सरकारी जमीन पर कब्जों की जंग:आम रास्ता बंद करने की में आमने-सामने आए दो पक्ष; एक-दूसरे को बता रहे भूमाफिया, यूडीए सुस्त

सीसारमा पटवार क्षेत्र स्थित रामपुरा चौराहा-सीसारमा मार्ग की शिव कॉलोनी में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जों को लेकर दो पक्षों के बीच खींचतान चरम पर है। पूरा मामला आपसी रंजिश से जुड़ा है, जिसमें दोनों पक्ष एक-दूसरे पर सरकारी जमीन दबाने का आरोप लगा रहे हैं।

प्रशासनिक जांच में दोनों ही आरोपी पाए गए हैं। हैरानी ये कि बात-बात पर बुलडोजर चलाने का दावा करने वाला उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) नोटिस जारी करने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई करने से बच रहा है। 30 फीट सड़क बंद करने का आरोप, पंचायत ने माना अतिक्रमण : विवाद की शुरुआत तब हुई जब शिव कॉलोनी निवासी लक्ष्मीनारायण राठौड़ ने जिला स्तरीय जनसुनवाई में कलेक्टर गौरव अग्रवाल को ज्ञापन सौंपकर ब्रह्मपोल निवासी रोशनलाल तेली पर सार्वजनिक मार्ग रोकने का आरोप लगाया। शिकायत के अनुसार, रोशनलाल ने यूडीए व राज्य सरकार के स्वामित्व वाली खसरा नंबर 2441, 2442 आदि जमीन पर अवैध रूप से पक्की दीवार और 15×15 का टीन शेड बनाकर 30 फीट चौड़ी स्वीकृत सड़क ब्लॉक कर दी है। ग्राम पंचायत सीसारमा के सरपंच व सचिव ने भी 1975 के पट्टे व 1984 के नक्शे को फर्जी बताते हुए अतिक्रमण की पुष्टि की है।

सड़क ब्लॉक करने पर उठा विवाद, शिकायत करने वाले पर भी यूडीए की 3 हजार वर्गफीट मगरी दबाने का आरोप

पहला पक्ष (रोशनलाल तेली): शिव कॉलोनी में 30 फीट की स्वीकृत सड़क पर पक्की दीवार व टीन शेड ठोककर आम रास्ता बंद करने का आरोप। 2009 से 2023 के बीच कलेक्टर व यूडीए को 13 बार ज्ञापन दिए गए, पर कार्रवाई शून्य। दूसरा पक्ष (लक्ष्मीनारायण राठौड़): गोरेला के खसरा नंबर 764 में यूडीए की 3000 वर्ग फीट मगरी भूमि पर अवैध कब्जा कर सीमेंट गोदाम व दुकान चलाने की पुष्टि। बेदखली नोटिस जारी, लेकिन कार्रवाई तब अटकी हुई है।

केस दर्ज, दोनों पक्षों का दावा- शिकायतें झूठी हम बेदाग

मामले में दोनों ही पक्ष खुद को कानूनी रूप से सही बता रहे हैं। आरोपी रोशनलाल तेली का कहना है कि उसका शिकायतकर्ता से पुराना भूमि विवाद चल रहा है और दबाव बनाने के लिए उसके खिलाफ झूठी शिकायतें की जा रही हैं। जबकि यूडीए और हाईकोर्ट से उन्हें क्लीन चिट मिल चुकी है। वहीं दूसरी ओर, लक्ष्मीनारायण राठौड़ भी अपने खिलाफ हुई शिकायत को झूठा बता रहे हैं। साथ ही विवादित जमीन पर खुद का कानूनी हक होने का दावा कर रहे हैं।

जांच में दोनों अतिक्रमी, यूडीए कार्रवाई की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा

शिकायत दर्ज कराने वाले लक्ष्मीनारायण राठौड़ की खुद की परतें प्रशासनिक जांच में खुल चुकी हैं। संपर्क पोर्टल पर हुई शिकायत के बाद यूडीए के भूअभिलेख व भवन निरीक्षक ने 18 जून 2026 को मौका निरीक्षण किया। जांच व पंचनामे में खुलासा हुआ कि लक्ष्मीनारायण ने राजस्व ग्राम गोरेला के खसरा नंबर 764 (किस्म मगरी, रकबा 0.1400 हेक्टेयर) में यूडीए स्वामित्व की लगभग 3000 वर्ग फीट सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा है। यहां बिना स्वीकृति पक्की दुकान व सीमेंट गोदाम बनाकर व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है। यूडीए ने 27 जून 2026 को धारा 70 के तहत बेदखली का नोटिस थमाते हुए एकतरफा ध्वस्तीकरण की चेतावनी दी थी, लेकिन कार्रवाई अब तक अटकी हुई है।

नोटिस, पंचनामा और जांच रिपोर्ट, पर कार्रवाई नहीं

यूडीए की ओर से दोनों मामलों में नोटिस, पंचनामा और जांच रिपोर्ट तैयार की जा चुकी है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इसके बावजूद धरातल पर ध्वस्तीकरण की कोई कार्रवाई नहीं की गई।