गोरखपुर यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन कर रहे छात्रों को दरोगा ने हड़काया। हाथ दिखाकर चिल्लाते हुए कहा- इतनी फोर्स मंगाऊंगा कि ठंडा कर दूंगा, बता दे रहा हूं। यह गोरखपुर पुलिस है। ये शांतिपूर्ण आंदोलन नहीं है। छात्र कॉलर पकड़ने पर उतारू हैं। क्या यही नियम है धरने का?
यूनिवर्सिटी के छात्र अपनी मांगों को लेकर 5 सितंबर से भूख हड़ताल पर हैं। सोमवार को असिस्टेंट प्रॉक्टर वेद प्रकाश राय छात्रों से बातचीत करने पहुंचे। आरोप है कि छात्रों ने उनसे अभद्रता और धक्का-मुक्की की। पुलिस ने प्रॉक्टर को बाहर निकाला। इसी दौरान विश्वविद्यालय पुलिस चौकी प्रभारी अविरल मिश्रा भड़क गए।
इसका वीडियो सामने आने के बाद गोरखपुर पुलिस ने कहा-
छात्र बातचीत के दौरान उग्र हो गए थे। पुलिस ने छात्रों से असिस्टेंट प्रॉक्टर को बचाया। पुलिस ने स्थिति पर काबू पाया। मामले की जांच के बाद कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
25 अगस्त से चल रहा है छात्रों का धरना
दीन दयाल यूनिवर्सिटी में 25 अगस्त से 20 छात्र धरने पर बैठे हैं। 5 सितंबर से उन्होंने भूख हड़ताल शुरू कर दी। छात्र प्रशासन से 6 मांगें पूरी करने की मांग कर रहे हैं।
इनकी मांगें हैं…
- 2 साल पहले निलंबित किए गए 3 छात्रों का निलंबन वापस लिया जाए। छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय की नीतियों और छात्र समस्याओं के खिलाफ आवाज उठाने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई थी।
- छात्रसंघ चुनाव लंबे समय से चुनाव नहीं हुए हैं, जबकि छात्रों से छात्रसंघ शुल्क लिया जा रहा है। इसलिए दोबारा चुनाव कराए जाएं।
- छात्रावासों में मेस और दूसरी मूलभूत सुविधाओं की स्थिति सुधारी जाए। छात्रों को गुणवत्तापूर्ण भोजन और जरूरी सुविधाएं मिलें।
- पीएम-उषा योजना के तहत विश्वविद्यालय में कराए जा रहे कार्यों और उनके आवंटन की प्रक्रिया की जांच कराई जाए।
- छात्रों का आरोप है कि परीक्षा एजेंसी डिग्री और अंकपत्र के नाम पर उनसे पैसे मांगती है। इसकी जांच कराई जाए और अनियमितता मिलने पर जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो।
- छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय ने वन विभाग से 1,200 पेड़ काटने की अनुमति ली थी, लेकिन इसकी आड़ में 3 हजार से ज्यादा पेड़ काट दिए गए। कटाई पर रोक लगाई जाए।
1 घंटे तक हंगामा चला, पुलिस ने छात्रों को शांत कराया
- छात्रों का आंदोलन बढ़ता देखकर मंगलवार दोपहर ढाई बजे असिस्टेंट प्रॉक्टर वेद प्रकाश राय और अन्य प्रोफेसर छात्रों से बातचीत करने पहुंचे। छात्र नेता सतीश प्रजापति और उज्ज्वल सिंह से बातचीत की। कहा कि धरना खत्म कर दें, विश्वविद्यालय आपकी मांगों पर विचार कर रहा है।
- छात्र नेताओं ने कहा कि जब तक हमें लिखित आश्वासन नहीं मिलता है, तब तक धरना जारी रहेगा। इसी दौरान छात्रों और प्रोफेसर में कहासुनी होने लगी। छात्रों के नेताओं के साथ बैठे अन्य छात्र विश्वविद्यालय के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। देखते-देखते मामला बढ़ गया।
- मौजूद लोगों के मुताबिक, कुछ ही देर में धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। इसी बीच, पुलिस और विश्वविद्यालय के गार्ड मौके पर पहुंच गए। प्रॉक्टर को छात्रों के बीच से निकाला। किसी तरह से छात्रों को शांत कराया। करीब 1 घंटे तक हंगामा चला। इसके बाद छात्र दोबारा प्रशासनिक भवन के बाहर धरने पर बैठ गए।