ईस्टर्न पेरिफेरल से जुड़ा दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे, दिल्ली-यूपी, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के लोगों का सफर हुआ आसान

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (National Highways Authority of India) ने बड़ा फैसला लेते हुए मंगलवार रात 12 बजे दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल के इंटरचेंज को खोल दिया है। इसके बाद इंटरचेंज खुलने से मेरठ एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल पर वाहनों का आना-जाना शुरू हो गया। इससे लाखों लोगों को बड़ी राहत मिली है। दरअसल, अब  मेरठ से वाया एक्सप्रेस-वे लोग आसानी से आगरा, गुरुग्राम, जयपुर, लुधियाना और दूसरे शहरों को आवागमन कर सकेंगे।

बता दें कि फिलहाल तक इंटरचेंज बंद होने से वाहन ईस्टर्न पेरिफेरल पर नहीं चढ़ पा रहे थे। यह इंटरचेंज डासना के पास कुशलिया में बना हुआ है। एनएचएआइ के परियोजना निदेशक मुदित गर्ग ने खुद जानकारी दी है कि बंद पड़े पांचों रैंप को ट्रैफिक के लिए खोल दिया गया है।

रैंप-1: मेरठ से आने वालों को कुंडली (सोनीपत) और पलवल की तरफ जाना है तो उनके लिए अलग रैंप हैं।

रैंप-2: कुंडली और पलवल की तरफ से आने वाले वाहन चालकों को मेरठ एक्सप्रेसवे पर चढ़ने के लिए अलग रैंप है।

रैंप-3: यूपी गेट से होते हुए दिल्ली से आने वाले वाहन चालक भी सोनीपत और पलवल जाने के लिए अलग रैंप का इस्तेमाल कर सकेंगे।

 रैंप-4: मेरठ, दिल्ली, सोनीपत और कुंडली की तरफ से आने वाले वाहन चालकों को यदि हापुड़, नोएडा या गाजियाबाद की तरफ जाना है तो वह इंटरचेंज से डासना टोल प्लाजा पर पहुंच जाएंगे।

रैंप-5: दिल्ली की तरफ से आने वाले वाहन मेरठ एक्सप्रेसवे के खंड तीन पर चढ़ जाएंगे।

उन्होंने बताया कि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे से ईस्टर्न-पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर जाने वाले पांचों रैंप मंगलवार देर रात को वाहनों के लिए खोल दिए गए हैं। डासना से आगे चौथे चरण के हिस्से में बनाए गए रैंप लंबे समय से बंद पड़े थे। यहां से वाहन चालकों को सोनीपत की ओर जाने, बागपत एवं दादरी की तरफ जाने में अब आसानी होगी। इसके साथ ही अब दिल्ली एवं अन्य शहरों से आने वाले वाहन चालकों को वापस नहीं लौटना पड़ेगा।

यहां पर बता दें कि एक अप्रैल से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे को वाहनों के लिए खोल दिया गया है। पहले दिन से ही वाहनों को आगे जाकर वापिस लौटना पड़ रहा था। इतना ही नहीं ईस्टर्न-पेरिफेरल के लिए इंटरचेंज करने में परेशानी हो रही थी। कई-कई किलोमीटर रांग साइड चलकर डासना एवं दुहाई की तरफ जाना पड़ रहा था।