करनाल के सेक्टर-12 स्थित झुग्गियों के पास पार्क में 4 नवंबर की रात एक युवक की डंडे से पीटकर हत्या कर दी गई। आरोप है कि युवक का परिचित उसे बातचीत करने के बहाने पार्क के एक कोने में ले गया और वहां उसके सिर पर लकड़ी के डंडे से कई वार किए।
शोर सुनकर युवक की बहन और अन्य लोग मौके पर पहुंचे तो आरोपी उन्हें जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गया। घायल युवक को पहले नागरिक अस्पताल और फिर कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक की बहन के बयान पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने आरोपी डोन के खिलाफ हत्या और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में केस दर्ज किया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) और 351(2) के तहत कार्रवाई शुरू की है।
रात को झुग्गियों में आया था आरोपी
पुलिस को दिए बयान में 19 वर्षीय आरती ने बताया कि वह मूल रूप से बिहार के समस्तीपुर की रहने वाली है और फिलहाल परिवार के साथ सेक्टर-12 करनाल की झुग्गियों में रहती है। वह कोठियों में साफ-सफाई का काम करती है। उसकी शादी अजीत से हुई है। परिवार में उसका भाई राहुल, माता और बहन भी साथ रहते हैं।
आरती के अनुसार, राहुल और डोन आपस में दोस्त थे। डोन भी मूल रूप से समस्तीपुर बिहार का रहने वाला है और फिलहाल करनाल की दुर्गा कॉलोनी में रहता है।
आरोप है कि 4 नवंबर की रात करीब 1 से 1:30 बजे डोन झुग्गियों में आया और राहुल से बातचीत करने लगा। इसके बाद वह राहुल को सेक्टर-12 के पार्क के एक कोने में ले गया। वहां दोनों के बीच कहासुनी हुई और डोन ने राहुल के साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोपी जोर-जोर से कह रहा था कि आज उसे जान से मार देगा।
डंडे से सिर पर किए कई वार
आरती ने बताया कि शोर सुनकर वह पार्क में पहुंची तो देखा कि डोन लकड़ी के डंडे से राहुल के सिर पर वार कर रहा था। उसके साथ रूपम और महेंद्र मुखिया का बेटा कन्हैया भी मौके पर पहुंच गए।
आरोप है कि तीनों को आता देखकर डोन राहुल को जान से मारने की धमकी देने लगा। उसने उन्हें भी धमकाया कि पकड़ने की कोशिश की तो उन्हें भी मार देगा। इसके बाद आरोपी कोर्ट एरिया की तरफ भाग गया। परिजनों ने उसे पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह हाथ नहीं आया।
सिर और मुंह पर लगी गंभीर चोटें
राहुल के सिर और मुंह पर गंभीर चोटें लगी थीं और वह बेहोशी की हालत में था। आरती, रूपम और कन्हैया उसे नागरिक अस्पताल करनाल लेकर पहुंचे। वहां से डॉक्टरों ने उसे कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर कर दिया।
परिजन एंबुलेंस से राहुल को मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
अस्पताल से सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस
4 नवंबर को सिविल लाइन थाना में तैनात SI राजेश कुमार को सूचना मिली थी कि राहुल लड़ाई में लगी चोटों के कारण नागरिक अस्पताल में भर्ती है। वह सिपाही सचेत के साथ अस्पताल पहुंचे, लेकिन इसी दौरान राहुल को मेडिकल कॉलेज रेफर किए जाने की सूचना मिली।
मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर पुलिस को अस्पताल से राहुल के मृत अवस्था में पहुंचने का रुक्का मिला। इसके बाद SI राजेश कुमार ने उसकी बहन आरती के बयान दर्ज किए। आरती ने आरोपी डोन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।
BNS की धारा 103(1) और 351(2) में केस दर्ज
आरती के बयान और अस्पताल से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने प्रथम दृष्टया हत्या और जान से मारने की धमकी देने का मामला पाया। इसके बाद सिविल लाइन थाना में आरोपी डोन निवासी समस्तीपुर, बिहार, हाल निवासी दुर्गा कॉलोनी करनाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) और 351(2) के तहत केस दर्ज किया गया।
मुकदमे की जांच के लिए कागजात और मूल शिकायत अनुसंधान अधिकारी को भेज दिए गए हैं। पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 194 के तहत भी कार्रवाई शुरू कर दी है।