राहुल गांधी सोमवार को वडोदरा में ‘आदिवासी अधिकार संवाद’ कार्यक्रम में भाग लेंगे। इस सम्मेलन में आदिवासी क्षेत्रों से संबंधित मुद्दों पर चर्चा करने के लिए लगभग 1,000 आदिवासी डॉक्टर, इंजीनियर, गैर सरकारी संगठन (NGO) के सदस्य, कार्यकर्ता और बुद्धिजीवी शामिल होंगे।
कार्यक्रम का उद्देश्य आदिवासी समाज के अधिकारों के लिए लड़ाई तेज करना, सरकारी नौकरियों में प्रतिनिधित्व और मनरेगा व अन्य योजनाओं में कथित अनियमितताओं पर चर्चा करना है।
आगामी स्थानीय निकाय चुनावों और 2027 के गुजरात विधानसभा चुनाव के मद्देनजर यह दौरा कांग्रेस के लिए काफी अहम माना जा रहा है। सम्मेलन के बाद, राहुल गांधी पार्टी के राज्य नेतृत्व के साथ भी बैठक कर चुनावी तैयारियों की समीक्षा कर सकते हैं।
गुजरात कांग्रेस के नेता अमित चावडा ने कहा कि राहुल गांधी दोपहर 2 बजे वडोदरा एयरपोर्ट पहुंचेंगे और करीब एक घंटे बाद अजवा रोड स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार में होने वाले कार्यक्रम में शामिल होंगे। यहां गुजरात के विभिन्न क्षेत्रों से आदिवासी कार्यकर्ता और बुद्धिजीवी शामिल होंगे।
आदिवासी संस्कृति, शिक्षा और वनाधिकार कानून (Forest Rights Act) जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होगी। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक उत्थान से जुड़े कार्यकर्ता पैनल डिस्कशन में भाग लेंगे।
इसी महीने हो सकता है निकाय चुनाव का ऐलान
गुजरात में नगर निगम और जिला पंचायत चुनावों की घोषणा होने वाली है। राज्य विधानसभा का सत्र 25 मार्च को खत्म हो जाएगा। इसके बाद 26 मार्च गुजरात राज्य चुनाव आयोग लोकल बॉडी चुनावों के लिए शेड्यूल का ऐलान कर सकता है।
इससे पहले राहुल गांधी पिछले साल 12 सितंबर को जूनागढ़ पहुंचे थे, तब उन्होंनें सभी जिला अध्यक्षों के कार्यक्रम को संबोधित किया था। निकाय चुनाव के मद्देनजर राहुल गांधी के दौरे के बाद कांग्रेस के कुछ अन्य नेताओं के बीच गुजरात आने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
देश में आंदोलन की शुरुआत गुजरात से होगी: चावडा
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमित चावड़ा ने कहा कि देश में लोगों के संवैधानिक अधिकारों का हनन हो रहा है। हर तरफ से अतिक्रमण हो रहा है। सरकार रक्षा करने के बजाय समर्थन कर रही है। आदिवासी समुदाय के जल और वन भूमि के अधिकार छीने जा रहे हैं।
आज भी आदिवासी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की कमी है। आज भी आदिवासियों के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है। विकास बजट में भी भारी भेदभाव है। आदिवासियों के नाम पर आवंटित बजट में भ्रष्टाचार है।
गुजरात में आदिवासी समुदाय के लोग विभिन्न मुद्दों पर संघर्ष कर रहे हैं। यह समुदाय वर्तमान में संघर्षरत है। राहुल गांधी गुजरात के आदिवासी बहुल इलाकों में संघर्ष कर रहे युवाओं, महिलाओं, कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवी संगठनों के लोगों से सीधे संवाद करने के लिए गुजरात आ रहे हैं। गुजरात से ही देश में आदिवासी समुदाय के लिए आंदोलन की शुरुआत होगी।