अयोध्या विकास प्राधिकरण अब शहर में जल संकट को देखते हुए रेन वाटर हार्वेस्टिंग (वर्षा जल संचयन) को अनिवार्य बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। प्राधिकरण द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, नए भवनों के निर्माण में वर्षा जल संचयन प्रणाली लगाना जरूरी होगा।
अधिकारियों के मुताबिक, लगातार गिरते भूजल स्तर को सुधारने के लिए यह पहल की जा रही है। बड़े भवनों, कॉम्प्लेक्स, स्कूलों और सरकारी संस्थानों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम न होने पर सख्त कार्रवाई भी की जा सकती है।
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि भवन मानचित्र स्वीकृति के समय ही वर्षा जल संचयन का प्रावधान दिखाना होगा। इसके साथ ही पुराने भवनों में भी इस प्रणाली को लगाने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, रेन वाटर हार्वेस्टिंग से न सिर्फ पानी की बचत होती है, बल्कि भूजल स्तर भी तेजी से सुधरता है। आने वाले समय में इसे लागू करने के लिए व्यापक अभियान चलाने की योजना है। इसके अलावा प्रत्येक भवन में कम से कम एक पेड़ लगाना भी अनिवार्य होगा।
1558.68 करोड़ से होगा क्षेत्र का विकास
प्राधिकरण की हाल ही में हुई 90 वीं बोर्ड बैठक में यह निर्णय लिया गया है। बैठक में प्राधिकरण क्षेत्र में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आय-व्यय का बजट प्रस्तुत किया गया, जिसमें कुल लगभग 1558.68 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया। इस बजट को बोर्ड ने मंजूरी दे दी।