गुरुग्राम सहित एनसीआर के 64 बहुमंजिली इमारतों में घटिया निर्माण सामग्री की शिकायत, जांच के लिए कमेटी गठित

गुरुग्राम की चिंटेल्स पैराडिसो सोसायटी में हादसे के बाद हरियाणा सरकार के पास 64 बहुमंजिली इमारतों में घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल की शिकायत मिली हैं। यह शिकायतें राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में शामिल राज्य के शहरों में बनी बहुमंजिला सोसायटी से संबंधित हैं। इनमें सबसे ज्यादा 58 शिकायतें गुरुग्राम से हैं। झज्जर से तीन, फरीदाबाद से दो और सोनीपत से एक शिकायत मिली है।

आइआइटी रूड़की के विशेषज्ञ करेंगे गुरुग्राम की पांच परियोजनाओं का स्ट्रक्चरल आडिट

प्रदेश सरकार ने इन शिकायतों के निपटारे के लिए गुरुग्राम में अतिरिक्त जिलाधीश की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई है। यह कमेटी दिल्ली आइआइटी के विशेषज्ञों के साथ समन्वय कर गुरुग्राम हादसे के मूल कारण का पता लगाएगी। इसके अलावा भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए सुरक्षा उपायों के सुझाव भी देगी। कमेटी तीन माह में अपनी रिपोर्ट देगी। सरकार गुरुग्राम की पांच साेसायटी का स्ट्रक्चरल आडिट भी कराएगी। इसकी जिम्मेदारी आइआइटी रूड़की के विशेषज्ञों की टीम को दी गई है।

विधानसभा में कांग्रेस, इनेलो व निर्दलीय विधायकों के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर सरकार का जवाब

एनसीआर में शामिल राज्य के शहरों में बनी बहुमंजिली इमारतों में घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल का मुद्दा विधानसभा के बजट सत्र में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के रूप में जोरशोर से उठाया गया। रेवाड़ी से कांग्रेस विधायक चिरंजीव राव ने गुरुग्राम की चिंटेल्स पैराडिसो सोसायटी में 10 फरवरी को हुए हादसे में दो लोगों की मौत के बाद सुरक्षा के मद्देनजर यह मुद्दा सदन में उठाया। इस पर चर्चा के दौरान इनेलो के विधायक अभय सिंह चौटाला, कांग्रेस के नीरज शर्मा और निर्दलीय विधायक राकेश दौलताबाद ने हिस्सा लिया।

हरियाणा बिल्डिंग कोड 2017 में किया जाए बदलाव

बादशाहपुर के निर्दलीय विधायक राकेश दौलताबाद ने सदन में कहा कि चिंटेल्स सोसायटी उनके विधानसभा क्षेत्र में पड़ती है। हादसे की रात वह मौके पर ही थे। सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि हरियाणा बिल्डिंग कोड 2017 के अंतर्गत आडिट का प्रविधान नहीं है। यदि सरकार किसी तरह का आडिट कराती भी है तो कोर्ट में यह कहीं नहीं ठहरेगा।

राकेश दौलताबाद ने कहा कि सबसे ज्यादा जरूरत कंपलीशन के बाद स्ट्रक्चरल आडिट के लिए हरियाणा भवन निर्माण कोड-2017 में संशोधन करने की है। बीआर-फाइव फार्म में एक बार इंजीनियर के एक बार ही साइन होते हैं। उसके बाद बिल्डर अपने हिसाब से निर्माण करता रहता है, क्योंकि आडिट हो नहीं सकता।

दौलताबाद ने कहा कि आइआइटी से पूरे हरियाणा के लिए एक कुटेशन मांग ली जानी चाहिए, ताकि बिल्डर पर अधिक खर्च भी नहीं आए। दौलताबाद ने कहा कि गुरुग्राम बिल्डरों का पैसा कमाने का हब बन गया है। बिल्डिंग की बेसमेंट में पानी भरा रहता है। आडिट नहीं होने की वजह से बिल्डर मनमानी कर रहे हैं और लोग खौफ में जी रहे हैं। इस पर कृषि मंत्री जेपी दलाल ने सदन को बताया कि गुरुग्राम जिला नगर योजनाकार को निर्देशित किया गया है।

28 सोसायटी में बिना कंपलीशन के रह रहे लोग

गुरुग्राम हादसे के बाद सरकार ने राज्य की समस्त बहुमंजिला इमारतों के बारे में जमीनी रिपोर्ट ली तो सबसे चौंकाने वाले तथ्य यह सामने आए हैं कि चार शहरों की 28 सोसायटी में लोग बिना कंपलीशन के रह रहे हैं। इनमें 17 गुरुग्राम, सात फरीदाबाद, दो रेवाड़ी और दो सोनीपत में हैं। इन सोसायटी में बिना कंपलीशन के लोग कैसे रहने लगे, इसकी विस्तृत जांच के आदेश भी सरकार ने दिए हैं।

चिंटेल्स पैराडिसो सोसायटी हादसे में बिल्डर पर लगाई जाए हत्या के प्रयास की धारा

इनेलो विधायक अभय सिंह चौटाला ने कहा कि गुरुग्राम चिंटेल्स पैराडिसो सोसायटी हादसे में बिल्डर पर आइपीसी की धारा 304 के तहत मामला दर्ज हो। उन्होंने कहा कि यह हादसा बिल्डर की लापरवाही से हुआ है। इसमें यह भी तथ्य सामने आए हैं कि एक साल पहले जामिया मिलिया विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ ने इस बिल्डिंग को असुरक्षित माना था। इसके बाद भी इसका कंपलीशन कर दिया गया।

कंपलीशन के बाद होते हैं अवैध निर्माण

एनआइटी फरीदाबाद से कांग्रेस विधायक नीरज शर्मा ने सदन में कहा कि बहुमंजिला इमारतों के कंपलीशन में भी बड़ा भ्रष्टाचार होता है। कंपलीशन के बाद भी बहुमंजिला इमारतों में अवैध निर्माण होते हैं। इनके ऊपर कोई जांच नहीं की जाती है। नीरज ने कहा कि ऐसे कई उदाहरण हैं कि बहुमंजिला इमारतों के परिसर में कंपलीशन के बाद एक और फ्लोर का निर्माण हो जाता है। यदि बहुमंजिला इमारतों की कंपलीशन के बाद जांच की जाए तो यह पाया जाएगा कि वाणिज्यिक भवनों का अतिरिक्त निर्माण कर दिया गया है।