अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में अब तीन गुना होंगे किडनी प्रत्यारोपण

दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में लंबे समय से बनकर तैयार सर्जरी ब्लाक में आखिरकार आंशिक रूप से ओपीडी शुरू कर दी गई है। इस वजह से जनरल सर्जरी के कुछ मरीजों को डाक्टर नए सर्जरी ब्लाक में देखने लगे हैं। इसके अलावा दो माइनर ओटी (आपरेशन थियेटर) का संचालन भी आंशिक तौर पर शुरू किया गया है। महीने के अंत तक जनरल सर्जरी की ओपीडी पूरी तरह नए सर्जरी ब्लाक में स्थानांतरित हो जाएगी और नए साल में इस ब्लाक में विभिन्न बीमारियों से पीड़ित मरीजों की सर्जरी भी शुरू हो जाएगी। इससे सर्जरी में वेटिंग की समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी, साथ ही किडनी प्रत्यारोपण तीन गुना हो जाएंगे।

एम्स के एक वरिष्ठ डाक्टर ने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया सर्जरी में वेटिंग की समस्या दूर करने के लिए इस ब्लाक में सभी चिकित्सा सुविधा जल्द शुरू कराना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने एम्स के निदेशक डा. रणदीप गुलेरिया को निर्देश भी दिया है। इसलिए कवायद तेज कर दी गई है। मौजूदा समय में जनरल सर्जरी में भी आपरेशन के लिए छह माह से लेकर दो साल तक की वेटिंग है। किडनी प्रत्यारोपण के लिए भी मरीजों को एक से डेढ़ साल तक इंतजार करना पड़ता है। इस वजह से मरीज की हालत बिगड़ने की आशंका रहती है। सर्जरी में वेटिंग अधिक होने का कारण यह है कि एम्स के मुख्य अस्पताल में जनरल सर्जरी के लिए सिर्फ चार आपरेशन थियेटर हैं। इस वजह से किडनी प्रत्यारोपण के लिए तीन वरिष्ठ फैकल्टी सहित कुल पांच सर्जन मौजूद होने के बावजूद मौजूदा समय में हर सप्ताह एम्स में सिर्फ एक मरीज का किडनी प्रत्यारोपण हो पाता है।

गौरतलब है कि किसी-किसी सप्ताह दो किडनी प्रत्यारोपण भी हो जाते हैं। सर्जरी ब्लाक में 200 बेड और 12 अत्याधुनिक आपरेशन थियेटर की सुविधा होगी। इसमें हर सप्ताह कम से कम तीन मरीजों की किडनी प्रत्यारोपण सर्जरी हो सकेगी। इसलिए हर महीने चार की जगह 12 मरीजों की सर्जरी हो सकेगी।

2015 में बना था नया ब्लाक

फरवरी 2014 में 1700 वर्ग मीटर में सर्जरी ब्लाक का निर्माण शुरू हुआ था और अप्रैल 2015 में ही बनकर तैयार होना था। पिछले कई सालों से इसका नौ मंजिला भवन तैयार है, लेकिन सर्जरी ब्लाक के नजदीक जेरियाटिक ब्लाक के निर्माण कार्य व कुछ अन्य कारणों से सर्जरी ब्लाक में अब तक इलाज की सभी सुविधाएं शुरू नहीं हो पाई हैं।

एक वरिष्ठ डाक्टर ने बताया कि इस माह के अंत तक भूतल पर स्थित पांच माइनर ओटी शुरू हो जाएंगे। इसके अलावा वार्ड को भी शुरू करने की तैयारी चल रही है। इस काम में डेढ़ से दो माह समय लग सकता है, क्योंकि कुछ चिकित्सा सामान और चिकित्सा उपकरण आना बाकी है। अगले साल मार्च की शुरुआत में 12 आपरेशन थियेटर शुरू हो जाएंगे। तब जिस सर्जरी के लिए मरीजों को दो साल इंतजार करना पड़ता है, उसकी सर्जरी छह से आठ माह में ही हो सकेगी।