वे पिछले साल राज्य के 3.55 करोड़ लोगों के बीच कराया गया था।

सर्व की 7 बड़ी बातें

  • राज्य के 88.2% एसटी और 86.2% एससी परिवारों की सालाना आय 1 लाख से कम है। सामान्य वर्ग में यह संख्या 56.2% है।
  • सामान्य के 33% बच्चे निजी स्कूलों में जाते हैं, जबकि एससी/एसटी के 10% से कम।
  • 107 जातियों का स्कोर 81 से भी बहुत ज्यादा है। कुल आबादी में ये 29% हैं, यानी सबसे पिछड़े लोग।
  • 13.3% से ज्यादा घरों में शौचालय नहीं है। इनमें एससी के 18.8%, एसटी के 32.5% तो जनरल के 4.5% हैं।
  • कुल 21% घरों में नलों से पानी नहीं पहुंचता। ऐसे एससी के 19.7%, एसटी के 21%, सामान्य के 12.8% हैं।
  • 5.8% घरों में बिजली नहीं है। इनमें एसटी के 11%, एससी के 8.3%, ओबीसी के 4.7%, सामान्य के 2.7%।
  • सामान्य एवं अन्य जातियों में कार रखने वाले ओबीसी से 3 गुना, एससी-एसटी से करीब 5 गुना ज्यादा हैं।

सबसे पिछड़ा, सबसे संपन्न समुदाय कौन सा?

सबसे पिछड़ा है एससी वर्ग का दक्कल समुदाय (स्कोर 116)। सामान्य वर्ग का कापु समुदाय सबसे संपन्न (12) है। जैन का स्कोर 13 और ब्राह्मण का 22 है। 1 लाख से कम कमाने वाले एससी परिवार का पिछड़ापन स्कोर 49 है, जबकि उतनी ही आय वाले सामान्य परिवार का स्कोर केवल 16 है।