बेटी के बॉयफ्रेंड के ताऊ को मार डाला:साथ चलने से किया था इनकार, फावड़े से हमला, एक साल पहले घर से भागी थी

बदायूं में गुरुवार को प्रेमी के ताऊ की प्रेमिका के पिता समेत 5 लोगों ने मिलकर हत्या कर दी। शाम करीब 6 बजे प्रेमी का ताऊ अवधेश घर से थोड़ी दूर स्थित घेर (द्वार) की सफाई कर रहे थे। इसी दौरान प्रेमिका के पिता समेत 5 लोग वहां पहुंच गए।

आरोपियों और अवधेश के बीच कहासुनी हुई। विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने फावड़े और धारदार हथियारों से उन पर हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से अवधेश जमीन पर गिर पड़े और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घेर से कुछ ही दूरी पर काम कर रहे उनके पिता ने चीख सुनी तो मौके पर पहुंचे। वहां अवधेश लहूलुहान हालत में पड़े थे। उन्होंने परिजनों और पुलिस को घटना की सूचना दी।

सूचना पर पुलिस फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंची। टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। मामले में पुलिस ने देर रात प्रेमिका के पिता समेत 5 लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया। घटना जिला मुख्यालय से 15 किमी दूर मूसाझाग थाना क्षेत्र के गुरगांव की है।

अब सिलसिलेवार समझिए पूरा मामला

गुरगांव के रहने वाले बालासहाय सिसोदिया (40) के बेटे अमन (23) का घर से 100 मीटर दूर रहने वाले मुनेंद्र सिसोदिया की बेटी मीनू (23) से अफेयर था। एक साल पहले अमन, मीनू को अपने साथ लेकर चला गया था।

बेटी के इस तरह घर छोड़ने पर मुनेंद्र ने अमन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। तभी से पुलिस दोनों की तलाश कर रही थी। इसी वजह से दोनों परिवारों के बीच विवाद बना हुआ था। अमन का परिवार भी गांव छोड़कर चला गया था।

बुधवार रात नोएडा में मिले दोनों, थाने लाई पुलिस

करीब एक साल बाद 4 नवंबर, बुधवार रात पुलिस को अमन और मीनू नोएडा में मिल गए। पुलिस दोनों को बरामद कर बदायूं ले आई। इसके बाद युवती को वन स्टॉप सेंटर में रखा गया। इसकी जानकारी मिलने पर उसके पिता मुनेंद्र परिजनों के साथ थाने पहुंच गए।

परिजनों ने मीनू को अपने साथ घर चलने के लिए समझाया, लेकिन वह तैयार नहीं हुई। उसने परिजनों के साथ जाने से इनकार कर दिया। युवती के इस फैसले से उसके परिजन नाराज हो गए।

गुरुवार शाम घेर में सफाई कर रहे थे अवधेश

गुरुवार शाम करीब 6 बजे अवधेश अपने घेर में सफाई कर रहे थे। इसी दौरान मुनेंद्र, अर्जुन, राजन, आर्येंद्र और अरविंद पहलवान वहां पहुंच गए। आरोप है कि पांचों ने अवधेश को घेर लिया और फावड़े व अन्य धारदार हथियारों से हमला कर दिया।

अचानक हुए हमले में अवधेश को संभलने का मौका तक नहीं मिला। गंभीर चोटें लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद पांचों आरोपी वहां से फरार हो गए। घेर से कुछ ही दूरी पर काम कर रहे अवधेश के पिता गंगाराम ने चीख सुनी तो मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।

अमन के जाने के बाद गांव में ही रुक गए थे अवधेश

परिजनों के मुताबिक, अवधेश अपने छोटे भाई दुर्वेश के साथ कई साल से दिल्ली में रहकर फैक्ट्री में काम करते थे। करीब एक साल पहले अमन के मीनू को लेकर चले जाने के बाद वह दिवाली पर गांव लौट आए थे। अमन का परिवार भी गांव छोड़ चुका था। ऐसे में खेती-किसानी की देखभाल के लिए अवधेश गांव में ही रुक गए थे।

अवधेश के परिवार में पत्नी पुष्पा और दो बेटे सुमित व विशाल हैं। दोनों बेटे ग्रेजुएशन कर चुके हैं और गांव में रहकर खेती-किसानी करते हैं।

शुक्रवार को कोर्ट में होना है मीनू का बयान

पुलिस ने नोएडा से बरामद मीनू को वन स्टॉप सेंटर में रखा है। शुक्रवार को कोर्ट में उसका बयान दर्ज कराया जाना है। पुलिस उसके बयान के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी। वहीं, अवधेश की हत्या के मामले में पांच लोगों को नामजद किया गया है।

पांच नामजद आरोपियों की तलाश में पुलिस

एसपी सिटी अभिषेक सिंह ने बताया कि अवधेश के परिजनों की शिकायत पर पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगाई गई हैं। जल्द ही सभी को गिरफ्तार किया जाएगा।