बसपा प्रमुख मायावती ने भतीजे आकाश आनंद को 31 दिन बाद पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक बनाया है। 3 सितंबर को उन्हें पद से हटाया था। तब उन्होंने कहा था- आकाश को अभी और अधिक मैच्योर होने की जरूरत है।
मायावती अभी तक 3 बार आकाश को पद से हटा चुकी हैं। तीनों बार उन्हें वापस पद दिया गया है। इस बार आकाश के ससुर के राजनीति संन्यास के ऐलान के बाद उन्हें फिर से जिम्मेदारी दी गई है।
मायावती ने कहा था- आकाश डबल माइंड हो गए
मायावती ने आकाश को 10 सितंबर 2026 को पार्टी से निकाल दिया था। तब मायावती ने कहा था- उन्हें अपने ससुर से ज्यादा लगाव है। वह डबल माइंड हो गए हैं।
मायावती ने सोमवार (5 अक्टूबर) को ‘X’ पर लिखा-पार्टी के ज्यादातर लोगों का कहना था कि आकाश आनंद को उनकी पहले वाली जिम्मेदारियों के साथ पार्टी में दोबारा काम करने का मौका दिया जाए।
दरअसल, 2 अक्टूबर को आकाश आनंद ने X पर मायावती को अपना राजनीतिक गुरु, प्रेरणा और “बुआ मां” बताया था। उन्होंने लिखा था कि बसपा ही उनका परिवार है। वे किसी अन्य दल में नहीं जाएंगे।
उन्होंने अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास लेने के फैसले का भी समर्थन किया था। माना था कि मिशन और पार्टी से बड़ा कोई रिश्ता नहीं हो सकता।
मायावती ने आकाश को वापस लेने की जानकारी पोस्ट करके दी
- सोमवार को X पर किए अपने पोस्ट में मायावती ने कहा कि पार्टी में अनुशासन बनाए रखने के लिए मैंने पिछले कुछ दिनों में कई सख्त फैसले लिए हैं। इन फैसलों में मेरे अपने भाई-बहन और उनके परिवार के लोग भी अपवाद नहीं रहे।
- आकाश आनंद का पार्टी में व्यक्तित्व काफी हद तक ठीक रहा है। हालांकि, पिछले दिनों उनसे जुड़े कुछ ऐसे कारण रहे, जिनकी वजह से पार्टी संगठन में कई जरूरी बदलाव करने पड़े। आखिरकार उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ को राजनीति से संन्यास लेना पड़ा।
- इसके बाद आकाश आनंद के व्यक्तित्व और काम करने के तरीके में काफी बदलाव देखने को मिला है। इसका एक उदाहरण हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किया गया उनका पोस्ट है। जिसमें उन्होंने पार्टी में दोबारा काम करने की इच्छा जताई थी।
- आकाश आनंद के पिता आनंद कुमार और छोटे भाई ईशान आनंद ने भी इस पर सहमति जताई। ईशान आनंद ने कहा कि वह बिना किसी पद के भी पार्टी में जो भी जिम्मेदारी दी जाएगी, उसे पूरी ईमानदारी और निष्ठा से निभाएंगे।
- ऐसे में पार्टी ने काफी सोच-विचार के बाद पार्टी आकाश आनंद को फिर से बीएसपी का राष्ट्रीय संयोजक बनाने का फैसला लिया है। उन्हें दोबारा पार्टी में काम करने का मौका दिया जा रहा है।
आकाश ने लिखा- मुझे क्षमा किया, मैं तहे दिल से आपका आभारी
बसपा में वापसी के बाद रात करीब 9 बजे आकाश आनंद ने ‘X’ पर पोस्ट किया। लिखा- आपने मुझे क्षमा किया और बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी दोबारा सौंपी। इस भरोसे के लिए मैं तहे दिल से आपका आभारी हूं। इसे मैं हल्के में कभी नहीं ले सकता।
पिछले कुछ समय ने मुझे बहुत कुछ सिखाया। सबसे बड़ी सीख है कि यह मूवमेंट किसी एक व्यक्ति से कहीं बड़ा है। बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर और मान्यवर कांशीराम ने जो रास्ता दिखाया। जिस पर आपने अपना पूरा जीवन लगा दिया, उस पर चलना मेरा सौभाग्य है।
इसलिए आपके दिशा-निर्देशन में पार्टी और मूवमेंट का हित ही मेरे लिए सर्वोपरि रहेगा। मैं अपने सभी व्यक्तिगत हितों को त्याग कर, अनुशासन और पूरी निष्ठा के साथ, संगठन को मजबूत करने के लिए दिन-रात काम करूंगा। आपने मुझ पर भरोसा किया है। अब उसे अपने काम से सही साबित करना मेरी जिम्मेदारी है।
मायावती ने आकाश को कब-कब जिम्मेदारी दी और कब हटाया? जानिए
10 दिसंबर 2023- मायावती ने यूपी-उत्तराखंड के नेताओं की बैठक बुलाई। इसमें अपने सबसे छोटे भाई आनंद कुमार के बेटे आकाश को उत्तराधिकारी घोषित किया। 7 मई 2024 को आकाश की गलतबयानी की वजह से मायावती ने उनसे सभी जिम्मेदारियां छीन लीं। आकाश को उत्तराधिकारी पद के साथ ही नेशनल कोऑर्डिनेटर पद से हटा दिया। मायावती ने कहा कि आकाश अभी अपरिपक्व हैं।
47 दिन बाद मायावती ने अपना फैसला पलट दिया। 23 जून, 2024 को फिर से उत्तराधिकारी बनाया और नेशनल कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी सौंपी, लेकिन 2 मार्च, 2025 को उनसे फिर सारी जिम्मेदारियां छीन लीं।
3 मार्च, 2025- मायावती ने आकाश को पार्टी से बाहर कर दिया। कहा- आकाश को पश्चाताप करके अपनी परिपक्वता दिखानी थी। लेकिन वो अपने ससुर के प्रभाव में स्वार्थी, अहंकारी हो गए।
13 अप्रैल, 2026- मायावती ने आकाश को माफ कर दिया। कहा था- आकाश को उत्तराधिकारी नहीं बनाऊंगी। 3 महीने यानी 18 मई को आकाश को मायावती ने दोबारा से चीफ नेशनल को-ऑर्डिनेटर बनाया। कहा- आकाश को दूसरा मौका दिया जा रहा है। 29 अगस्त को पार्टी में राष्ट्रीय संयोजक का नया पद बनाकर आकाश को राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी थी।
3 सितंबर- मायावती ने राष्ट्रीय संयोजक पद से आकाश को हटाया था। कहा- उन्हें अभी और अधिक मैच्योर होने की जरूरत है।
9 सितंबर- आकाश आनंद को दोबारा जिम्मेदारियां सौंपने के लिए आकाश के ससुर के राजनीतिक जीवन से संन्यास लेने की शर्त रखी।
10 सितंबर- मायावती ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया था। कुछ घंटों बाद आकाश के ससुर अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति से संन्यास का ऐलान कर दिया था।
अब मायावती के हालिया फैसलों के बारे में पढ़िए
6 सितंबर: आकाश को हटाने के बाद मायावती ने भतीजे ईशान को 19 राज्यों में संगठन की समीक्षा की जिम्मेदारी दी।
13 सितंबर: मायावती ने ऐलान किया कि आकाश ही नहीं, बल्कि ईशान को भी पार्टी में कोई पद नहीं दिया जाएगा। भतीजी दीपिका आनंद को पार्टी में आगे बढ़ाने के संकेत दिए थे।
आकाश ने 2017 में राजनीति में की थी एंट्री
- 2017 में आकाश आनंद सहारनपुर की जनसभा में मायावती के साथ दिखे थे। इसके बाद वह लगातार पार्टी का काम कर रहे थे। 2019 में उन्हें नेशनल कोऑर्डिनेटर बनाया गया।
- इसके बाद बसपा-सपा का गठबंधन टूट गया। उस वक्त यह बात सामने आई थी कि आकाश के कहने पर ही मायावती ने गठबंधन तोड़ा।
- 2022 के हिमाचल विधानसभा चुनाव में पहली बार आकाश आनंद का नाम स्टार प्रचारकों की लिस्ट में आया था। आकाश ने लंदन से मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (MBA) की पढ़ाई की है।