SDM थप्पड़कांड में टोंक जेल में बंद नरेश मीणा की शनिवार को अचानक तबीयत बिगड़ गई। जेल में प्राथमिक जांच के बाद उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच दोपहर 12.28 बजे टोंक के सआदत अस्पताल ले जाया गया, जहां उनको ICU में एडमिट किया गया।
डॉक्टर ने नरेश मीणा की जरूरी जांचें करवाई। उनकी ईसीजी नॉर्मल आई। इसके बाद खून की जांचें करवाई गई। जिला हॉस्पिटल में कार्डियोलॉजिस्ट नहीं होने पर डॉक्टर ने उनको जयपुर के SMS हॉस्पिटल रेफर कर दिया।
उधर, नरेश मीणा के समर्थक पूर्व सरपंच आरडी गुर्जर ने आरोप लगाया कि नरेश मीणा को 7-8 दिन से सीने में दर्द था, लेकिन समय पर उनका इलाज नहीं कराया गया। सरकार जेल प्रशासन के जरिए नरेश मीणा की जान को खतरे में डाल रही है और हत्या करवाना चाहती है।
डॉक्टर बोले- ICU में एडमिट कर इलाज कर रहे
पीएमओ डॉ. प्रतीक सालोदिया ने बताया- नरेश मीणा की सीने में दर्द की शिकायत पर जेल प्रशासन ने अस्पताल भेजा था। उनको ICU में एडमिट कर जांच करवाई गई। उनकी ईसीजी नॉर्मल आई।
इसके बाद खून की जांचें करवाई गई। इसके बाद शाम करीब 7:40 बजे कार्डियोलॉजिस्ट को दिखाने के लिए जयपुर के सवाई मान सिंह हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया।
समर्थक अस्पताल पहुंचे, जेल प्रशासन पर आरोप
नरेश मीणा की तबीयत बिगड़ने की जानकारी मिलते ही उनके समर्थक सआदत हॉस्पिटल पहुंचने लगे। समर्थकों ने जेल प्रशासन पर इलाज में जानबूझकर देरी करने का आरोप लगाया। पूर्व सरपंच आरडी गुर्जर के अनुसार, नरेश मीणा को 7-8 दिन से सीने और पीठ में दर्द था। इसके बाद भी उनका इलाज नहीं कराया गया।
उन्होंने कहा- 22 अगस्त को पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा नरेश मीणा से जेल में मिलने पहुंचे थे। उस दौरान नरेश मीणा ने बातचीत में सीने में दर्द होने की बात कही थी। इसके बाद गुढ़ा ने मीडिया में बयान दिया था कि नरेश मीना की तबीयत ठीक नहीं है। उनको अस्पताल में भर्ती कराकर इलाज करवाना चाहिए।
कर्नल किरोड़ी बैंसला की बेटी सुनीता ने जताई थी चिंता
पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा के मीडिया में दिए बयान के बाद गुर्जर समाज के दिग्गजत नेता स्वर्गीय कर्नल किरोड़ी बैंसला की बेटी सुनीता बैंसला ने नरेश मीणा की तबीयत को लेकर चिंता जताई थी।
सुनीता बैंसला ने 25 अगस्त को X पर पोस्ट में लिखा था- टोंक जेल में बंद नरेश मीणा के स्वास्थ्य को लेकर मिल रही खबरें बेहद चिंताजनक हैं। समाचार पत्रों के अनुसार नरेश मीणा के सीने में दर्द और चक्कर आने जैसी स्वास्थ्य समस्याओं की बात सामने आई है।
राजस्थान सरकार से अनुरोध है कि यथाशीघ्र उनके स्वास्थ्य की पूरी जांच-पड़ताल की जाए। उन्हें उचित और समय पर चिकित्सीय इलाज प्रदान किया जाना चाहिए।