भाजपा नेता के श्रीगंगानगर-जयपुर के ठिकानों पर ED की छापेमारी:विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी थे, भाई और पत्नी नगर परिषद चेयरमैन रहे

राजस्थान भाजपा के नेता और शराब कारोबारी अशोक चांडक के यहां प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छापेमारी है। चांडक के श्रीगंगानगर और जयपुर के ठिकानों पर शुक्रवार सुबह 5 बजे ईडी की टीमें पहुंची थीं।

चांडक ने साल 2018 में कांग्रेस की टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा था। उनकी पत्नी और भाई भी श्रीगंगानगर नगर परिषद की चेयरमैन रहे हैं।

चांडक परिवार जून 2025 में भी चर्चा में आया था। उन्होंने रोहित गोदारा गैंग के खिलाफ केस दर्ज कराया था। उनका आरोप था कि गैंग ने उनसे 30 करोड़ की फिरौती मांगी है।

घर, ऑफिस और ट्रस्ट समेत कई ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई

सूत्रों के अनुसार, ED की कई टीमों ने श्रीगंगानगर में एक साथ कई ठिकानों पर रेड की। अलग-अलग टीमें अशोक चांडक के शिवा वाइन, चंद्रकला चैरिटेबल ट्रस्ट के ऑफिस में पहुंची थी। चांडक के शहर के निकुंज विहार और जवाहर नगर में रहने वाले रिश्तेदारों के यहां भी जांच की जा रही है।

सूत्रों के अनुसार ED की टीम ने जयपुर के वैशाली नगर में अशोक चांडक के रिश्तेदारों के घरों पर भी छापेमारी की है। वहां भी कारोबार से जुड़े डॉक्यूमेंट्स की जांच की जा रही है।

क्यों हुई ED की छापेमारी?

शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग या आर्थिक अनियमितताओं से जुड़े मामले में की जा रही है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। टीमें विभिन्न स्थानों पर सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।

रोहित गोदारा ने मांगी थी 30 करोड़ की फिरौती

साल 2025 में 17 जून को अशोक चांडक के बिजनेस पार्टनर आशीष गुप्ता पर फायरिंग हुई थी। इसके बाद अशोक चांडक और उनके बेटे राघव चांडक को रोहित गोदारा और हैरी बॉक्सर के नाम से धमकी भरे कई कॉल आए थे।

कॉल करने वालों ने 30 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी और रकम नहीं देने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी। फिर 24 जून को राघव के मोबाइल पर भेजे गए एक मैसेज में आशीष गुप्ता पर हुई फायरिंग का जिक्र किया गया।

इसमें गैंग से जुड़े कुछ लोगों के नाम लिखे गए। इसके बाद अशोक चांडक ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।