जयपुर में सांगानेर विधानसभा क्षेत्र का वार्ड नंबर 49 इस बार जयपुर नगर निगम चुनाव की हॉट सीट बन गया है। यहां मुकाबला सिर्फ दो पार्षद प्रत्याशियों के बीच नहीं, बल्कि भाजपा और कांग्रेस के दिग्गजों की प्रतिष्ठा से भी जुड़ गया है।
भाजपा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के करीबी माने जाने वाले मौजूदा पार्षद मुकेश शर्मा ‘काका’ को दोबारा मैदान में उतारा है, जबकि कांग्रेस ने नगर निगम के पूर्व नेता प्रतिपक्ष और चेयरमैन रह चुके धर्मसिंह सिंघानिया पर दांव लगाया है।
दोनों ही प्रत्याशी दूसरी बार चुनावी मैदान में हैं और अपने-अपने राजनीतिक रसूख, संगठन और व्यक्तिगत जनसंपर्क के दम पर सीट कब्जाने का दावा कर रहे हैं। भाजपा की घोषित सूची में वार्ड 49 से मुकेश शर्मा ‘काका’ और कांग्रेस की सूची में धर्मसिंह सिंघानिया आमने-सामने हैं।
मुकेश बोले- विपक्ष की कोई फाइट नहीं
भाजपा प्रत्याशी मुकेश शर्मा का कहना है कि पार्टी ने एक स्थानीय और पुराने कार्यकर्ता को मैदान में उतारा है। उन्होंने कहा कि सांगानेर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का विधानसभा क्षेत्र है और यहां सरकार के कामकाज को लेकर जनता में सकारात्मक माहौल है। मुकेश का दावा है कि विपक्ष चुनावी माहौल बनाने के लिए बाहर से लोगों को बुला रहा है, लेकिन धरातल पर मुकाबला एकतरफा है।
मुकेश शर्मा ने अपने पिछले कार्यकाल के काम गिनाते हुए कहा कि वार्ड में नई सड़कों का निर्माण हुआ है और सीवर लाइन डालने का काम भी किया गया है। परिसीमन के बाद वार्ड में कुछ नया क्षेत्र जुड़ा है, जहां पहले कांग्रेस का पार्षद था। मुकेश के मुताबिक, इस नए हिस्से का विकास उनकी प्राथमिकता रहेगा।
उन्होंने कहा कि इलाके में चोरी की घटनाएं बढ़ना भी चिंता का विषय है। ऐसे में कॉलोनियों में सीसीटीवी कैमरे लगवाना और रात के समय पुलिस गश्त बढ़वाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है।
BJP में भीतरघात नहीं
चुनाव में भाजपा कार्यकर्ताओं में नाराजगी और भीतरघात के सवाल पर मुकेश शर्मा ने इसे सिरे से खारिज किया। उनका कहना है कि वे भाजपा के पुराने कार्यकर्ता हैं और पार्टी के सभी समर्पित कार्यकर्ता पूरी ताकत से चुनाव में जुटे हुए हैं। उन्होंने संकेत दिया कि संगठन की एकजुटता ही वार्ड 49 में भाजपा की सबसे बड़ी ताकत है।
सिंघानिया बोले- पहले सबसे ज्यादा वोटों से जीता था, अब जनता फिर मैदान में लाई
दूसरी ओर कांग्रेस प्रत्याशी धर्मसिंह सिंघानिया ने वार्ड 49 के मुकाबले को सीधे तौर पर हॉट सीट करार दिया। सिंघानिया ने कहा कि जब वे पांच साल पहले चुनाव लड़े थे, तब सबसे ज्यादा वोटों से जीतने वाले पार्षदों में रहे और पूरे कार्यकाल में जनता के मुद्दों को लेकर सड़क पर संघर्ष किया। उनका दावा है कि जनता के आग्रह पर ही वे दोबारा चुनाव मैदान में उतरे हैं और उन्हें लगातार लोगों का समर्थन मिल रहा है।
सिंघानिया ने कहा कि पिछले कार्यकाल में उन्होंने क्षेत्र में सबसे ज्यादा विकास कार्य करवाए और जनता के बीच रहकर काम किया। उनका कहना है कि लोग उन्हें इसलिए दोबारा मौका देना चाहते हैं क्योंकि उन्हें उनमें अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद दिखाई देती है।
मुकेश CM के खास हो सकते हैं, जनता के नहीं
धर्मसिंह सिंघानिया ने भाजपा प्रत्याशी मुकेश शर्मा पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि वे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के खास हो सकते हैं, लेकिन क्षेत्र की जनता के बीच उनकी छवि वैसी नहीं है। सिंघानिया का आरोप है कि वार्ड के लोग मूलभूत सुविधाओं को लेकर परेशान हैं और उनकी सुनवाई नहीं होती। उन्होंने दावा किया कि मुकेश शर्मा पांच साल में जनता के बीच सक्रिय नहीं रहे और आम लोगों के फोन तक नहीं उठाते।
सिंघानिया ने कहा कि वार्ड को ऐसा पार्षद चाहिए जो जनता के बीच रहे, उसकी समस्याएं सुने और जरूरत पड़ने पर सड़क पर उतरकर संघर्ष करे। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस इस चुनाव में पूरी मजबूती से मैदान में है और भाजपा को हर मोर्चे पर कड़ी टक्कर दी जा रही है।
सिर्फ वार्ड की सीट नहीं, दोनों दलों की प्रतिष्ठा का सवाल
वार्ड 49 में लड़ाई इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि दोनों उम्मीदवारों की अपनी राजनीतिक पहचान है। मुकेश शर्मा दूसरी बार पार्षद पद के लिए चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि धर्मसिंह सिंघानिया पहले नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष और चेयरमैन की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। ऐसे में एक तरफ मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र में भाजपा अपना दबदबा कायम रखने की कोशिश कर रही है, तो दूसरी तरफ कांग्रेस इस सीट को जीतकर सांगानेर में भाजपा के मजबूत किले में सेंध लगाने की कोशिश में है।
वार्ड 49 सामान्य सीट है। यहां लगभग 15 हजार 300 मतदाता हैं। वार्ड के चुनावी समीकरण में ब्राह्मण और जाट मतदाताओं की भूमिका अहम मानी जा रही है। दोनों प्रमुख प्रत्याशी इन्हीं सामाजिक समूहों से आते हैं। ऐसे में मुकाबला केवल पार्टी के वोट बैंक तक सीमित नहीं रहने वाला, बल्कि व्यक्तिगत पकड़, पुराने संपर्क, स्थानीय मुद्दों और सामाजिक समीकरणों पर भी काफी कुछ निर्भर करेगा।
वार्ड में सड़क, सीवर, सफाई, सुरक्षा, स्ट्रीट लाइट और नए जुड़े इलाकों का विकास प्रमुख चुनावी मुद्दे बनते दिखाई दे रहे हैं। सांगानेर के कई वार्डों में सड़क, जलभराव, सीवर और स्थानीय सुविधाएं इस चुनाव में प्रमुख मुद्दे बने हुए हैं।
अब असली सवाल यह है कि मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र में BJP अपने खास प्रत्याशी को दोबारा जिता पाती है या कांग्रेस के पुराने निगम नेता धर्मसिंह सिंघानिया भाजपा के गढ़ में सेंध लगा देते हैं। दोनों प्रत्याशियों के दावों के बीच वार्ड 49 में मुकाबला अब पूरी तरह आमने-सामने का बन चुका है और चुनाव परिणाम दोनों दलों के स्थानीय संगठन के लिए भी बड़ा संदेश देने वाला माना जा रहा है।