पानीपत कोर्ट ने 5 आरोपियों के भगोड़ा घोषित किया:एक राजस्थान का शामिल, पेश नहीं हुए मां-बेटे, गिरफ्तार करने के आदेश

पानीपत की जिला अदालतों ने न्याय प्रक्रिया में बाधा डालने और बार-बार बुलाने के बावजूद पेश न होने वाले अपराधियों पर बड़ा एक्शन लिया है। अलग-अलग मामलों की सुनवाई करते हुए जजों ने 5 आरोपियों को उद्घोषित अपराधी घोषित कर उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की नई धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं।

इनमें राजस्थान का एक नशा तस्कर और शहर के नामी इलाकों के निवासी शामिल हैं। कोर्ट ने सख्त लहजे में कहा है कि कानून से भाग रहे अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस दबिश दे।

राजस्थान का कन्ना गड़री बेल जंपर घोषित

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश योगेश चौधरी की कोर्ट ने नशा तस्करी (NDPS एक्ट) के एक पुराने मामले में कड़ा रुख अपनाया है। आरोपी कन्ना गड़री उर्फ किशन निवासी उदयपुर, राजस्थान जमानत मिलने के बाद से कोर्ट से गायब है।

कोर्ट ने उसे बेल जंपर घोषित करते हुए धारा 269 BNS के तहत केस दर्ज करने को कहा है। कोर्ट ने SHO को चेतावनी दी कि यदि एक हफ्ते में FIR की कॉपी नहीं मिली, तो उन्हें खुद आकर स्पष्टीकरण देना होगा। अब 15 मई 2026 तक उसे गिरफ्तार करने का लक्ष्य दिया गया है।

चेक बाउंस केस: साहिल और राजेश पर गिरी गाज

न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ. तरुण कुमार वर्मा की अदालत ने चेक बाउंस (NACT) के 2 अलग-अलग मामलों में आरोपियों को भगोड़ा घोषित किया। साहिल निवासी फ्रेंड्स कॉलोनी, पानीपत के खिलाफ धारा 82 CrPC के तहत प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे भगोड़ा घोषित किया गया।

वहीं, दूसरे मामले में राजेश निवासी सफीदों, जींद भी कोर्ट में पेश नहीं हुआ, जिसके बाद उसे उद्घोषित अपराधी घोषित किया गया। दोनों के खिलाफ धारा 209 BNS के तहत FIR दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं।

सेक्टर 11-12 के मां-बेटे भी भगोड़ा घोषित

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट CJM महेन्द्र सिंह की कोर्ट ने स्टेट बनाम सुरेन्द्र मामले में बड़ी कार्रवाई की। आरोपी सुरेन्द्र कौर और धर्मबीर निवासी हुडा सेक्टर 11-12, पानीपत है। कोर्ट ने पाया कि दोनों आरोपी जानबूझकर छिपे हुए हैं। उन्हें उद्घोषित अपराधी घोषित करते हुए पुलिस को उनके खिलाफ धारा 209 BNS के तहत मुकदमा दर्ज करने और उनकी संपत्तियों का ब्यौरा जुटाने के आदेश दिए गए हैं। थाना शहर पानीपत में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

कोर्ट के आदेश का मुख्य अंश

कोर्ट इस बात से संतुष्ट है कि आरोपी जानबूझकर फरार हैं। अब इनकी गवाही इनके बिना शुरू की जाएगी और पुलिस इन्हें गिरफ्तार कर जल्द पेश करे।